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घर-घर मनाएं महावीर जन्म कल्याणक

Sun, 25 Apr 2021 01:31 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 01:31 AM IST
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mahavir bhagwaan janm kalyarak
jain muni.jpg - फोटो : jain muni.jpg
ललितपुर। 25 अप्रैल को मनाई जाने वाली महावीर जयंती की पूर्व बेला पर प्रभावना जन कल्याण परिषद् (रजि.) के तत्वावधान में वैश्विक महामारी के दौर में भगवान महावीर के सिद्धांतों की प्रासंगिकता विषय पर आयोजित वर्चुअल गोष्ठी में वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान परिषद के निर्देशक जयकुमार निशांत (निर्देशक प्रागैतिहासिक क्षेत्र नवागढ़) ने कहा कि भगवान महावीर के जीवन संदेश ने चींटी और हाथी में समान प्राण, आत्मा, ईश्वर का हमें अनुभव दिया और संसार को प्रेम, अहिंसा, सहिष्णुता, करुणा, दया भाव से भर दिया।
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उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा को बडे़ व्यापक अर्थ में लिया है। प्राणियों का वध करना ही उनकी दृष्टि में हिंसा नहीं है, वरन जिन कारणों से दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचती हो, कष्ट और दुख पहुंचता हो वह सब हिंसा है। परिषद के अध्यक्ष सुनील शास्त्री सोजना ने बताया कि विश्व प्रभु भगवान महावीर अंतस चेतना के संवाहक थे एवं अहिंसक धर्म के परम उद्घोषक थे। विषय प्रवर्तन करते हुए संयोजक डॉ. सुनील संचय ललितपुर ने बताया कि महामारी को भगवान महावीर के सिद्धांत हराएंगे। जियो और जीने दो, पांच व्रत, अहिंसा, स्याद्वाद-अनेकांत उनके ऐसे सिद्धांत हैं जो महामारी के दौर में हमें संबल प्रदान कर सकते हैं। इस बार कोरोना के कारण हम भगवान महावीर का 2620 वां जन्म कल्याणक कुछ अलग तरह से मनाएं। अपने साधर्मी की मदद करें। दीन- दुखी तक सहायता पहुंचाएं। घर के बाहर जैन ध्वज लगाएं। हम सभी कोरोना से मुक्ति के लिए विशेष प्रार्थना करेंगे। महामंत्री प्रद्दुम्न शास्त्री जयपुर ने कहा कि अहिंसा परमो धर्म जैसे महान मूल्य की स्थापना कर महावीर स्वामी ने कहा कि सदाचार और नैतिकता का जीवन व्यतीत करते हुए व्यक्ति स्वयं ईश्वरत्व को प्राप्त कर सकता है। वरिष्ठ समाजसेवी व उपाध्यक्ष राजेश रागी बकस्वाहा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण, स्वच्छता और शुद्धता, जल संरक्षण, वृक्ष लगाओ, जनसंख्या नियंत्रण जैसे अभियान को गति प्रदान करने के लिए भगवान महावीर के सिद्धांत आज प्रासंगिक हो गए हैं। परिषद के संयोजक राजेन्द्र महावीर ने कहा कि हम सभी भगवान महावीर के जियो और जीने दो के संदेश को आत्मसात करते हुए घर पर रहें। कोषाध्यक्ष मनीष जैन विद्यार्थी ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा, सत्य, अचौर्य, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य के पांच महान सिद्धांतों की शिक्षा दी। इस महामारी के दौर में ये पांच सिद्धांत आपके बहुत काम आ सकते हैं। प्रचार मंत्री अनिल जैन (गुढ़ा) सागर ने कहा कि भगवान महावीर ने समस्त प्राणि-जगत के प्रति प्रेम और करुणा का संदेश दिया। इस दौरान भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
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