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जामनी बांध से छोड़ा 29 हजार क्यूसेक पानी,
lalitpur
Updated Fri, 08 Jul 2016 01:33 AM IST
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जामनी बांध
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। चार दिन पूर्व प्रदेश में बिजली की डिमांड कम होने के चलते स्टेट लोड डिस्प्ले सेंटर लखनऊ द्वारा बंद कराई गई बजाज पावर प्लांट का बिजली उत्पादन फिर से शुरू हो गया। बृहस्पतिवार की शाम से जनपद को बजाज प्लांट से उत्पादित बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। अब जनपद को भरपूर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
स्टेट लोड डिस्प्ले सेंटर लखनऊ द्वारा प्रदेश में विद्युत डिमांड कम होने का हवाला देकर चार दिन पूर्व शनिवार की शाम सवा छह बजे से यूनिट से उत्पादन बंद करा दिया था। इसके चलते जनपद को पारीछा थर्मल पावर प्लांट से उत्पादित से बिजली शहर को रोशन किया जाने लगा था। वहीं, पनकी कंट्रोल के आदेश पर पारीछा प्लांट से बिजली मिलने पर जनपद में सुबह व शाम दो-दो घंटे यानी कुल चार घंटे की विद्युत रोस्टिंग लागू कर दी गई थी। वहीं रोंड़ा हाइडिल से पनकी कंट्रोल से मिले आदेश पर दिन में कई बार इमरजेंसी रोस्टिंग भी की जा रही थी। जबकि विद्युत फाल्ट आदि के चलते घंटों बिजली गुल रहती थी। जनपद में होने वाली घंटों तक अघोषित बिजली कटौती को भी विभाग द्वारा रोस्टिंग की कटौती में समायोजित नहीं किया जाता है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को दिन में मात्र 12 से 15 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही थी।
जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाकों में तो मात्र 8 से 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। ऐसे में जनपद की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। इससे जनपदवासियों को काफी रोष है। अब एसएलडीसी लखनऊ कंट्रोल द्वारा प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश के चलते एक बार फिर से बृहस्पतिवार की शाम 4.05 बजे बजाज पावर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू कराते हुए जनपद को बिजली आपूर्ति शुरू कर दी है। हालांकि प्रदेश शासन द्वारा भी ईद के मौके पर तीन दिन तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के आदेश दिए हैं। अब देखना होगा कि बजाज प्लांट से उत्पादित बिजली से जनपद कब तक रोशन होता है। बजाज प्लांट से उत्पादित बिजली लेने का निर्णय लखनऊ कंट्रोल के आदेश पर ही निर्भर करता है। हालांकि विभागीय अधिकारी मामला लखनऊ कंट्रोल का होने के चलते इस बारे में कुछ कहने से बचते रहे।
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स्टेट लोड डिस्प्ले सेंटर लखनऊ द्वारा प्रदेश में विद्युत डिमांड कम होने का हवाला देकर चार दिन पूर्व शनिवार की शाम सवा छह बजे से यूनिट से उत्पादन बंद करा दिया था। इसके चलते जनपद को पारीछा थर्मल पावर प्लांट से उत्पादित से बिजली शहर को रोशन किया जाने लगा था। वहीं, पनकी कंट्रोल के आदेश पर पारीछा प्लांट से बिजली मिलने पर जनपद में सुबह व शाम दो-दो घंटे यानी कुल चार घंटे की विद्युत रोस्टिंग लागू कर दी गई थी। वहीं रोंड़ा हाइडिल से पनकी कंट्रोल से मिले आदेश पर दिन में कई बार इमरजेंसी रोस्टिंग भी की जा रही थी। जबकि विद्युत फाल्ट आदि के चलते घंटों बिजली गुल रहती थी। जनपद में होने वाली घंटों तक अघोषित बिजली कटौती को भी विभाग द्वारा रोस्टिंग की कटौती में समायोजित नहीं किया जाता है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को दिन में मात्र 12 से 15 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही थी।
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जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाकों में तो मात्र 8 से 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। ऐसे में जनपद की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। इससे जनपदवासियों को काफी रोष है। अब एसएलडीसी लखनऊ कंट्रोल द्वारा प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश के चलते एक बार फिर से बृहस्पतिवार की शाम 4.05 बजे बजाज पावर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू कराते हुए जनपद को बिजली आपूर्ति शुरू कर दी है। हालांकि प्रदेश शासन द्वारा भी ईद के मौके पर तीन दिन तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के आदेश दिए हैं। अब देखना होगा कि बजाज प्लांट से उत्पादित बिजली से जनपद कब तक रोशन होता है। बजाज प्लांट से उत्पादित बिजली लेने का निर्णय लखनऊ कंट्रोल के आदेश पर ही निर्भर करता है। हालांकि विभागीय अधिकारी मामला लखनऊ कंट्रोल का होने के चलते इस बारे में कुछ कहने से बचते रहे।
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