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पगडंडी युग में जी रहे चक गांव के वाशिंदे

Tue, 24 Sep 2019 12:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2019 12:51 AM IST
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Living pagdandi chak village people
महरौनी के चक गांव में चारपाई पर मरीज को ले जाते ग्रामीण। - फोटो : LALITPUR
सिलावन। तहसील महरौनी के ग्राम पंचायत छपरट अंतर्गत चक गांव के निवासी पगडंडी युग में आवागमन करने को मजबूर हैं। मजेदार बात तो यह है कि प्रशासन गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ग्रामीणों को आवास तो स्वीकृत कर रही है, लेकिन गांव तक आवागमन के लिए पक्की सड़क बनवाने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों को कीचड़युक्त पगडंडी से होकर आना-जाना पड़ रहा है, सबसे अधिक परेशानी मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में होती है। ग्रामीणों ने डीएम से मार्ग पक्का कराए जाने की मांग की है।
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लगभग आठ सौ से अधिक आबादी वाले ग्राम चक तक पहुंचने के लिए पक्का मार्ग नहीं है। ललितपुर-महरौनी मार्ग से एक किलोमीटर दूर बसा ग्राम चक के निवासियों को गांव तक आने-जाने के लिए सेक्टर मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। अवैध कब्जा के कारण सेक्टर मार्ग ने पगडंडी का रूप ले लिया है, ग्रामीणों को मजबूरन पगडंडी से होकर गांव पहुंचना पड़ता है।
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बरसात के मौसम में कच्ची पगडंडी कीचड़युक्त हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट जाता है। सबसे अधिक परेशानी बीमार लोगों को उठानी पड़ती है। मार्ग कच्चा होने के कारण वाहनों का आवागमन नहीं होता है, इस कारण मरीजों को चारपाई पर लिटाकर कंधे पर लादकर मुख्यमार्ग तक लाना पड़ता है। इस वजह से मरीज को समय से इलाज भी नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से ऐसी ही स्थिति का सामना करते आ रहे हैं। मार्ग पक्का कराने की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या के निराकरण की ओर ध्यान नहीं दिया गया है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। बरसात में पगडंडी पर कीचड़ जमा हो जाता है, जिसके चलते आवागमन में दिक्कतें होती हैं। कई बार साइकिल कंधे पर लादकर मुख्य मार्ग तक आना पड़ता है। गांव के भैंरव प्रसाद, मुरलीधर, तुलसी, हरदास, डरू, रामप्रसाद, देवी, सेवक, जसरथ, बद्री, रामदास, लक्ष्मन, गनेश, भैय्यन, शिवचरन, सुरेश, मनीष, राकेश, सोबरन, जगत, संजय, शिवनारायन आदि ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि गांव की सुध लेकर मार्ग को पक्का कराया जाए।
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