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जगन्नाथ का भात, जगत पसारे हाथ...
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:03 AM IST
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jagannath yatra, lalitpur hindi news
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। बुधवार को नगर में भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हाथों से भगवान का रथ खींचा। रथ यात्रा का शहर में हर वर्ग के लोगों ने फूलों की बारिश करते हुए जगह-जगह स्वागत किया। भगवान के प्रसाद को उमड़ी भीड़ से यह चरित्रार्थ हो रहा था कि जगन्नाथ का भात, जगत पसारे हाथ।
श्रीजगदीश मंदिर रथ यात्रा महोत्सव समिति द्वारा कई दिनों पूर्व से भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियां की जा रही थीं। बुधवार को श्रीजगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विधिविधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। समिति सदस्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित कराए गए। शाम को चार बजे से भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा शहर में बड़े ही धूमधाम से निकाली गई। रथ यात्रा घंटाघर, सदरकांटा, तलैयापुरा, महावीरपुरा, रावरपुरा, चौबयाना, आजाद चौक, सावरकर चौक होते हुए रात को वापस श्रीजगदीश मंदिर पहुंची। रथ यात्रा में सबसे आगे धर्मध्वज चल रहे थे।
इसके बाद उनके पीछे विभिन्न अखाड़ों द्वारा नायाब तलवारबाजी आदि विभिन्न करतब दिखाए गए। रथ यात्रा में विशेष रूप से राजस्थानी नृत्य, कालबेलिया, नृत्य, गोपाल छबीला पार्टी द्वारा राधा कृष्ण का रास ने सबका मन मोह लिया। इससे लोग झूम उठे। इसके बाद मयूर नृत्य और फूलों की बारिश करती तोप ने सबका ध्यान आकर्षित कर लिया। महाकाल के ढोल का प्रदर्शन भी खूब सराहा गया। रथ यात्रा में भगवान श्रीजगन्नाथ जी के रथ को सैकड़ों लोगों ने हाथों से खींचकर धार्मिक आयोजन की भव्यता को और अधिक बढ़ा दिया। बच्चा हो या बूढ़ा सभी रथ खींचकर भगवान का आशीर्वाद लेना चाह रहे थे। श्रीराम राजा व्यायामशाला द्वारा विशेष प्रदर्शन एवं सावरकर चौक पर भव्य 1100 ज्योति द्वारा भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।
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भगवान रथ यात्रा का जगह-जगह स्वल्पाहार, पेयजल, फल आदि वितरित कर स्वागत किया गया। इसके बाद रथयात्रा वापस जगदीश मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं द्वारा विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के बाद यहां भगवान श्री जगन्नाथ जी का प्रसाद रूपी भात का वितरण किया। रथ यात्रा के आयोजन के दौरान पुलिस व प्रशासन द्वारा पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।
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श्रीजगदीश मंदिर रथ यात्रा महोत्सव समिति द्वारा कई दिनों पूर्व से भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियां की जा रही थीं। बुधवार को श्रीजगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विधिविधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। समिति सदस्यों द्वारा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित कराए गए। शाम को चार बजे से भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा शहर में बड़े ही धूमधाम से निकाली गई। रथ यात्रा घंटाघर, सदरकांटा, तलैयापुरा, महावीरपुरा, रावरपुरा, चौबयाना, आजाद चौक, सावरकर चौक होते हुए रात को वापस श्रीजगदीश मंदिर पहुंची। रथ यात्रा में सबसे आगे धर्मध्वज चल रहे थे।
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इसके बाद उनके पीछे विभिन्न अखाड़ों द्वारा नायाब तलवारबाजी आदि विभिन्न करतब दिखाए गए। रथ यात्रा में विशेष रूप से राजस्थानी नृत्य, कालबेलिया, नृत्य, गोपाल छबीला पार्टी द्वारा राधा कृष्ण का रास ने सबका मन मोह लिया। इससे लोग झूम उठे। इसके बाद मयूर नृत्य और फूलों की बारिश करती तोप ने सबका ध्यान आकर्षित कर लिया। महाकाल के ढोल का प्रदर्शन भी खूब सराहा गया। रथ यात्रा में भगवान श्रीजगन्नाथ जी के रथ को सैकड़ों लोगों ने हाथों से खींचकर धार्मिक आयोजन की भव्यता को और अधिक बढ़ा दिया। बच्चा हो या बूढ़ा सभी रथ खींचकर भगवान का आशीर्वाद लेना चाह रहे थे। श्रीराम राजा व्यायामशाला द्वारा विशेष प्रदर्शन एवं सावरकर चौक पर भव्य 1100 ज्योति द्वारा भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।
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भगवान रथ यात्रा का जगह-जगह स्वल्पाहार, पेयजल, फल आदि वितरित कर स्वागत किया गया। इसके बाद रथयात्रा वापस जगदीश मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं द्वारा विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के बाद यहां भगवान श्री जगन्नाथ जी का प्रसाद रूपी भात का वितरण किया। रथ यात्रा के आयोजन के दौरान पुलिस व प्रशासन द्वारा पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।