फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   jile me 292 navniyukt teacher pohche school

जिले में 292 नवनियुक्त शिक्षक पहुंचे विद्यालय

Thu, 28 Jan 2021 02:26 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2021 02:26 AM IST
विज्ञापन
jile me 292 navniyukt teacher pohche school
काउंसिलिंग कराकर शिक्षकों को विद्यालय आवंटन किया गया। - फोटो : ???? ????
जिले में 292 नवनियुक्त शिक्षक पहुंचे विद्यालय
विज्ञापन

ललितपुर। करीब एक माह बीएसए कार्यालय में संबद्ध रहे नवनियुक्त शिक्षक, शिक्षिकाओं को उनके नये विद्यालय भेजा गया है। बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित काउंसलिंग में विद्यालयों का आवंटन किया गया। इससे पहले पच्चीस जनवरी को वेबसाइट जाम होने के चलते काउंसलिंग पूरी नहीं हो पाई थी, इस कारण इसकी तिथि बढ़ाई गई।
शासन ने नवनियुक्त शिक्षकों को स्कूल पहुंचाने में लगभग एक माह का समय लगा दिया। इस दौरान नवनियुक्त शिक्षक, शिक्षिकाएं बीएसए कार्यालय में संबद्घ रही। पच्चीस जनवरी को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इस दौरान कई खामियां उजागर हुई। इस पर जिला चयन समिति को काउंसलिंग स्थगित करनी पड़ी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को डायट में नए सिरे से काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान उन शिक्षकों के भी विद्यालय बदल गए, जिन्हें पच्चीस जनवरी को आवंटित हो गए थे। इससे कई शिक्षक, शिक्षिकाओं को घर के और करीब आने का अवसर मिल गया। वहीं, कई को दूरदराज विद्यालय के मिले। काउंसलिंग में चार दिव्यांग पुरूष, 146 महिलाएं, 144 पुरूष शामिल हुए। चयन समिति में परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, एडी बेसिक शिक्षक जीसी राजपूत, बीएसए रामप्रवेश, कीर्ति शुक्ला, जीजीआईसी प्रधानाचार्य पूनम मलिक शामिल रही।
विज्ञापन

फिर बदली गई विद्यालय की सूची
शिक्षकों को विद्यालय पसंद करने का अवसर दिया गया। पच्चीस जनवरी को विद्यालय की दो बार सूची चस्पा की गई थी। वहीं, आज फिर एक नई सूची जारी की गई जो चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, विभागीय अफसरों ने इस सूची में बंद एवं एकल विद्यालय होने का दावा किया है लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। विद्यालय की सूची जारी करने में कई तरह की विसंगति उजागर हुईं। इसमें कुछ विद्यालय ऐसे भी रहे, जिनमें पूर्व से पर्याप्त शिक्षक तैनात हैं, वहीं जिले के तमाम शिक्षकों की कमी से जूझने वाले विद्यालय सूची में स्थान नहीं पा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed