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Lalitpur: अब खेतों में 10 लाख के ड्रोन से शुरू हुआ कीटनाशक का छिड़काव, कृषि विभाग से पचास फीसदी मिली छूट
Tue, 24 Feb 2026 09:29 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 24 Feb 2026 09:29 PM IST
सार
कृषि ड्रोन पायलट रवि पाल ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव करने से दवा, पानी, समय और मेहनत की भी बचत होती है। कृषि ड्रोन का उपयोग अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक किफायती है।
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ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कृषि विभाग की यंत्रीकरण वितरण की योजना ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना शुरू कर दिया है। जनपद में विकास खंड मड़ावरा के ग्राम नीमखेरा में किसान ड्रोन की मदद से अपने खेतों में कीटनाशक छिड़काव कर रहा है। 10 लाख की कीमत के ड्रोन को खरीदने के लिए विभागीय योजना से उसे पांच लाख रुपये का अनुदान मिल गया। किसान का कहना है कि इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ता, साथ ही मेहनत और समय की भी बचत होती है।
जिले में अब खेती भी हाईटेक हो गई है। किसान अब आधुनिक तकनीक के यंत्रों का प्रयोग कर रहा है। कृषि विभाग द्वारा एसएनएएम योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रीकरण में कीटनाशक छिड़काव के लिए पचास फीसदी अनुदान पर किसानों को देने के लिए ड्रोन निकला था। इस योजना योजना में 22 अक्तूबर को किसानों द्वारा बुकिंग की गई थी, जिस पर विभाग द्वारा लाॅटरी निकाली गई, जिसमें विकास खंड मड़ावरा के नीमखेड़ा निवासी किसान नन्हेभाई का नाम आया। जिस पर कृषि विभाग से पचास फीसदी अनुदान मिलने पर किसान ने 9.98 लाख रुपये कीमत का ड्रोन खरीदा। इसमें किसान को 4.99 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ा, बाकी अनुदान कृषि विभाग की ओर से दिया गया। अब किसान इस ड्रोन से ही अपने खेतों में कीटनाशक का छिड़काव कर रहा है, जिसमें उसे कुछ ही मिनटों का समय लगता है।
किसान ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव करने पर खेतों में भी नहीं घुसना पड़ता। इस ड्रोन में खेतों का एरिया फिक्स करके उसमें निर्धारित मात्रा में पानी के साथ कीटनाशक डालकर आसानी से छिड़काव किया जाता है। इसमें कृषि ड्रोन पायलट रवि पाल ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव करने से दवा, पानी, समय और मेहनत की भी बचत होती है।
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ड्रोन से छिड़काव से यह हैं लाभ
ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव करने से सटीकता के साथ छिड़काव होता है। इससे फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। जल संसाधनों का संरक्षण भी किया जा सकता है। ड्रोन से छिड़काव करना किसान की सेहत के लिए भी सुरक्षित है, वह हानिकारक रासायनों के संपर्क में आने से बच जाता है। कृषि ड्रोन का उपयोग अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक किफायती है। जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि कर सकते हैं।
ये यंत्र अनुदान पर किए गए वितरित
कंबाइंड हार्वेस्टर, बुवाई और रोप के लिए न्यू मैटिक प्लांटर, ट्रैक्टर माउंटेड सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, गन्ना सेटल प्लांटर, फसल कटाई और प्रबंधन के लिए सुपर एसएमएएस के साथ कंबाइन हार्वेस्टर, रीपर कम बाइंडर, मृदा और फसल सुरक्षा के लिए रोटावेटर, कल्टीवेटर, जीरो-टिल सीड ड्रिल, मक्का शेलर, पॉपिंग मशीन, बैच ड्रायर, और तेल निकालने वाली इकाइयां।
इनका यह है कहना
जनपद में पहली बार ड्रोन मड़ावरा के ग्राम नीमखेरा निवासी किसान नन्हेंभाई ने खरीदा है, विभागीय योजना के तहत उसे पचास फीसदी अनुदान दिया गया है। कृषि विभाग की विभिन्न यंत्रीकरण की योजनाओं में किसानों को 40 से 50 फीसदी तक अनुदान पर यंत्र उपलब्ध कराए जाते हैं।-यशराज सिंह, उपनिदेशक कृषि
खेत में ड्रोन से होती कीटनाशक छिड़काव...
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जिले में अब खेती भी हाईटेक हो गई है। किसान अब आधुनिक तकनीक के यंत्रों का प्रयोग कर रहा है। कृषि विभाग द्वारा एसएनएएम योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रीकरण में कीटनाशक छिड़काव के लिए पचास फीसदी अनुदान पर किसानों को देने के लिए ड्रोन निकला था। इस योजना योजना में 22 अक्तूबर को किसानों द्वारा बुकिंग की गई थी, जिस पर विभाग द्वारा लाॅटरी निकाली गई, जिसमें विकास खंड मड़ावरा के नीमखेड़ा निवासी किसान नन्हेभाई का नाम आया। जिस पर कृषि विभाग से पचास फीसदी अनुदान मिलने पर किसान ने 9.98 लाख रुपये कीमत का ड्रोन खरीदा। इसमें किसान को 4.99 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ा, बाकी अनुदान कृषि विभाग की ओर से दिया गया। अब किसान इस ड्रोन से ही अपने खेतों में कीटनाशक का छिड़काव कर रहा है, जिसमें उसे कुछ ही मिनटों का समय लगता है।
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किसान ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव करने पर खेतों में भी नहीं घुसना पड़ता। इस ड्रोन में खेतों का एरिया फिक्स करके उसमें निर्धारित मात्रा में पानी के साथ कीटनाशक डालकर आसानी से छिड़काव किया जाता है। इसमें कृषि ड्रोन पायलट रवि पाल ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव करने से दवा, पानी, समय और मेहनत की भी बचत होती है।
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ड्रोन से छिड़काव से यह हैं लाभ
ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव करने से सटीकता के साथ छिड़काव होता है। इससे फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। जल संसाधनों का संरक्षण भी किया जा सकता है। ड्रोन से छिड़काव करना किसान की सेहत के लिए भी सुरक्षित है, वह हानिकारक रासायनों के संपर्क में आने से बच जाता है। कृषि ड्रोन का उपयोग अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक किफायती है। जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि कर सकते हैं।
ये यंत्र अनुदान पर किए गए वितरित
कंबाइंड हार्वेस्टर, बुवाई और रोप के लिए न्यू मैटिक प्लांटर, ट्रैक्टर माउंटेड सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, गन्ना सेटल प्लांटर, फसल कटाई और प्रबंधन के लिए सुपर एसएमएएस के साथ कंबाइन हार्वेस्टर, रीपर कम बाइंडर, मृदा और फसल सुरक्षा के लिए रोटावेटर, कल्टीवेटर, जीरो-टिल सीड ड्रिल, मक्का शेलर, पॉपिंग मशीन, बैच ड्रायर, और तेल निकालने वाली इकाइयां।
इनका यह है कहना
जनपद में पहली बार ड्रोन मड़ावरा के ग्राम नीमखेरा निवासी किसान नन्हेंभाई ने खरीदा है, विभागीय योजना के तहत उसे पचास फीसदी अनुदान दिया गया है। कृषि विभाग की विभिन्न यंत्रीकरण की योजनाओं में किसानों को 40 से 50 फीसदी तक अनुदान पर यंत्र उपलब्ध कराए जाते हैं।-यशराज सिंह, उपनिदेशक कृषि
खेत में ड्रोन से होती कीटनाशक छिड़काव...