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कार्यमक्ति प्रमाण पत्र के नाम अवैध वसूली के मामले ने पकड़़ा तूल
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विभिन्न समस्याओं को लेकर शिक्षा अफसरों से मुलाकात करते प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के कार्य मुक्ति प्रमाण पत्र में वसूली का मामला तूल पकड़ गया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा। उन्होंने प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने आरोप लगाया है कि जनपद से स्थानांतरित हुए 242 अध्यापकों के कार्य मुक्ति प्रमाण पत्र जारी करने में ब्लॉक एवं जिला स्तर पर सुविधा शुल्क लिए जाने की मांग का मामला संगठन के संज्ञान में आया है। सूचना पर संगठन ने बीएसए कार्यालय में पहुंचकर कार्य को व्यवस्थित करवाया। एक कर्मचारी सुविधा शुल्क लेते पकड़ा गया। जब अफसरों के संज्ञान में आया तो सुविधा शुल्क को वापस करा दिया गया। जबकि, नियमानुसार संबंधित कर्मी का पटल परिवर्तन कर देना चाहिए। इसकी प्रशासनिक जांच कराना आवश्यक है।
खंड शिक्षा अधिकारी बिरधा एवं बार द्वारा बिरधा ब्लाक के एक अध्यापक की वित्तीय गड़बड़ियों की जांच की, जांच में दोषी पाए जाने पर भी बीएसए कार्यालय द्वारा नोटिस जारी कर इतिश्री कर ली गई। इसकी रिपोर्ट एक माह से लंबित है, इसके बाद भी कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इसकी जांच कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में संगठन के जनपदीय मंत्री अरुण गोस्वामी, आलोक श्रीवास्तव, रक्षपाल सिंह बुंदेला, संतोष रजक, रामकिशोर दीक्षित, हेमंत तिवारी, सुरेंद्र पटैरिया, देवेंद्र जैन, अनूप सैनी, मनोज झा, राममिलन रजक, आलोक स्वामी, विशाल गुप्ता आदि शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने आरोप लगाया है कि जनपद से स्थानांतरित हुए 242 अध्यापकों के कार्य मुक्ति प्रमाण पत्र जारी करने में ब्लॉक एवं जिला स्तर पर सुविधा शुल्क लिए जाने की मांग का मामला संगठन के संज्ञान में आया है। सूचना पर संगठन ने बीएसए कार्यालय में पहुंचकर कार्य को व्यवस्थित करवाया। एक कर्मचारी सुविधा शुल्क लेते पकड़ा गया। जब अफसरों के संज्ञान में आया तो सुविधा शुल्क को वापस करा दिया गया। जबकि, नियमानुसार संबंधित कर्मी का पटल परिवर्तन कर देना चाहिए। इसकी प्रशासनिक जांच कराना आवश्यक है।
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खंड शिक्षा अधिकारी बिरधा एवं बार द्वारा बिरधा ब्लाक के एक अध्यापक की वित्तीय गड़बड़ियों की जांच की, जांच में दोषी पाए जाने पर भी बीएसए कार्यालय द्वारा नोटिस जारी कर इतिश्री कर ली गई। इसकी रिपोर्ट एक माह से लंबित है, इसके बाद भी कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इसकी जांच कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में संगठन के जनपदीय मंत्री अरुण गोस्वामी, आलोक श्रीवास्तव, रक्षपाल सिंह बुंदेला, संतोष रजक, रामकिशोर दीक्षित, हेमंत तिवारी, सुरेंद्र पटैरिया, देवेंद्र जैन, अनूप सैनी, मनोज झा, राममिलन रजक, आलोक स्वामी, विशाल गुप्ता आदि शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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