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Lalitpur News: बंदरगुढ़ा से देवगढ़ तक बनेगी जंगल सफारी
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ललितपुर। वन विभाग ने बंदरगुढ़ा से देवगढ़ तक जंगल सफारी बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जा रही है। आचार संहिता के कारण इस संबंध में अधिक कार्य नहीं हो पा रहा है। लेकिन जनपद के पर्यटन विकास के लिए यह काफी महत्वपूर्ण योजना साबित होगी।
देवगढ़ से बंदरगुढ़ा तक चार किलोमीटर लंबा वन मार्ग है। वर्तमान में इस मार्ग पूरा ध्वस्त हो चुका है। जगह-जगह पर गड्ढे बने हुए हैं। इस वन मार्ग के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वन विभाग यहां इस इलाके को जंगल सफारी के रूप में विकसित करने जा रहा है। हालही में वन संरक्षक ने भी इस मार्ग का निरीक्षण किया था, यह मार्ग बंदरगुढ़ा से मुचकुंद गुफा होते हुए, सीधे देवगढ़ जाती है। इस वन मार्ग में हिरन व अन्य पशु दिखाई देते हैं। कभी-कभी इस इलाके में हिंसक पशु भी दिखाई देते हैं। साथ ही इस वन मार्ग की खूबसूरती इसलिए भी बढ़ जाती है, कि यह बेतवा नदी के किनारे से होकर गुजरता है। इसकी कार्ययोजना तैयार कर आचार संहिता के बाद शासन को भेजी जाएगी। अगर शासन से मंजूरी मिल जाती है। तो जनपद में पर्यटन विकास के लिए यह बहुत बड़ा कदम होगा।
बंदरगुढ़ा से देवगढ़ जाने वाले मार्ग के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसे जंगल सफारी रूप में विकसित करने की भी योजना है। आचार संहिता बाद ही इस विषय में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। - गौतम सिंह प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।
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देवगढ़ से बंदरगुढ़ा तक चार किलोमीटर लंबा वन मार्ग है। वर्तमान में इस मार्ग पूरा ध्वस्त हो चुका है। जगह-जगह पर गड्ढे बने हुए हैं। इस वन मार्ग के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। वन विभाग यहां इस इलाके को जंगल सफारी के रूप में विकसित करने जा रहा है। हालही में वन संरक्षक ने भी इस मार्ग का निरीक्षण किया था, यह मार्ग बंदरगुढ़ा से मुचकुंद गुफा होते हुए, सीधे देवगढ़ जाती है। इस वन मार्ग में हिरन व अन्य पशु दिखाई देते हैं। कभी-कभी इस इलाके में हिंसक पशु भी दिखाई देते हैं। साथ ही इस वन मार्ग की खूबसूरती इसलिए भी बढ़ जाती है, कि यह बेतवा नदी के किनारे से होकर गुजरता है। इसकी कार्ययोजना तैयार कर आचार संहिता के बाद शासन को भेजी जाएगी। अगर शासन से मंजूरी मिल जाती है। तो जनपद में पर्यटन विकास के लिए यह बहुत बड़ा कदम होगा।
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बंदरगुढ़ा से देवगढ़ जाने वाले मार्ग के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसे जंगल सफारी रूप में विकसित करने की भी योजना है। आचार संहिता बाद ही इस विषय में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। - गौतम सिंह प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।
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