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Lalitpur News: कचनौदा बांध से रबी सीजन में 10850 हेक्टेयर भूमि की बुझाई जाएगी प्यास

Sat, 06 Jul 2024 05:40 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2024 05:40 AM IST
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Kachnauda Dam will quench the thirst of 10850 hectares of land in Rabi season.
संचालित होगी नहरें, 17 गांव के बारह हजार किसानोें को मिलेगा सिंचाई का लाभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कचनौंदा बांध परियोजना बांध से इस साल रबी के सीजन में किसानों के लिए सिंचाई को पानी मिलेगा। इसकी नहरों को बनाने का काम पूरा करा लिया गया है। नहरों का संचालन होने से इस क्षेत्र के 17 गांवों के करीब 12 हजार किसानों को लाभ होगा।
शहर से करीब बीस किलोमीटर की दूरी पर बानपुर क्षेत्र में सजनाम नदी पर वर्ष 2007-08 में कचनौंदा बांध परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। परियोजना की लागत करीब तीन सौ करोड़ रुपये तय की गई थी और परियोजना को वर्ष 2012 में पूर्ण होना था। लेकिन बांध का काम 2014 में पूरा हो सका। इस बांध में पानी भरने की क्षमता 69 मिलियन घनमीटर है। कचनौंदा बांध से सिंचाई के लिए निकलने वाली नहर का निर्माण न होने से बांध की उपयोगिता कृषि हित में नहीं हो पा रही थी। बांध के निर्धारित समय से अधिक में बनने से इसकी लागत बढ़कर पांच सौ करोड़ तक पहुंच गई है। नहर निर्माण में रेलवे लाइन में रेलवे विभाग बाधक बन गया था। रेलवे लाइन के नीचे से नहर निकालने के लिए पुलिया निर्माण करने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब दस करोड़ रुपये रेलवे विभाग को दिए थे। इसके बाद नहर परियोजना का काम शुरू हुआ था। अब नहर निर्माण का काम पूरा हो चुका है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नहर निर्माण का काम करीब पूरा हो गया है। कुछ काम शेष रह गया है। इसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा। उम्मीद है कि इस साल रबी के सीजन में बांध से निकली नहरों का संचालन करके किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाने लगेगा।
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23 किलोमीटर नहर और 16.7 किलोमीटर है माइनर प्रणाली
कचनौंदा बांध से दो नहरें बनाई गई हैं। इसमें 15.80 किलोमीटर लंबी बायीं नहर और 7.280 किलोमीटर लंबी दायीं नहर है। इनसे पांच माइनर निकले हैं। इसमें मिर्चवारा डीवाई 5.8 किलोमीटर, नगारा माइनर 3.9 किलोमीटर, सिमरा माइनर 2.7 किलोमीटर, बड़ागांव-प्रथम 2.8 और बड़ागांव द्वितीय 1.5 किलोमीटर लंबाई है। इनके माध्यम से रबी के सीजन में 7850 हेक्टेयर और खरीफ के सीजन में तीन हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाएगी।
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बांध के गेटों में अपनाई गई आधुनिक तकनीकी
कचनौंदा बांध आधुनिक युग का बांध है। इसे बनाने के लिए नवीन तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें इस बांध में लगाए गए नौ गेट आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किए गए हैं। बांध के गेट को ऑटोमेटिक तरीके से लखनऊ से भी खोले जा सकते हैं।

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ये भी जानें .............
- पूर्ण जलस्तर 341.70 मीटर
- न्यूनतम जलस्तर 334.75 मीटर
- वर्तमान जलस्तर 340.65 मीटर
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फोटो-15
कचनौंदा बांध की नहरों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। थोड़ा-बहुत काम जो बचा है, वह जल्द पूरा कर लिया जाएगा। रबी के सीजन में सिंचाई के लिए नहरों का संचालन किया जाएगा। - इंजी. भागीरथ बरुआ, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम
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