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Lalitpur News: मेडिकल कॉलेज में बुखार के मरीजों की लंबी कतारें
Tue, 06 Oct 2026 01:05 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:05 AM IST
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ललितपुर। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीज बुखार के आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
बुखार और गले में खराश ठीक होने में दस दिन का समय लग रहा है। वहीं खांसी ठीक होने में 20 दिन तक का समय लग रहा है। इसके बाद भी शरीर में कमजोरी और थकान की शिकायत बनी रहती है। चिकित्सकों ने लोगों को सावधानी बरतने और बचाव करने की सलाह दी है। मेडिकल कॉलेज में बीमारियों के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। मेडिसिन विभाग में बुखार, जुकाम, खांसी और गले में खराश के अधिक मरीज आ रहे हैं। पीलिया और टाइफाइड जैसी समस्याओं के मरीज भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग में बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम, पीलिया और टाइफाइड के साथ निमोनिया के मरीज भी अधिक हैं।
वायरल संक्रमण की स्थिति
सहायक आचार्य विनय सोनी ने बताया कि वर्तमान में वायरल संक्रमण लोगों की समस्या बढ़ा रहा है। इसमें दवा लेने के आठ से दस दिन बाद भी बुखार नहीं उतर रहा है। बुखार जाने के बाद भी खांसी बनी रहती है। साथ ही कमजोरी के चलते शरीर में दर्द की समस्या भी बनी हुई है। इससे लोग अधिक परेशान रहते हैं।
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बचाव के उपाय
विनय सोनी ने लोगों को घबराने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी है। उन्होंने बिना परामर्श के दवा न लेने को कहा है। ठंडी वस्तुओं के सेवन से बचाव करने की हिदायत दी गई है। अधिक भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से भी बचाव करने को कहा गया है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।
इस तरह बचाव करें।
- ठंडे पेय पदार्थ के सेवन से बचाव करें।
- गले में खराश होने पर नमक के पानी से गरारे करें।
- तली वस्तुओं के सेवन से बचाव करें।
- नारियल पानी पीएं, फल खाएं।
- दाल, सब्जी, चपाती खाएं।
- गुनगुना पानी पीएं।
- मॉस्क का प्रयोग करें।
- हाथों को ठीक से साफ करें।
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बुखार और गले में खराश ठीक होने में दस दिन का समय लग रहा है। वहीं खांसी ठीक होने में 20 दिन तक का समय लग रहा है। इसके बाद भी शरीर में कमजोरी और थकान की शिकायत बनी रहती है। चिकित्सकों ने लोगों को सावधानी बरतने और बचाव करने की सलाह दी है। मेडिकल कॉलेज में बीमारियों के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। मेडिसिन विभाग में बुखार, जुकाम, खांसी और गले में खराश के अधिक मरीज आ रहे हैं। पीलिया और टाइफाइड जैसी समस्याओं के मरीज भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग में बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम, पीलिया और टाइफाइड के साथ निमोनिया के मरीज भी अधिक हैं।
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वायरल संक्रमण की स्थिति
सहायक आचार्य विनय सोनी ने बताया कि वर्तमान में वायरल संक्रमण लोगों की समस्या बढ़ा रहा है। इसमें दवा लेने के आठ से दस दिन बाद भी बुखार नहीं उतर रहा है। बुखार जाने के बाद भी खांसी बनी रहती है। साथ ही कमजोरी के चलते शरीर में दर्द की समस्या भी बनी हुई है। इससे लोग अधिक परेशान रहते हैं।
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बचाव के उपाय
विनय सोनी ने लोगों को घबराने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी है। उन्होंने बिना परामर्श के दवा न लेने को कहा है। ठंडी वस्तुओं के सेवन से बचाव करने की हिदायत दी गई है। अधिक भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से भी बचाव करने को कहा गया है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।
इस तरह बचाव करें।
- ठंडे पेय पदार्थ के सेवन से बचाव करें।
- गले में खराश होने पर नमक के पानी से गरारे करें।
- तली वस्तुओं के सेवन से बचाव करें।
- नारियल पानी पीएं, फल खाएं।
- दाल, सब्जी, चपाती खाएं।
- गुनगुना पानी पीएं।
- मॉस्क का प्रयोग करें।
- हाथों को ठीक से साफ करें।