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Lalitpur News: गौना रेंज के मामदा में तेंदुआ ने बकरी को बनाया शिकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गौना रेंज के मामदा में तेंदुए ने बकरी को शिकार बनाया। तीन दिनों से गांव के आसपास उसके दहाड़ने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। ग्रामीणों ने इस विषय में कई बार वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन उन्होंने इस संबंध कोई कार्रवाई नहीं की।
जनपद विंध्याचल पर्वत की पहाड़ियों से घिरा है। वन क्षेत्र से आए दिन जंगली जानवर वहां से सटे गांवों में प्रवेश कर जाते हैं। विगत रोज ही देवगढ़ वन क्षेत्र के ग्राम गढ़ौली के जंगलों में तेंदुआ शिकारी के फंदे में फंस गया था। पूर्व में जब वह जानवरों को शिकार बना रहा था, तो वन विभाग लकड़बग्घा की बात कहकर टाल रहा था। ऐसा ही ग्राम मामदा में हो रहा है। वन विभाग के कर्मचारी इन घटनाओं में लकड़बग्घा होने की बात कहकर टाल रहे हैं। ग्राम मामदा में भरत सिंह यादव रविवार को अपनी बकरियों को जंगल की ओर चराने के लिए ले जा रहा था। वह गांव के बाहर निकला था कि उसे पीछे चल रही बकरी की मिमियाने की आवाज सुनाई दी। उसने देखा तो तेंदुआ बकरी को खींचकर झाड़ियों की ओर ले जा रहा था। वह चिल्लाता हुआ हाथ में कुल्हाड़ी लेकर तेंदुए की ओर दौड़ा तो वह बकरी को वहीं छोड़कर भाग गया, लेकिन तब तक बकरी मर चुकी थी। भरत ने बताया कि विगत दिवस शाम के समय भी उसकी एक बकरी को तेंदुआ जंगल की ओर खींच कर ले जा चुका है।
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रात भर तेंदुए के दहाड़ने की आवाजें सुनाई देती हैं। अंधेरा होने के बाद कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकलता। इस संबंध में कई बार वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन वह आसपास के क्षेत्र में भ्रमण कर लकड़बग्घा की बात कह कर चले जाते हैं। -अनिल कुमार, ग्रामीण।
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तेंदुआ कई बार जानवरों को शिकार बना चुका है। बच्चों को अकेले घरों से बाहर नहीं जाने दे सकते हैं। वन विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों को इस दहशत से निकालने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।-तिलक सिंह, ग्रामीण।
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गौना रेंज अंतर्गत मामदा में तेंदुए द्वारा बकरी का शिकार किए जाने की सूचना मिली है। वन कर्मियों को दिन-रात गश्त पर लगाया गया है। -शिरीन सिद्दकी, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
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ललितपुर। गौना रेंज के मामदा में तेंदुए ने बकरी को शिकार बनाया। तीन दिनों से गांव के आसपास उसके दहाड़ने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। ग्रामीणों ने इस विषय में कई बार वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन उन्होंने इस संबंध कोई कार्रवाई नहीं की।
जनपद विंध्याचल पर्वत की पहाड़ियों से घिरा है। वन क्षेत्र से आए दिन जंगली जानवर वहां से सटे गांवों में प्रवेश कर जाते हैं। विगत रोज ही देवगढ़ वन क्षेत्र के ग्राम गढ़ौली के जंगलों में तेंदुआ शिकारी के फंदे में फंस गया था। पूर्व में जब वह जानवरों को शिकार बना रहा था, तो वन विभाग लकड़बग्घा की बात कहकर टाल रहा था। ऐसा ही ग्राम मामदा में हो रहा है। वन विभाग के कर्मचारी इन घटनाओं में लकड़बग्घा होने की बात कहकर टाल रहे हैं। ग्राम मामदा में भरत सिंह यादव रविवार को अपनी बकरियों को जंगल की ओर चराने के लिए ले जा रहा था। वह गांव के बाहर निकला था कि उसे पीछे चल रही बकरी की मिमियाने की आवाज सुनाई दी। उसने देखा तो तेंदुआ बकरी को खींचकर झाड़ियों की ओर ले जा रहा था। वह चिल्लाता हुआ हाथ में कुल्हाड़ी लेकर तेंदुए की ओर दौड़ा तो वह बकरी को वहीं छोड़कर भाग गया, लेकिन तब तक बकरी मर चुकी थी। भरत ने बताया कि विगत दिवस शाम के समय भी उसकी एक बकरी को तेंदुआ जंगल की ओर खींच कर ले जा चुका है।
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रात भर तेंदुए के दहाड़ने की आवाजें सुनाई देती हैं। अंधेरा होने के बाद कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकलता। इस संबंध में कई बार वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन वह आसपास के क्षेत्र में भ्रमण कर लकड़बग्घा की बात कह कर चले जाते हैं। -अनिल कुमार, ग्रामीण।
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तेंदुआ कई बार जानवरों को शिकार बना चुका है। बच्चों को अकेले घरों से बाहर नहीं जाने दे सकते हैं। वन विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों को इस दहशत से निकालने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।-तिलक सिंह, ग्रामीण।
गौना रेंज अंतर्गत मामदा में तेंदुए द्वारा बकरी का शिकार किए जाने की सूचना मिली है। वन कर्मियों को दिन-रात गश्त पर लगाया गया है। -शिरीन सिद्दकी, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी