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जिले में 292 नवनियुक्त शिक्षक पहुंचे विद्यालय
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काउंसिलिंग कराकर शिक्षकों को विद्यालय आवंटन किया गया।
- फोटो : ???? ????
जिले में 292 नवनियुक्त शिक्षक पहुंचे विद्यालय
ललितपुर। करीब एक माह बीएसए कार्यालय में संबद्ध रहे नवनियुक्त शिक्षक, शिक्षिकाओं को उनके नये विद्यालय भेजा गया है। बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित काउंसलिंग में विद्यालयों का आवंटन किया गया। इससे पहले पच्चीस जनवरी को वेबसाइट जाम होने के चलते काउंसलिंग पूरी नहीं हो पाई थी, इस कारण इसकी तिथि बढ़ाई गई।
शासन ने नवनियुक्त शिक्षकों को स्कूल पहुंचाने में लगभग एक माह का समय लगा दिया। इस दौरान नवनियुक्त शिक्षक, शिक्षिकाएं बीएसए कार्यालय में संबद्घ रही। पच्चीस जनवरी को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इस दौरान कई खामियां उजागर हुई। इस पर जिला चयन समिति को काउंसलिंग स्थगित करनी पड़ी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को डायट में नए सिरे से काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान उन शिक्षकों के भी विद्यालय बदल गए, जिन्हें पच्चीस जनवरी को आवंटित हो गए थे। इससे कई शिक्षक, शिक्षिकाओं को घर के और करीब आने का अवसर मिल गया। वहीं, कई को दूरदराज विद्यालय के मिले। काउंसलिंग में चार दिव्यांग पुरूष, 146 महिलाएं, 144 पुरूष शामिल हुए। चयन समिति में परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, एडी बेसिक शिक्षक जीसी राजपूत, बीएसए रामप्रवेश, कीर्ति शुक्ला, जीजीआईसी प्रधानाचार्य पूनम मलिक शामिल रही।
फिर बदली गई विद्यालय की सूची
शिक्षकों को विद्यालय पसंद करने का अवसर दिया गया। पच्चीस जनवरी को विद्यालय की दो बार सूची चस्पा की गई थी। वहीं, आज फिर एक नई सूची जारी की गई जो चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, विभागीय अफसरों ने इस सूची में बंद एवं एकल विद्यालय होने का दावा किया है लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। विद्यालय की सूची जारी करने में कई तरह की विसंगति उजागर हुईं। इसमें कुछ विद्यालय ऐसे भी रहे, जिनमें पूर्व से पर्याप्त शिक्षक तैनात हैं, वहीं जिले के तमाम शिक्षकों की कमी से जूझने वाले विद्यालय सूची में स्थान नहीं पा सके।
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ललितपुर। करीब एक माह बीएसए कार्यालय में संबद्ध रहे नवनियुक्त शिक्षक, शिक्षिकाओं को उनके नये विद्यालय भेजा गया है। बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित काउंसलिंग में विद्यालयों का आवंटन किया गया। इससे पहले पच्चीस जनवरी को वेबसाइट जाम होने के चलते काउंसलिंग पूरी नहीं हो पाई थी, इस कारण इसकी तिथि बढ़ाई गई।
शासन ने नवनियुक्त शिक्षकों को स्कूल पहुंचाने में लगभग एक माह का समय लगा दिया। इस दौरान नवनियुक्त शिक्षक, शिक्षिकाएं बीएसए कार्यालय में संबद्घ रही। पच्चीस जनवरी को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इस दौरान कई खामियां उजागर हुई। इस पर जिला चयन समिति को काउंसलिंग स्थगित करनी पड़ी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को डायट में नए सिरे से काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान उन शिक्षकों के भी विद्यालय बदल गए, जिन्हें पच्चीस जनवरी को आवंटित हो गए थे। इससे कई शिक्षक, शिक्षिकाओं को घर के और करीब आने का अवसर मिल गया। वहीं, कई को दूरदराज विद्यालय के मिले। काउंसलिंग में चार दिव्यांग पुरूष, 146 महिलाएं, 144 पुरूष शामिल हुए। चयन समिति में परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, एडी बेसिक शिक्षक जीसी राजपूत, बीएसए रामप्रवेश, कीर्ति शुक्ला, जीजीआईसी प्रधानाचार्य पूनम मलिक शामिल रही।
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फिर बदली गई विद्यालय की सूची
शिक्षकों को विद्यालय पसंद करने का अवसर दिया गया। पच्चीस जनवरी को विद्यालय की दो बार सूची चस्पा की गई थी। वहीं, आज फिर एक नई सूची जारी की गई जो चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, विभागीय अफसरों ने इस सूची में बंद एवं एकल विद्यालय होने का दावा किया है लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। विद्यालय की सूची जारी करने में कई तरह की विसंगति उजागर हुईं। इसमें कुछ विद्यालय ऐसे भी रहे, जिनमें पूर्व से पर्याप्त शिक्षक तैनात हैं, वहीं जिले के तमाम शिक्षकों की कमी से जूझने वाले विद्यालय सूची में स्थान नहीं पा सके।
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