{"_id":"5984cf574f1c1bef2d8b47a1","slug":"land-mafia-of-lalitpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटों पर शिकंजा, बड़े भू-माफियाओं को माफी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटों पर शिकंजा, बड़े भू-माफियाओं को माफी
lalitpur
Updated Sat, 05 Aug 2017 01:17 AM IST
विज्ञापन
प्रशासन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर।
प्रदेश सरकार ने सरकारी और निजी जमीनों को कब्जा मुक्त करवाने के लिए तहसील स्तर पर एंटी भू-माफिया टीम का गठन किया है। गठन के बाद से जिला प्रशासन ने अभी तक लगभग 200 हेक्टेयर से अधिक की जमीन को चिह्नित किया है। इसमें से प्रशासन ने 51 हेक्टेयर शासकीय जमीन और 53 हेक्टेयर ग्रामसभा की जमीन को कब्जा मुक्त करवाया है। इसके अलावा कुछ भू-माफियाओं को चिह्नित भी किया है। इन सबके बाद भी प्रशासन के हाथ जिले के बड़े भू-माफियाओं तक नहीं पहुंच पाए हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश में विधानसभा के चुनाव के दौरान प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर भू-माफियाओं पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। पिछली सरकारों में सरकारी और निजी जमीनों पर हुए कब्जों के शिकार लोगों ने जमीनें मुक्त होने की उम्मीद जताई थी। सरकार बनने के बाद प्रदेश सरकार ने प्रदेश में सरकारी और निजी जमीनों को कब्जा मुक्त करवाने के लिए हर जिले में तहसील स्तर पर एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया। इस टास्क फोर्स का काम कब्जे की जमीनों को चिह्नित कर कब्जा मुक्त करवाया जाना था। ललितपुर में सभी विभागों से मिले ब्यौरे के आधार पर टास्क फोर्स ने जिले में लगभग 200 से अधिक हेक्टेयर शासकीय और ग्राम सभा की जमीन को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू दी। इस दौरान टीम ने कार्रवाई करते हुए 51 हेक्टेयर शासकीय जमीन और 53 हेक्टेयर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त करवा लिया है। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवा दिया है।
इस कार्रवाई के बाद भी प्रशासन के हाथ बड़े भू-माफियाओं तक नहीं पहुंच पाए हैं। सपा शासन काल में बेशकीमती जमीनों को जबरन और कौड़ियों के भाव खरीदकर गरीबों को सताने वाले आज भी प्रशासन की पकड़ से बाहर हैं। कानून की पेचीदियों का जमकर लाभ उठाने वाले यह नेता आज भी खूब फल-फूल रहे हैं। चंदेरा स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में 14 एकड़ जमीन कब्जा करने का मामला हो या फिर रानी बाग की बेशकीमती छह एकड़ जमीन हड़पने का मामला हो गया फिर तालाबपुरा स्थित छह एकड़ जमीन हड़पने का मामला हो। फरियादी आज भी अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, मामले न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण प्रशासन भी इन मामलों का निपटारा नहीं कर पा रहा है। तहसील दिवस या अन्य अधिकारियों के पास आने वाले फरियादियों में पचास प्रतिशत से अधिक शिकायती पत्र जमीन के कब्जे से संबंधित आते हैं। प्रशासन ने सिर्फ अभी तक सरकारी जमीनों को ही चिह्नित किया है और निजी जमीनों की ओर कोई कार्रवाई नहीं की है। इसका कारण मामलों का न्यायालय में विचाराधीन होना है। कानून की पेचीदियों का भू-माफिया लाभ उठा रहे हैं। फरियादी आज भी सरकारी अधिकारियों के चक्कर लगाकर परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
ये भू-माफिया हुए चिन्हित
तहसील गांव भू-माफिया जमीन
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मड़ावरा टीकरा सूरज सिंह पुत्र राजभान व 5.993 हेक्टेयर
भान सिंह पुत्र रामचरन
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मड़ावरा टीकरा जाहर पुत्र महेंद्र पाल
राजन पुत्र रामचरन 2.230 हेक्टेयर
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मड़ावरा सौंरई गिन्नी राजा पुत्र महिप
धर्मेंद्र पुत्र महिपाल 2.008 हेक्टेयर
