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पालिका ने पुस्तकालय में शुरु कराया मरम्मत कार्य, प्रकाश को लगवाई लाइटें
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ललितपुर। शहर के सुपर मार्केट स्थित राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय में व्याप्त समस्याएं अमर उजाला समाचार में प्रकाशित होते ही पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद अधिकारियों ने लाइटें लगवा दीं हैं। मूत्रालयों में भी पाइप फिटिंग कर व लाइटें लगा दी गईं हैं। वहीं मरम्मत कार्य के दौरान बंद किए गए पुस्तकालय को पूर्ववत खोले जाने की मांग को लेकर तहसील पहुंच कर प्रदर्शन किया, जिसके बाद इसे खोल दिया गया है।
नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय अव्यवस्थाओं से जूझ रहा था। यहां पर युवाओं को पढ़ाई के लिए प्रकाश तक की व्यवस्था नहीं थीं। हालत यह थी कि 36 में 28 लाइटें खराब पड़ी हुईं थीं। ऐसे में पढ़ाई के लिए कुर्सिंयां इधर-उधर करना पड़ रही थी। साथ ही मूत्रालयों में पाइप टूटे पड़े थे। सीलिंग भी खराब थी। पेयजल तक की समस्या बनी हुई थी।
समस्या को लेकर अमर उजाला ने 15 सितंबर के अंक में पेज नंबर छह पर ‘पुस्तकालय में पढ़ने के लिए नहीं है किताब, पुस्तक प्रेमी उदास’ शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित किया था। इससे पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। पालिक प्रशासन ने पुस्तकालय का समय परिवर्तित कर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया। यहां पर अधिकांश टेबलों पर ट्यूब लाइटें लगवा दी गईं हैं। पर्याप्त मात्रा में प्रकाश की सुविधा हो गई है। सीलिंग की मरम्मत कराई जा रही है।
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बताया गया कि जल्द ही आएंगी डेढ़ हजार किताबें जबकि पुस्तकालय में मरम्मत कार्य के साथ ही किताबों की कमी भी तैयारी पूरी हो गई है। जल्द ही लाइब्रेरी को डेढ़ हजार नई किताबें मिलेंगीं। इसके साथ इसे भारत सरकार से जोड़ा जा रहा है। इससे जुड़ने पर प्रतिवर्ष तीन लाख रुपयेमरम्मत के लिए मिलेंगे। इससे किताबों के साथ ही अन्य कार्य भी पूरे होंगे।
पुस्तकालय बंद होने पर युवाओं ने किया प्रदर्शन
नगर पालिका ने मरम्मत के चलते पुस्तकालय को बंद कर दिया था। इससे दूसरे दिन युवाओं ने प्रदर्शन कर तहसील पहुंचे, जहां पर तहसील दिवस में प्रार्थनापत्र देकर पुस्तकालय के कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। साथ ही पुस्तकालय को खुलवाए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय में समस्याओं का बोलबाला बना हुआ है। इसका निराकरण कराया जाए।
पुस्तकालय में मरम्मत कार्य किया जा रहा है। लाइटें व पाइप फिटिंग कार्य हो गया है। सीलिंग का काम भी पूरा कराया जा रहा है।
निहाल चंद्र, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय अव्यवस्थाओं से जूझ रहा था। यहां पर युवाओं को पढ़ाई के लिए प्रकाश तक की व्यवस्था नहीं थीं। हालत यह थी कि 36 में 28 लाइटें खराब पड़ी हुईं थीं। ऐसे में पढ़ाई के लिए कुर्सिंयां इधर-उधर करना पड़ रही थी। साथ ही मूत्रालयों में पाइप टूटे पड़े थे। सीलिंग भी खराब थी। पेयजल तक की समस्या बनी हुई थी।
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समस्या को लेकर अमर उजाला ने 15 सितंबर के अंक में पेज नंबर छह पर ‘पुस्तकालय में पढ़ने के लिए नहीं है किताब, पुस्तक प्रेमी उदास’ शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित किया था। इससे पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। पालिक प्रशासन ने पुस्तकालय का समय परिवर्तित कर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया। यहां पर अधिकांश टेबलों पर ट्यूब लाइटें लगवा दी गईं हैं। पर्याप्त मात्रा में प्रकाश की सुविधा हो गई है। सीलिंग की मरम्मत कराई जा रही है।
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बताया गया कि जल्द ही आएंगी डेढ़ हजार किताबें जबकि पुस्तकालय में मरम्मत कार्य के साथ ही किताबों की कमी भी तैयारी पूरी हो गई है। जल्द ही लाइब्रेरी को डेढ़ हजार नई किताबें मिलेंगीं। इसके साथ इसे भारत सरकार से जोड़ा जा रहा है। इससे जुड़ने पर प्रतिवर्ष तीन लाख रुपयेमरम्मत के लिए मिलेंगे। इससे किताबों के साथ ही अन्य कार्य भी पूरे होंगे।
पुस्तकालय बंद होने पर युवाओं ने किया प्रदर्शन
नगर पालिका ने मरम्मत के चलते पुस्तकालय को बंद कर दिया था। इससे दूसरे दिन युवाओं ने प्रदर्शन कर तहसील पहुंचे, जहां पर तहसील दिवस में प्रार्थनापत्र देकर पुस्तकालय के कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। साथ ही पुस्तकालय को खुलवाए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय में समस्याओं का बोलबाला बना हुआ है। इसका निराकरण कराया जाए।
पुस्तकालय में मरम्मत कार्य किया जा रहा है। लाइटें व पाइप फिटिंग कार्य हो गया है। सीलिंग का काम भी पूरा कराया जा रहा है।
निहाल चंद्र, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद