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Lalitpur News: 57 लाख से बना मां कर्माबाई पार्क बदहाल, झूले टूटे, बच्चे असुरक्षित
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा तुवन मंदिर के पास बच्चों के लिए बनाया गया मां कर्माबाई पार्क बदहाल स्थिति में है। पार्क में बच्चों के खेलने और मनोरंजन की सुविधाओं में भारी अव्यवस्थाएं हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पार्क का उद्घाटन करीब चार वर्ष पहले हुआ था और इसके निर्माण पर 57 लाख 69 हजार रुपये का भुगतान किया गया था।
पार्क में बच्चों के कई झूले टूटे हुए हैं और उन पर जंग लगी है। मैदान में बड़ी घास उग आई है, जिससे गंदगी फैली है। सड़क बत्तियां भी खराब हैं; कुछ चालू हैं, कुछ बंद हैं और कई खंभों से बत्तियां गायब हैं। टूटे और जंग लगे झूलों से बच्चों को चोट लगने का खतरा बना रहता है। अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा की लगातार चिंता सता रही है। रखरखाव की कमी और नियमित सफाई व मरम्मत न होने से पार्क की स्थिति खराब हुई है। यह पार्क बच्चों के लिए निशुल्क है, लेकिन शाम को बड़े-बूढ़े भी इन झूलों का आनंद लेते हैं। क्षमता से अधिक वजन के कारण झूले टूट गए हैं।
बदहाली के मुख्य कारण
पार्क में रखरखाव का अभाव इसकी बदहाली का प्रमुख कारण है। नियमित सफाई और मरम्मत न होने से यह बच्चों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकता है। बच्चों के झूलों पर युवक-युवतियों के साथ उम्रदराज लोग भी झूलते हैं। इससे झूलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और वे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
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सुरक्षा और प्रबंधन पर सवाल
टूटे और जंग लगे झूले बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता रहती है। शाम ढलते ही पार्क में असामाजिक तत्व जुटने लगते हैं। उचित प्रबंधन के अभाव में सड़क बत्तियां सहित फव्वारे के नल, टोंटी और विद्युत उपकरण चोरी हो गए हैं।
पार्क में प्रकाश व्यवस्था का अभाव है, शाम के समय कम रोशनी रहती है। उचित प्रबंधन न होने के चलते झूले टूट चुके हैं। पार्क में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा दिखाई देती है। पार्क की मरम्मत कराकर झूलों को सुरक्षित बनाने, घास की कटाई और खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने की जरूरत है, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।-डॉ. दीपक पस्तोर
जब पार्क बनकर तैयार हुआ था, तब व्यवस्थाएं कुछ महीनों तक तो ठीक थीं। लेकिन अब टूटे हुए झूलों पर बच्चों को झुलाने में डर लगता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए। नगर पालिका प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।-अखिलेश पाठक
मां कर्माबाई पार्क में झूले टूटे होने की जानकारी हुई है, जल्द झूलों की मरम्मत सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा।- दिनेश कुमार विश्वकर्मा अधिशासी अधिकारी पालिका परिषद ललितपुर।
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पार्क में बच्चों के कई झूले टूटे हुए हैं और उन पर जंग लगी है। मैदान में बड़ी घास उग आई है, जिससे गंदगी फैली है। सड़क बत्तियां भी खराब हैं
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बदहाली के मुख्य कारण
पार्क में रखरखाव का अभाव इसकी बदहाली का प्रमुख कारण है। नियमित सफाई और मरम्मत न होने से यह बच्चों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकता है। बच्चों के झूलों पर युवक-युवतियों के साथ उम्रदराज लोग भी झूलते हैं। इससे झूलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और वे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
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सुरक्षा और प्रबंधन पर सवाल
टूटे और जंग लगे झूले बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता रहती है। शाम ढलते ही पार्क में असामाजिक तत्व जुटने लगते हैं। उचित प्रबंधन के अभाव में सड़क बत्तियां सहित फव्वारे के नल, टोंटी और विद्युत उपकरण चोरी हो गए हैं।
पार्क में प्रकाश व्यवस्था का अभाव है, शाम के समय कम रोशनी रहती है। उचित प्रबंधन न होने के चलते झूले टूट चुके हैं। पार्क में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा दिखाई देती है। पार्क की मरम्मत कराकर झूलों को सुरक्षित बनाने, घास की कटाई और खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने की जरूरत है, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।-डॉ. दीपक पस्तोर
जब पार्क बनकर तैयार हुआ था, तब व्यवस्थाएं कुछ महीनों तक तो ठीक थीं। लेकिन अब टूटे हुए झूलों पर बच्चों को झुलाने में डर लगता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए। नगर पालिका प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।-अखिलेश पाठक
मां कर्माबाई पार्क में झूले टूटे होने की जानकारी हुई है, जल्द झूलों की मरम्मत सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा।- दिनेश कुमार विश्वकर्मा अधिशासी अधिकारी पालिका परिषद ललितपुर।