फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   kushwaha vote bank

फिर भी नहीं हो सकी समाज की तरक्की

Mon, 13 Mar 2017 12:27 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Mon, 13 Mar 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
kushwaha vote bank
बीजेपी - फोटो : demo pic
जिले की विधानसभा सदर सीट पर कुशवाहा समाज से रामरतन कुशवाहा चौथे विधायक चुने गए हैं। इससे पहले इस कुशवाहा बहुल क्षेत्र में बसपा से समाज से तीन विधायक चुने जा चुके हैं। इसके बाद भी कुशवाहा समाज तरक्की की राह नहीं पकड़ सका है।
विज्ञापन


जिले की दोनों विधानसभा सीटों में 50-50 हजार से अधिक मतदाता हैं। जिसे राजनीतिक दलों ने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, जो कारगर साबित हुआ। सबसे पहले भाजपा के पूर्व सांसद राजेंद्र अग्निहोत्री ने नगर निकाय के चुनाव में इसका प्रयोग किया था। उस समय भाजपा ने नीलम वर्मा को नगर पालिका परिषद का चुनाव लड़ाया। इसमें उन्होंने शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद बहुजन समाज पार्टी ने अहिरवार और कुशवाहा समाज का फार्मूला तैयार किया। सदर सीट पर अहिरवार और कुशवाहा समाज का वोट लगभग 50-50 हजार के आसपास है। बसपा ने वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में दोनों समाज को साथ लेकर सदर सीट पर इंजी. नाथूराम कुशवाहा को मैदान में उतार दिया।
विज्ञापन



इसमें नाथूराम कुशवाहा को 78010 वोट मिले, जिसका वोट प्रतिशत 42.48 रहा। वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए और दिवंगत हो गए। जिस पर बसपा ने उप चुनाव (वर्ष 2009) में उनकी पत्नी सुमन कुशवाहा को लड़ाया। उन्होंने भी जीत दर्ज की। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सुमन कुशवाहा की जगह नए चेहरे के रूप में रमेश कुशवाहा सदर सीट पर उतार दिया। उन्होंने सपा उम्मीदवार चंद्रभूषण सिंह बुंदेला को हराकर कुशवाहा समाज के वजूद को साबित किया। वर्ष 2017 में बसपा ने इसी फार्मूले पर रमेश कुशवाहा की टिकट काटकर संतोष कुशवाहा को ललितपुर सीट पर लड़ाया तो भाजपा ने इसी जाति के रामरतन कुशवाहा को मुकाबले में खड़ा कर दिया। इस चुनाव में बसपा का फार्मूला फेल हो गया। इसका कारण कुशवाहा जाति का अधिकांश वोट भाजपा के पक्ष में खिसक गया। इस तरह रामरतन कुशवाहा ने सपा उम्मीदवार ज्योति सिंह को हराकर जीत दर्ज कर ली। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिले की सदर सीट पर एक के बाद एक कुशवाहा बिरादरी के विधायक चुने जा रहे हैं लेकिन समाज को अभी भी विकास के रास्ते खुलने का इंतजार है।      
विज्ञापन
विज्ञापन

     
स्वास्थ्य, शिक्षा व रोजगार की समस्या का समाधान करना प्राथमिकता में है। इससे सर्व समाज के लोग लाभान्वित होंगे।      
रामरतन कुशवाहा      
नवनिर्वाचित विधायक ललितपुर।      

सामाजिक स्तर पर लोगों को नशा, जुआ जैसी बुराइयों से दूर करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिक्षा से ही विकास के रास्ते खुलते हैं। हालांकि नई पीढ़ी में शिक्षा के प्रति जागरूकता आई है। उन्होंने माना कि समाज में पिछड़ापन बरकरार है।      

रमेश कुशवाहा       
निवर्तमान सदर विधायक ललितपुर।      

कुशवाहा समाज के लिए विधायकों ने कई काम किए हैं। जिनमें ललितपुर कुशकुटी में हॉल का निर्माण कराया गया। वहीं, कई जगहों पर रैन बसेरा भी बनवाए गए। समाज में धीरे-धीरे जागृति आ रही है।
जगदीश कंचन
जिलाध्यक्ष, जिला कुशवाहा समाज ललितपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed