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खरीफ फसल की सर्वे रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
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crop cutting
- फोटो : crop cutting
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ललितपुर। बीते माह में लगातार बारिश से खरीफ की फसल नष्ट होने की लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन सर्वे करा रहा है। जिसमें फसल की क्रॉप कटिंग भी की जा रही है। जिसकी सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अगस्त माह में हुई लगातार पांच दिन तक बारिश के बाद से ही किसान लगातार नष्ट फसलों की जांच की मांग कर रहे थे, किसानों ने बताया कि फसलों में फूल लगे हुए थे, इसी दौरान लगातार पांच दिन बारिश हुई। इससे फसलों के फूल झड़ गए। जिससे उड़द की फसल में फलियां नहीं लग पाई और अन्य फसलें भी खराब होने की शिकायत कर रहे थे।
किसान फसल के नुकसान की जांच के लिए प्रशासन को लगातार प्रार्थनापत्र व ज्ञापन देकर मांग कर रहे थे। जिसके चलते प्रशासन ने फसल के सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। जिसमें फसल की क्रॉप कटिंग भी जा रही है। इससे फसलों के नुकसान का आंकलन किया जाएगा। बीते वर्ष भी अतिवृष्टि से खरीफ फसल में उड़द की फसल पूरी तहर से नष्ट हो गई थी। जिसका सर्वे केंद्र और राज्य सरकार ने किया था। जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान माना था। इस वर्ष भी अगस्त की बारिश से फसलों के नुकसान होने की सूचनाएं प्रशासन को प्राप्त हो रहीं थी। जिस पर सर्वे कर जांच का कार्य शुरू हो गया है।
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इतने हेक्टेयर में बोई खरीफ फसल
खरीफ की फसलों के लिए 287218 हेक्टेयर में बुवाई हुई है। इसमें 212872 हेक्टेयर में उड़द और 20 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई की गई। मूूंग 7641 हेक्टेयर, मक्का के लिए 25137 हेक्टेयर, मूंगफली 13218 हेक्टेयर, तिल 92 सौ हेक्टेयर व शेष हेक्टेयर में अन्य फसल बोई गई है।
खरीफ फसल के नुकसान होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं, जिस पर फसलों की क्रॉप कटिंग और सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी
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अगस्त माह में हुई लगातार पांच दिन तक बारिश के बाद से ही किसान लगातार नष्ट फसलों की जांच की मांग कर रहे थे, किसानों ने बताया कि फसलों में फूल लगे हुए थे, इसी दौरान लगातार पांच दिन बारिश हुई। इससे फसलों के फूल झड़ गए। जिससे उड़द की फसल में फलियां नहीं लग पाई और अन्य फसलें भी खराब होने की शिकायत कर रहे थे।
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किसान फसल के नुकसान की जांच के लिए प्रशासन को लगातार प्रार्थनापत्र व ज्ञापन देकर मांग कर रहे थे। जिसके चलते प्रशासन ने फसल के सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। जिसमें फसल की क्रॉप कटिंग भी जा रही है। इससे फसलों के नुकसान का आंकलन किया जाएगा। बीते वर्ष भी अतिवृष्टि से खरीफ फसल में उड़द की फसल पूरी तहर से नष्ट हो गई थी। जिसका सर्वे केंद्र और राज्य सरकार ने किया था। जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान माना था। इस वर्ष भी अगस्त की बारिश से फसलों के नुकसान होने की सूचनाएं प्रशासन को प्राप्त हो रहीं थी। जिस पर सर्वे कर जांच का कार्य शुरू हो गया है।
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इतने हेक्टेयर में बोई खरीफ फसल
खरीफ की फसलों के लिए 287218 हेक्टेयर में बुवाई हुई है। इसमें 212872 हेक्टेयर में उड़द और 20 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई की गई। मूूंग 7641 हेक्टेयर, मक्का के लिए 25137 हेक्टेयर, मूंगफली 13218 हेक्टेयर, तिल 92 सौ हेक्टेयर व शेष हेक्टेयर में अन्य फसल बोई गई है।
खरीफ फसल के नुकसान होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं, जिस पर फसलों की क्रॉप कटिंग और सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी