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कोरोना ने रद्द करायी 28 साल पुरानी जगन्नाथ रथयात्रा
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ललितपुर। कोरोना महामारी ने इस बार 28 साल से निकल रही जगन्नाथ रथयात्रा पर विराम लगा दिया है। मंदिर समिति ने प्रशासन की अनुमति के अनुरूप मंदिर के दरबार श्रद्घालुओं के लिए सिर्फ सोशल डिस्टेंस व मास्क पहनकर आने वालों के लिए ही दर्शनों के लिए खोलने का निर्णय लिया है।
श्री जगदीश मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है था कि जिला प्रशासन की मंशानुसार इस बार कोरोना महामारी को देखते ही 23 जून को निकाली जाने वाली श्रीजगन्नाथ रथयात्रा नहीं निकाली जाएगी। मंदिर समिति द्वारा रथयात्रा पिछले 28 सालों से निकाली जा रही है। लेकिन, इस बार कोरोना महामारी के चलते रद कर दी गई। रथयात्रा की पोशाकें तैयार कराई जा रही थीं और भगवान श्रीजगन्नाथजी, बलभद्रजी एवं बहन सुभद्राजी के रथों को रंगरोगन कर तैयार करने की तैयारी शुरु होने वाली थी, लेकिन इस बार जिला प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के कारण रथों को धर्मशाला के बंद कमरों से बाहर ही नहीं निकाला जा सका है।
मंदिर समिति ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर 50 श्रद्धालुओं के साथ रथयात्रा निकालने के लिए अनुमति मांगी थी। लेकिन, बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन द्वारा मंदिर समिति के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। अब रथयात्रा वाले दिन सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, लेकिन एक बार में सिर्फ पांच श्रद्घालु ही मंदिर में भगवान के दर्शनों के लिए प्रवेश कर सकेंगे। बैठक में समिति की ओर से चंद्रविनोद हुंडैत, सुधांशु शेखर हुंडैत, श्याम हुंडैत, विभाकांत हुंडैत, हृदेश हुंडैत, लल्लन हुंडैत, पीयूष हुंडैत उपस्थित रहे।
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श्री जगदीश मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है था कि जिला प्रशासन की मंशानुसार इस बार कोरोना महामारी को देखते ही 23 जून को निकाली जाने वाली श्रीजगन्नाथ रथयात्रा नहीं निकाली जाएगी। मंदिर समिति द्वारा रथयात्रा पिछले 28 सालों से निकाली जा रही है। लेकिन, इस बार कोरोना महामारी के चलते रद कर दी गई। रथयात्रा की पोशाकें तैयार कराई जा रही थीं और भगवान श्रीजगन्नाथजी, बलभद्रजी एवं बहन सुभद्राजी के रथों को रंगरोगन कर तैयार करने की तैयारी शुरु होने वाली थी, लेकिन इस बार जिला प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के कारण रथों को धर्मशाला के बंद कमरों से बाहर ही नहीं निकाला जा सका है।
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मंदिर समिति ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर 50 श्रद्धालुओं के साथ रथयात्रा निकालने के लिए अनुमति मांगी थी। लेकिन, बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन द्वारा मंदिर समिति के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। अब रथयात्रा वाले दिन सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, लेकिन एक बार में सिर्फ पांच श्रद्घालु ही मंदिर में भगवान के दर्शनों के लिए प्रवेश कर सकेंगे। बैठक में समिति की ओर से चंद्रविनोद हुंडैत, सुधांशु शेखर हुंडैत, श्याम हुंडैत, विभाकांत हुंडैत, हृदेश हुंडैत, लल्लन हुंडैत, पीयूष हुंडैत उपस्थित रहे।
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