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ललितपुर का 10.78 किमी बढ़ेगा दायरा, चौड़ी होंगीं सड़कें
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ललितपुर। जीआईएस आधारित जनपद महायोजना-2031 के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की 36वीं बोर्ड बैठक सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष और डीएम सहित अधिकारियों ने भाग लिया।
सहयुक्त नियोजक झांसी एसके पुष्कर्णा ने जनपद महायोजना-2031 के बारे में प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया कि वर्ष 1991 में ललितपुर नगर पालिका क्षेत्र एवं आसपास के 20 गांवों को विनियमित क्षेत्र के रुप में घोषित किया। विनियमित क्षेत्र का क्षेत्रफल लगभग 15.6 वर्ग किलोमीटर है। ललितपुर महायोजना 2031 हेतु प्रस्तावों में निम्न बिंदुओं को शामिल किया गया है। महायोजना 2011 में प्रस्तावित नगरीय क्षेत्र 16.73 वर्ग किमी को बढ़ाकर 27.51 किमी प्रस्तावित है, जो वर्ष 2031 तक प्रस्तावित जनसंख्या के लिए नियोजित है। महायोजना में आवासीय उपयोग के अंतर्गत 1664 हेक्टेयर भूमि का प्रावधान है, जिससे स्थानीय की आवश्यकता के साथ-साथ क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुरुप भी विकास हो सकेगा। महायोजना में व्यवसायिक उपयोग के अंतर्गत 41.33 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि महायोजना के तहत नगरीय क्षेत्र के बाहर सड़कों के दोनों ओर 30 मीटर चौड़ाई का प्रावधान कर सुचारु यातायात के लिए सुरक्षित करना है। जिसके पश्चात 300 मीटर चौड़ा हाईवे फैसिलिटी जोन प्रस्तावित किया जा रहा है।
डीएम आलोक सिंह ने कहा कि जिले की सरकारी जमीनों की सूची बना ली गई है। वर्तमान में जिन सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा है, उनको कब्जा मुक्त करने की कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि कार्यवाही के दौरान किसी गरीब व्यक्ति को क्षति न पहुंचे। उन्होंने निर्देश दिए कि तिथि निर्धारित कर प्रस्ताव हेतु सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की जाएं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि हरित पट्टी में जो निर्माण हैं, उन पर समान रुप से कार्यवाही की जाए, जो भी कॉलोनियां बनाई जा रही है। उनकी सड़कें कॉलोनी के तहत डाली जाएं।
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डीएम ने निर्देश दिए कि सूचना को जनपद की एनआईसी की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाए। ताकि आमजनमानस भी अवलोकन कर सके। बैठक के दौरान मौजूद अधिवक्ता ने डीएम के समक्ष अपनी-अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत किए, जिस पर डीएम ने निर्देश दिए कि सुझाव व आपत्तियां लिखित रुप में उपलब्ध करा दें। ताकि उन्हें महायोजना-2031 के प्रस्ताव में शामिल किया जा सके। इस मौके पर उप जिलाधिकारी सदर मोहम्मद आवेश, प्रोजेक्ट मैनेजर भार्गव, प्लानर दानिश मल्होत्रा, प्रभारी अधिशासी अभियंता जल निगम दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका निहालचंद्र मौजूद रहे।
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सहयुक्त नियोजक झांसी एसके पुष्कर्णा ने जनपद महायोजना-2031 के बारे में प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया कि वर्ष 1991 में ललितपुर नगर पालिका क्षेत्र एवं आसपास के 20 गांवों को विनियमित क्षेत्र के रुप में घोषित किया। विनियमित क्षेत्र का क्षेत्रफल लगभग 15.6 वर्ग किलोमीटर है। ललितपुर महायोजना 2031 हेतु प्रस्तावों में निम्न बिंदुओं को शामिल किया गया है। महायोजना 2011 में प्रस्तावित नगरीय क्षेत्र 16.73 वर्ग किमी को बढ़ाकर 27.51 किमी प्रस्तावित है, जो वर्ष 2031 तक प्रस्तावित जनसंख्या के लिए नियोजित है। महायोजना में आवासीय उपयोग के अंतर्गत 1664 हेक्टेयर भूमि का प्रावधान है, जिससे स्थानीय की आवश्यकता के साथ-साथ क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुरुप भी विकास हो सकेगा। महायोजना में व्यवसायिक उपयोग के अंतर्गत 41.33 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि महायोजना के तहत नगरीय क्षेत्र के बाहर सड़कों के दोनों ओर 30 मीटर चौड़ाई का प्रावधान कर सुचारु यातायात के लिए सुरक्षित करना है। जिसके पश्चात 300 मीटर चौड़ा हाईवे फैसिलिटी जोन प्रस्तावित किया जा रहा है।
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डीएम आलोक सिंह ने कहा कि जिले की सरकारी जमीनों की सूची बना ली गई है। वर्तमान में जिन सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा है, उनको कब्जा मुक्त करने की कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि कार्यवाही के दौरान किसी गरीब व्यक्ति को क्षति न पहुंचे। उन्होंने निर्देश दिए कि तिथि निर्धारित कर प्रस्ताव हेतु सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की जाएं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि हरित पट्टी में जो निर्माण हैं, उन पर समान रुप से कार्यवाही की जाए, जो भी कॉलोनियां बनाई जा रही है। उनकी सड़कें कॉलोनी के तहत डाली जाएं।
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डीएम ने निर्देश दिए कि सूचना को जनपद की एनआईसी की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाए। ताकि आमजनमानस भी अवलोकन कर सके। बैठक के दौरान मौजूद अधिवक्ता ने डीएम के समक्ष अपनी-अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत किए, जिस पर डीएम ने निर्देश दिए कि सुझाव व आपत्तियां लिखित रुप में उपलब्ध करा दें। ताकि उन्हें महायोजना-2031 के प्रस्ताव में शामिल किया जा सके। इस मौके पर उप जिलाधिकारी सदर मोहम्मद आवेश, प्रोजेक्ट मैनेजर भार्गव, प्लानर दानिश मल्होत्रा, प्रभारी अधिशासी अभियंता जल निगम दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका निहालचंद्र मौजूद रहे।