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मड़ावरा सौंरई इंद्रपाल और महिपाल
पुत्रगण महेंद्र सिंह 1.955 हेक्टेयर
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महरौनी कस्बा प्रमोद कुमार बड़ौनिया पुत्र
रविंद्रनाथ बड़ौनिया 9.483 हेक्टेयर
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महरौनी सुनवाहा जानकी पुत्र मल्थू
होशियार सिंह पुत्र ज नकी 12.338 हेक्टेयर
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महरौनी गुगरवारा भान सिंह, कल्यान सिंह
पुत्रगण दशरथ
रामनरेश, रक्षपाल, सज्जन सिंह
पुत्रगण हल्के
मनोज पुत्र रतीराम
जाहर पुत्र करन 2.418 हेक्टेयर
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महरौनी गुगरवारा आशाराम, हरलाल पुत्रगण
निर्भय 2.007 हेक्टेयर
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
ललितपुर कल्यानपुरा खिलान, गिरवर
पुत्रगण मथरूप्रसाद यादव ञ 5.321 हेक्टेयर
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
ललितपुर कल्यानपुरा मलखान पुत्र लाड़ले 3.544 हेक्टेयर
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
ललितपुर कलरव पंचम सिंह पुत्र रावराजा 3.238 हेक्टेयर
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
पाली गुरयाना बड़े रज्जू, मुनमुन राजा उर्फ हल्के रज्जू
पुत्रगण हरपाल सिंह
बृजेंद्र सिंह नुत्र पंचम सिंह 0.809 हेक्टेयर
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
पाली देवरी सीताराम सिंह पुत्र भूपत सिंह कुर्मी 0.629 हेक्टेयर
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
वर्जन
------
जमीनों के चिह्नीकरण का काम चल रहा है। कब्जा चिह्नित होते ही उन्हें कब्जा मुक्त करवाया जा रहा है और कब्जा करने वाले माफियाओं पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
----------------------------
निजी जमीनों से संबंधित अधिकांश मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे में उन मामलों पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करवा सकता। इस कारण निजी जमीनों को चिह्नित करने में समस्या आ रही है।
महेश प्रसाद दीक्षित, एसडीएम ललितपुर
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने सरकारी और निजी जमीनों को कब्जा मुक्त करवाने के लिए तहसील स्तर पर एंटी भू-माफिया टीम का गठन किया है। गठन के बाद से जिला प्रशासन ने अभी तक लगभग 200 हेक्टेयर से अधिक की जमीन को चिह्नित किया है। इसमें से प्रशासन ने 51 हेक्टेयर शासकीय जमीन और 53 हेक्टेयर ग्रामसभा की जमीन को कब्जा मुक्त करवाया है। इसके अलावा कुछ भू-माफियाओं को चिह्नित भी किया है। इन सबके बाद भी प्रशासन के हाथ जिले के बड़े भू-माफियाओं तक नहीं पहुंच पाए हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश में विधानसभा के चुनाव के दौरान प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर भू-माफियाओं पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। पिछली सरकारों में सरकारी और निजी जमीनों पर हुए कब्जों के शिकार लोगों ने जमीनें मुक्त होने की उम्मीद जताई थी। सरकार बनने के बाद प्रदेश सरकार ने प्रदेश में सरकारी और निजी जमीनों को कब्जा मुक्त करवाने के लिए हर जिले में तहसील स्तर पर एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया। इस टास्क फोर्स का काम कब्जे की जमीनों को चिह्नित कर कब्जा मुक्त करवाया जाना था। ललितपुर में सभी विभागों से मिले ब्यौरे के आधार पर टास्क फोर्स ने जिले में लगभग 200 से अधिक हेक्टेयर शासकीय और ग्राम सभा की जमीन को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू दी। इस दौरान टीम ने कार्रवाई करते हुए 51 हेक्टेयर शासकीय जमीन और 53 हेक्टेयर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त करवा लिया है। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवा दिया है।
विज्ञापन
