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जनपद में सूखा से नहीं अतिवृष्टि से है नुकसान, क्रॉप कटिंग परिणाम के बाद शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
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ललितपुर। जिले में पिछले माह हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया। फ सलें बर्बाद हो गईं। लेकिन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बारिश की स्थिति न तो अतिवृष्टि की श्रेणी में है और न ही सूखे की श्रेणी में है। ऐेसे में किसानों के फसल नुकसान के मुआवजे पर संकट है। हालांकि प्रशासन सर्वे रिपोर्ट और क्रॉप कटिंग के परिणामों का आकलन करने की बात कह रहा है। अगर यहां भी स्थिति सामान्य रही, तो तमाम किसानों की उम्मीद टूट सकती है।
प्रदेशभर के 62 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने के चलते मुख्यमंत्री ने हर जिले में सूखे का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर ललितपुर प्रशासन भी सर्वे और आंकड़ों को लेकर सजग हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक अभी तक जिले में 78.63 फीसदी बारिश हो चुकी है। जिससे सूखा और अतिवृष्टि के आसार काफी कम ही नजर आ रहे हैं। सरकारी मानकों के अनुसार जब किसी जिले में 50 फीसदी से कम बारिश होती है और 33 फीसदी से अधिक नुकसान होता है तो जनपद को सूखा घोषित किया जाता है।
सौ फीसदी से अधिक बारिश होने पर अतिवृष्टि मानी जाती है। जिले में आठ सितंबर तक 78.63 फीसदी तक बारिश हुई है। इस कारण जिला न तो अतिवृष्टि की स्थिति में है और न ही सूखे की स्थिति में आ रहा है। हालांकि प्रशासन उन क्षेत्रों का सर्वे करा रहा है, जहां पर अतिवृष्टि से खरीफ की फसलें खराब हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिले में आठ सितंबर तक औसत मानक वर्षा 853.90 मिमी है, जबकि अब तक जिले में महज 671.38 मिमी बारिश ही हुई है। जबकि पिछले साल इस दिन तक 444.76 मिमी बारिश हुई थी। सरकारी आंकड़ों की मानें तो जनपद में औसत मानक से भले ही कम बारिश हुई हो, लेकिन इसे सूखा नहीं माना जा सकता है। ऐेसे में प्रशासन क्रॉप कटिंग के परिणामों के इंतजार में है।
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पांच सितंबर तक 80 फीसदी से अधिक बारिश
21 अगस्त से पांच सितंबर तक जनपद में 80 से 90 फीसदी तक की बारिश हुई है। जिसमें सर्वाधिक बारिश 90.34 फीसदी बारिश 21 अगस्त को, 22 अगस्त को 89.55, 23 अगस्त को 88.77, 24 अगस्त को 86.50 फीसदी दर्ज है।
जनपद में अगस्त माह तक बारिश के आंकड़े
माह - मानक - औसत वर्षा हुई
जून - 93.00 - 128.80 मिमी
जुलाई - 346.00 - 197.80 मिमी
अगस्त - 341.70 - 323.84 मिमी
योग - 780.70 - 650.44 मिमी
31 अगस्त तक तहसीलों में हुई इतनी बारिश
मानक - 341.7
ललितपुर - 367.70
महरौनी - 375.00
तालबेहट- 203.00
पाली- 310.50
मड़ावरा- 363.00
कई बार 90 फीसदी तक भर गए
इस वर्ष मानसून के सीजन में जनपद के अधिकतर बांधों के गेट खुल चुके हैं। जिले में गोविंद सागर बांध 97, शहजाद बांध 97, जामिनी बांध 92, सजनाम 71, रोहिणी बांध 75, उटारी 66, राजघाट 99, माताटीला 96, कचनौंदा बांध 33, लोअर रोहिणी बांध 71, जमड़ार बांध 87, भावनी बांध 61, बंडई बांध 69 फीसदी तक भर चुके हैं।
वर्तमान में प्रारंभिक जांच टीमों ने सर्वे किया है। उसके अनुसार अतिवृष्टि से कहीं कहीं पत्तों पर फर्क पड़ा है। फलियों पर प्रभाव नहीं पड़ा है। पूर्ण रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचा जाएगा।
गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
जनपद के अधिकांश बांध भर चुके हैं। दो या तीन दिन तक बारिश होती है तो अन्य खाली चल रहे बांध भी भर जाएंगे। इस वर्ष किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी मिलेगा।
इं. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड
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प्रदेशभर के 62 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने के चलते मुख्यमंत्री ने हर जिले में सूखे का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर ललितपुर प्रशासन भी सर्वे और आंकड़ों को लेकर सजग हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक अभी तक जिले में 78.63 फीसदी बारिश हो चुकी है। जिससे सूखा और अतिवृष्टि के आसार काफी कम ही नजर आ रहे हैं। सरकारी मानकों के अनुसार जब किसी जिले में 50 फीसदी से कम बारिश होती है और 33 फीसदी से अधिक नुकसान होता है तो जनपद को सूखा घोषित किया जाता है।
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सौ फीसदी से अधिक बारिश होने पर अतिवृष्टि मानी जाती है। जिले में आठ सितंबर तक 78.63 फीसदी तक बारिश हुई है। इस कारण जिला न तो अतिवृष्टि की स्थिति में है और न ही सूखे की स्थिति में आ रहा है। हालांकि प्रशासन उन क्षेत्रों का सर्वे करा रहा है, जहां पर अतिवृष्टि से खरीफ की फसलें खराब हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिले में आठ सितंबर तक औसत मानक वर्षा 853.90 मिमी है, जबकि अब तक जिले में महज 671.38 मिमी बारिश ही हुई है। जबकि पिछले साल इस दिन तक 444.76 मिमी बारिश हुई थी। सरकारी आंकड़ों की मानें तो जनपद में औसत मानक से भले ही कम बारिश हुई हो, लेकिन इसे सूखा नहीं माना जा सकता है। ऐेसे में प्रशासन क्रॉप कटिंग के परिणामों के इंतजार में है।
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पांच सितंबर तक 80 फीसदी से अधिक बारिश
21 अगस्त से पांच सितंबर तक जनपद में 80 से 90 फीसदी तक की बारिश हुई है। जिसमें सर्वाधिक बारिश 90.34 फीसदी बारिश 21 अगस्त को, 22 अगस्त को 89.55, 23 अगस्त को 88.77, 24 अगस्त को 86.50 फीसदी दर्ज है।
जनपद में अगस्त माह तक बारिश के आंकड़े
माह - मानक - औसत वर्षा हुई
जून - 93.00 - 128.80 मिमी
जुलाई - 346.00 - 197.80 मिमी
अगस्त - 341.70 - 323.84 मिमी
योग - 780.70 - 650.44 मिमी
31 अगस्त तक तहसीलों में हुई इतनी बारिश
मानक - 341.7
ललितपुर - 367.70
महरौनी - 375.00
तालबेहट- 203.00
पाली- 310.50
मड़ावरा- 363.00
कई बार 90 फीसदी तक भर गए
इस वर्ष मानसून के सीजन में जनपद के अधिकतर बांधों के गेट खुल चुके हैं। जिले में गोविंद सागर बांध 97, शहजाद बांध 97, जामिनी बांध 92, सजनाम 71, रोहिणी बांध 75, उटारी 66, राजघाट 99, माताटीला 96, कचनौंदा बांध 33, लोअर रोहिणी बांध 71, जमड़ार बांध 87, भावनी बांध 61, बंडई बांध 69 फीसदी तक भर चुके हैं।
वर्तमान में प्रारंभिक जांच टीमों ने सर्वे किया है। उसके अनुसार अतिवृष्टि से कहीं कहीं पत्तों पर फर्क पड़ा है। फलियों पर प्रभाव नहीं पड़ा है। पूर्ण रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचा जाएगा।
गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
जनपद के अधिकांश बांध भर चुके हैं। दो या तीन दिन तक बारिश होती है तो अन्य खाली चल रहे बांध भी भर जाएंगे। इस वर्ष किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी मिलेगा।
इं. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड