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Lalitpur News: झमाझम बारिश से लबालब हुए ललितपुर के बांध, तीन के गेट खुले
Fri, 28 Aug 2026 11:46 PM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Fri, 28 Aug 2026 11:46 PM IST
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ललितपुर। जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश से बांधों में पानी की आवक हुई और इनके जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। जलस्तर निर्धारित करने के लिए शुक्रवार को कचनौंदा, जमड़ार और भावनी बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
मानसून सीजन में जिले में जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश हुई थी। इस कारण से जिले के सभी बांध खाली पड़े हुए थे। लेकिन अगस्त माह में जनपद में मानसून की अच्छी बारिश हुई और नदी-नालों के जरिए बांधों में पानी पहुंचने लगा और यह भरने लगे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों ने झमाझम बारिश हुई। इससे नदी-नाले उफान मारकर बहने लगे। वहीं बांधों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी और इनका जलस्तर बढ़ने लगा। चौदह में से अधिकतर बांधों का जलस्तर पूर्ण जलस्तर तक पहुंचने लगा है और जलस्तर निर्धारित करने के लिए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी भी की गई। शुक्रवार की दोपहर को कचनौंदा और जमड़ार बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। कचनौंदा बांध से 972 क्यूसेक और जमड़ार बांध से 1350 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों के जलस्तर की लगातार निगरानी करते रहे। अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद भी दोनों बांधों में पानी की आवक ज्यादा होती रही। इस कारण से देर शाम को कचनौंदा से 2930 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। वहीं भावनी बांध में पानी की आवक ज्यादा होने के बाद रात आठ बजे से 3078 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। वहीं अगस्त माह में मानसून की अच्छी बारिश होने से सिंचाई विभाग के साथ-साथ आमलोगों व किसानों ने राहत की सांस ली। नोडल/अधिशासी अभियंता भूपेश सुहेरा ने बताया कि बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। जलस्तर निर्धारित करने के लिए कचनौंदा और जमड़ार बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई।
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मानसून सीजन में जिले में जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश हुई थी। इस कारण से जिले के सभी बांध खाली पड़े हुए थे। लेकिन अगस्त माह में जनपद में मानसून की अच्छी बारिश हुई और नदी-नालों के जरिए बांधों में पानी पहुंचने लगा और यह भरने लगे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों ने झमाझम बारिश हुई। इससे नदी-नाले उफान मारकर बहने लगे। वहीं बांधों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी और इनका जलस्तर बढ़ने लगा। चौदह में से अधिकतर बांधों का जलस्तर पूर्ण जलस्तर तक पहुंचने लगा है और जलस्तर निर्धारित करने के लिए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी भी की गई। शुक्रवार की दोपहर को कचनौंदा और जमड़ार बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। कचनौंदा बांध से 972 क्यूसेक और जमड़ार बांध से 1350 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों के जलस्तर की लगातार निगरानी करते रहे। अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद भी दोनों बांधों में पानी की आवक ज्यादा होती रही। इस कारण से देर शाम को कचनौंदा से 2930 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। वहीं भावनी बांध में पानी की आवक ज्यादा होने के बाद रात आठ बजे से 3078 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। वहीं अगस्त माह में मानसून की अच्छी बारिश होने से सिंचाई विभाग के साथ-साथ आमलोगों व किसानों ने राहत की सांस ली। नोडल/अधिशासी अभियंता भूपेश सुहेरा ने बताया कि बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। जलस्तर निर्धारित करने के लिए कचनौंदा और जमड़ार बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई।
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