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आड़े-तिरछे खड़े वाहनों से लगता जाम
Tue, 12 Mar 2019 01:19 AM IST
Pragyan dubey
lalitpur
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Published by: Pragyan dubey
Updated Tue, 12 Mar 2019 01:19 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में पार्किंग के अभाव के कारण वाहन पार्क करना मुसीबत बन गया है। अस्पताल में आने वाले तीमारदार वाहनों को सड़क के किनारे ही आड़े-तिरछे खड़े कर रहे हैं। इससे यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। साथ ही महिला अस्पताल परिसर के सामने दुुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है।
जिला महिला अस्पताल में 24 घंटे में 30 से 35 प्रसव होते हैं। इस कारण अस्पताल में हमेशा ही भीड़ बनी रहती है। इसके साथ ही ओपीडी के समय में गर्भवती महिलाएं व अन्य महिलाएं उपचार कराने के लिए आती है। यहां प्रसव कराने के लिए सीजर की सुविधा के साथ ही तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, जिससे अस्पताल में उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बीते माहों में जिला महिला अस्पताल में अंदर विधायक निधि से बैठने के लिए टिन शेड की सुविधा कराई गई है। इससे अब अल्ट्रासांउड कराने आने वाली महिलाओं को अपनी बारी का इंतजार खड़े होकर नहीं करना पड़ रहा है। अब उन्हें इसी टिन शेड में कुर्सियों पर बैठकर एलसीडी स्क्रीन पर अपनी बारी की जानकारी मिल रही है। मुख्य द्वार पर बड़े गेट के साथ ही छोटे गेट लगाए हैं, जिसके कारण यहां पर चार पहिया वाहन तो दूर दो पहिया वाहन भी अंदर नहीं पहुंच रहे हैं। यहां पर केवल मरीजों को ले जाने वाले चार पहिया वाहन व एंबुलेंस ही अंदर पहुंच पा रही है। ऐसे में लोगों को अपने दो पहिया व अन्य वाहनों को परिसर के बाहर सड़क पर ही खड़ा करना पड़ रहा है।
कई बार वाहनों को अस्पताल के द्वार से काफी दूर खड़ा करना पड़ रहा है। जिससे अस्पताल आने वाले तीमरदार को दो पहिया वाहन लाने में परेशानी हो रही है। इसके साथ ही मरीजों को वाहन तक पहुंचने में परेशान होना पड़ रहा है। इस ओर अस्पताल प्रबंधन नजर अंदाज बना हुआ है।
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वाहन चोरी का बना रहता है भय
जिला महिला अस्पताल आने वाले मरीजों को मजबूरी में अपने वाहनों को खुले मैदान में सड़क के किनारे खड़ा करना पड़ रहा है। यहां पर वाहन खड़े करने वाले वाहन स्वामी भले ही उपचार कराने के लिए अस्पताल के अंदर जाते हैं, लेकिन उन्हें वाहनों के चोरी होने का अंदेशा बना रहता है।
कई बार हो चुकी चोरी
अस्पताल परिसर से कई बार मरीजों की गाड़ियां चोरी हो चुकी हैं। बीते वर्षों में कई बार दो पहिया वाहनों की चोरी हो चुकी है, जिनका आज तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है।
जिला महिला अस्पताल में वाहन पार्किंग के संबंध में वार्ता की जाएगी। साथ ही वाहन पार्किंग करने की व्यवस्था कराई जाएगी।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जिला महिला अस्पताल में 24 घंटे में 30 से 35 प्रसव होते हैं। इस कारण अस्पताल में हमेशा ही भीड़ बनी रहती है। इसके साथ ही ओपीडी के समय में गर्भवती महिलाएं व अन्य महिलाएं उपचार कराने के लिए आती है। यहां प्रसव कराने के लिए सीजर की सुविधा के साथ ही तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, जिससे अस्पताल में उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बीते माहों में जिला महिला अस्पताल में अंदर विधायक निधि से बैठने के लिए टिन शेड की सुविधा कराई गई है। इससे अब अल्ट्रासांउड कराने आने वाली महिलाओं को अपनी बारी का इंतजार खड़े होकर नहीं करना पड़ रहा है। अब उन्हें इसी टिन शेड में कुर्सियों पर बैठकर एलसीडी स्क्रीन पर अपनी बारी की जानकारी मिल रही है। मुख्य द्वार पर बड़े गेट के साथ ही छोटे गेट लगाए हैं, जिसके कारण यहां पर चार पहिया वाहन तो दूर दो पहिया वाहन भी अंदर नहीं पहुंच रहे हैं। यहां पर केवल मरीजों को ले जाने वाले चार पहिया वाहन व एंबुलेंस ही अंदर पहुंच पा रही है। ऐसे में लोगों को अपने दो पहिया व अन्य वाहनों को परिसर के बाहर सड़क पर ही खड़ा करना पड़ रहा है।
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कई बार वाहनों को अस्पताल के द्वार से काफी दूर खड़ा करना पड़ रहा है। जिससे अस्पताल आने वाले तीमरदार को दो पहिया वाहन लाने में परेशानी हो रही है। इसके साथ ही मरीजों को वाहन तक पहुंचने में परेशान होना पड़ रहा है। इस ओर अस्पताल प्रबंधन नजर अंदाज बना हुआ है।
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वाहन चोरी का बना रहता है भय
जिला महिला अस्पताल आने वाले मरीजों को मजबूरी में अपने वाहनों को खुले मैदान में सड़क के किनारे खड़ा करना पड़ रहा है। यहां पर वाहन खड़े करने वाले वाहन स्वामी भले ही उपचार कराने के लिए अस्पताल के अंदर जाते हैं, लेकिन उन्हें वाहनों के चोरी होने का अंदेशा बना रहता है।
कई बार हो चुकी चोरी
अस्पताल परिसर से कई बार मरीजों की गाड़ियां चोरी हो चुकी हैं। बीते वर्षों में कई बार दो पहिया वाहनों की चोरी हो चुकी है, जिनका आज तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है।
जिला महिला अस्पताल में वाहन पार्किंग के संबंध में वार्ता की जाएगी। साथ ही वाहन पार्किंग करने की व्यवस्था कराई जाएगी।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी