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मध्य प्रदेश आने जाने वाली बसों के संचालन पर लगा प्रतिबंध, सीमाओं से लौट रही बसें
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ललितपुर। लॉकडाउन के चलते मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के मध्य चलने वाली बसों के परिवहन पर सात मई तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके चलते न तो मध्य प्रदेश की बसें उत्तर प्रदेश में जा सकेंगी और न ही उत्तर प्रदेश की बसें मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर सकेंगी। ललितपुर से मध्य प्रदेश जाने वाली बसें मध्य प्रदेश की सीमा क्षेत्र के गांवों तक जाकर वापस लौट रही हैं या फिर अधिकांश बसों का संचालन सवारियां नहीं मिलने के कारण बंद कर दिया गया है।
ललितपुर चारों ओर से मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। इसके चलते ललितपुर से सागर, महरौनी व बानपुर होते हुए टीकमगढ़, ललितपुर से चंदेरी, गुना और ललितपुर से इंदौर व दतिया, ग्वालियर के लिए करीब 60 से 70 बसों का संचालन किया जाता है। लेकिन वर्तमान में कोरोना के प्रकोप के चलते मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सात मई तक लॉकडाउन किया गया है और मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के मध्य बस परिवहन का संचालन बंद कर दिया है। ऐसे में न तो मध्य प्रदेश से कोई बस उत्तर प्रदेश की सीमा में और न ही उत्तर प्रदेश की कोई बस मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर सकेगी।
ललितपुर से मध्य प्रदेश आने जाने वाली बसों का संचालन बंद होने से निजी बस सर्विस पर खासा असर पड़ा है। इसके चलते बहुत सी बसें मध्य प्रदेश की सीमा के पहले स्थित गांवों तक जाकर वापस लौट रही हैं, जबकि बहुत सी बसें सवारियां नहीं मिलने के कारण बंद हो गई हैं। वहीं, अब शादी समारोह में भी शामिल होने के लिए निर्धारित लोगों की बाध्यता के चलते बसों की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। ऐसे बस संचालकों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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कोरोना की वजह से बसों में अब काफी कम सवारियां ही जा रही हैं। लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बसों के संचालन पर प्रतिबंध लगने के बाद अधिकांश बसों का संचालन बंद हो गया है। कुछ बसें मड़ावरा, मदनपुर, महरौनी तक ही जाकर लौट रही हैं। वहीं, कोरोनाकाल में लोगों ने बसों की बुकिंग भी कराना बंद कर दिया है, जिससे बस संचालकों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
- मनीष अग्रवाल, अध्यक्ष बस यूनियन
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ललितपुर चारों ओर से मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। इसके चलते ललितपुर से सागर, महरौनी व बानपुर होते हुए टीकमगढ़, ललितपुर से चंदेरी, गुना और ललितपुर से इंदौर व दतिया, ग्वालियर के लिए करीब 60 से 70 बसों का संचालन किया जाता है। लेकिन वर्तमान में कोरोना के प्रकोप के चलते मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सात मई तक लॉकडाउन किया गया है और मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के मध्य बस परिवहन का संचालन बंद कर दिया है। ऐसे में न तो मध्य प्रदेश से कोई बस उत्तर प्रदेश की सीमा में और न ही उत्तर प्रदेश की कोई बस मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर सकेगी।
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ललितपुर से मध्य प्रदेश आने जाने वाली बसों का संचालन बंद होने से निजी बस सर्विस पर खासा असर पड़ा है। इसके चलते बहुत सी बसें मध्य प्रदेश की सीमा के पहले स्थित गांवों तक जाकर वापस लौट रही हैं, जबकि बहुत सी बसें सवारियां नहीं मिलने के कारण बंद हो गई हैं। वहीं, अब शादी समारोह में भी शामिल होने के लिए निर्धारित लोगों की बाध्यता के चलते बसों की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। ऐसे बस संचालकों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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कोरोना की वजह से बसों में अब काफी कम सवारियां ही जा रही हैं। लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बसों के संचालन पर प्रतिबंध लगने के बाद अधिकांश बसों का संचालन बंद हो गया है। कुछ बसें मड़ावरा, मदनपुर, महरौनी तक ही जाकर लौट रही हैं। वहीं, कोरोनाकाल में लोगों ने बसों की बुकिंग भी कराना बंद कर दिया है, जिससे बस संचालकों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
- मनीष अग्रवाल, अध्यक्ष बस यूनियन