इस कार्रवाई के बाद भी प्रशासन के हाथ बड़े भू-माफियाओं तक नहीं पहुंच पाए हैं। सपा शासन काल में बेशकीमती जमीनों को जबरन और कौड़ियों के भाव खरीदकर गरीबों को सताने वाले आज भी प्रशासन की पकड़ से बाहर हैं। कानून की पेचीदियों का जमकर लाभ उठाने वाले यह नेता आज भी खूब फल-फूल रहे हैं। चंदेरा स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में 14 एकड़ जमीन कब्जा करने का मामला हो या फिर रानी बाग की बेशकीमती छह एकड़ जमीन हड़पने का मामला हो गया फिर तालाबपुरा स्थित छह एकड़ जमीन हड़पने का मामला हो। फरियादी आज भी अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, मामले न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण प्रशासन भी इन मामलों का निपटारा नहीं कर पा रहा है। तहसील दिवस या अन्य अधिकारियों के पास आने वाले फरियादियों में पचास प्रतिशत से अधिक शिकायती पत्र जमीन के कब्जे से संबंधित आते हैं। प्रशासन ने सिर्फ अभी तक सरकारी जमीनों को ही चिह्नित किया है और निजी जमीनों की ओर कोई कार्रवाई नहीं की है। इसका कारण मामलों का न्यायालय में विचाराधीन होना है। कानून की पेचीदियों का भू-माफिया लाभ उठा रहे हैं। फरियादी आज भी सरकारी अधिकारियों के चक्कर लगाकर परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
ये भू-माफिया हुए चिन्हित
तहसील गांव भू-माफिया जमीन
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मड़ावरा टीकरा सूरज सिंह पुत्र राजभान व 5.993 हेक्टेयर
भान सिंह पुत्र रामचरन
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मड़ावरा टीकरा जाहर पुत्र महेंद्र पाल
राजन पुत्र रामचरन 2.230 हेक्टेयर
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मड़ावरा सौंरई गिन्नी राजा पुत्र महिप
धर्मेंद्र पुत्र महिपाल 2.008 हेक्टेयर
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मड़ावरा सौंरई इंद्रपाल और महिपाल
पुत्रगण महेंद्र सिंह 1.955 हेक्टेयर
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महरौनी कस्बा प्रमोद कुमार बड़ौनिया पुत्र
रविंद्रनाथ बड़ौनिया 9.483 हेक्टेयर
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महरौनी सुनवाहा जानकी पुत्र मल्थू
होशियार सिंह पुत्र ज नकी 12.338 हेक्टेयर
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महरौनी गुगरवारा भान सिंह, कल्यान सिंह
पुत्रगण दशरथ
रामनरेश, रक्षपाल, सज्जन सिंह
पुत्रगण हल्के
मनोज पुत्र रतीराम
जाहर पुत्र करन 2.418 हेक्टेयर
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
महरौनी गुगरवारा आशाराम, हरलाल पुत्रगण
निर्भय 2.007 हेक्टेयर
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
ललितपुर कल्यानपुरा खिलान, गिरवर
पुत्रगण मथरूप्रसाद यादव ञ 5.321 हेक्टेयर
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
ललितपुर कल्यानपुरा मलखान पुत्र लाड़ले 3.544 हेक्टेयर
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
ललितपुर कलरव पंचम सिंह पुत्र रावराजा 3.238 हेक्टेयर
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
पाली गुरयाना बड़े रज्जू, मुनमुन राजा उर्फ हल्के रज्जू
पुत्रगण हरपाल सिंह
बृजेंद्र सिंह नुत्र पंचम सिंह 0.809 हेक्टेयर
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
पाली देवरी सीताराम सिंह पुत्र भूपत सिंह कुर्मी 0.629 हेक्टेयर
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
वर्जन
------
जमीनों के चिह्नीकरण का काम चल रहा है। कब्जा चिह्नित होते ही उन्हें कब्जा मुक्त करवाया जा रहा है और कब्जा करने वाले माफियाओं पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
----------------------------
निजी जमीनों से संबंधित अधिकांश मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे में उन मामलों पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करवा सकता। इस कारण निजी जमीनों को चिह्नित करने में समस्या आ रही है।
महेश प्रसाद दीक्षित, एसडीएम ललितपुर