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Lalitpur News: मुख्यालय में होम्योपैथिक अस्पताल को नहीं मिल सकी भूमि
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आयुष भवन स्थित होम्योपैथिक अस्पताल
ललितपुर। जनपद में होम्योपैथिक विभाग अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। यहां पर मुख्यालय के अस्पताल को भवन तो दूर भूमि तक नहीं मिल सकी है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के आयुष भवन में सीमित स्थान में संचालित हो रहा है। वहीं विभाग का कार्यालय भी सीएमओ कार्यालय परिसर के पुराने भवन के चल रहा है, जिसकी दीवारों से बालू तक गिरने लगी है।
वर्तमान में लोग मर्ज के उपचार के लिए एलोपैथ दवा की अपेक्षा होम्योपैथ व आयुर्वेद की ओर भी रुख कर रहे हैं। कारण इन दवाओं के सेवन से किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता है।
लेकिन जिला मुख्यालय पर स्थित होम्योपैथिक अस्पताल को अब तक निजी भवन नहीं मिल सका है। निजी भवन तो दूर अब तक भूमि तक चिह्नित नहीं हो सकी है। इसके चलते वर्तमान में अस्पताल मेडिकल काॅलेज के आयुष भवन में सीमित स्थान पर संचालित हो रहा है। हद तो यह है कि जब प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं।
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कार्यालय का कक्ष तक हुआ जर्जर
होम्योपैथिक का जिला कार्यालय सीएमओ कार्यालय परिसर के पुराने भवन में संचालित हो रहा है। इसकी मरम्मत व जीर्णोद्धार न होने से दीवारें जर्जर हालत में हो गई हैं। कार्यालय की दीवारों से बालू तक झड़ रही है। यही नहीं इसका फर्श तक नहीं है। महज पत्थर ही बिछे हुए हैं। ऐसे में कार्यालय की व्यवस्थाओं की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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होम्योपैथिक अस्पताल व कार्यालय के लिए अमरपुर हाईवे के पास जमीन चिह्नित की गई थी, जो शहर से अधिक दूर है। पास में ही जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
- डॉ. राजेश शाक्य, जिला होम्योपैथिक अधिकारी
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वर्तमान में लोग मर्ज के उपचार के लिए एलोपैथ दवा की अपेक्षा होम्योपैथ व आयुर्वेद की ओर भी रुख कर रहे हैं। कारण इन दवाओं के सेवन से किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता है।
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लेकिन जिला मुख्यालय पर स्थित होम्योपैथिक अस्पताल को अब तक निजी भवन नहीं मिल सका है। निजी भवन तो दूर अब तक भूमि तक चिह्नित नहीं हो सकी है। इसके चलते वर्तमान में अस्पताल मेडिकल काॅलेज के आयुष भवन में सीमित स्थान पर संचालित हो रहा है। हद तो यह है कि जब प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं।
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कार्यालय का कक्ष तक हुआ जर्जर
होम्योपैथिक का जिला कार्यालय सीएमओ कार्यालय परिसर के पुराने भवन में संचालित हो रहा है। इसकी मरम्मत व जीर्णोद्धार न होने से दीवारें जर्जर हालत में हो गई हैं। कार्यालय की दीवारों से बालू तक झड़ रही है। यही नहीं इसका फर्श तक नहीं है। महज पत्थर ही बिछे हुए हैं। ऐसे में कार्यालय की व्यवस्थाओं की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
होम्योपैथिक अस्पताल व कार्यालय के लिए अमरपुर हाईवे के पास जमीन चिह्नित की गई थी, जो शहर से अधिक दूर है। पास में ही जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
- डॉ. राजेश शाक्य, जिला होम्योपैथिक अधिकारी