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पहल : समूह की महिला ने थ्रेसर खरीदकर बढ़ाई आय
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- किराए पर चलाकर कर रहीं व्यापार
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विकासखंड बिरधा अंतर्गत ग्राम जीरोन निवासी ज्योति ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवनस्तर में सुधार किया है। उसने समूह से ऋण लेकर थ्रेसर खरीदा, जिसे किराए पर चलाकर वह करीब एक लाख से अधिक सलाना आय बढ़ाई है।
ग्राम पंचायत जीरोन निवासी ज्येाति पुरोहित ने कक्षा 9वीं तक ही शिक्षा प्राप्त की है। वह 2020 में वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सीता माता महिला स्वयं सहायता समूह से जोड़ा गया, जिसमें उसे आजीविका की गतिविधियों के विषय में बताया गया। उसने घरेलू कार्य के अलावा इस योजना से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया। उसने समूह से पचास हजार रुपये का ऋण लेकर थ्रेसर खरीदा। जिसे 800 रुपये प्रति घंटा किराए पर चलाया, उस लोन को चुकता करने के बाद फिर समूह से एक लाख रुपये का लोन लेकर भूसा बनाने की मशीन खरीदी, जिसका 1700 प्रति ट्रॉली के हिसाब से भूसा बनाने का मिलता है। इसके साथ ही उसने एक भैंस पालकर दूध उत्पादन का भी कारोबार कर रही है। इन सभी कार्य से उसकी आमदनी में काफी सुधार आया है। आज वह करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही है। जिससे उसके जीवनस्तर में सुधार आया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विकासखंड बिरधा अंतर्गत ग्राम जीरोन निवासी ज्योति ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवनस्तर में सुधार किया है। उसने समूह से ऋण लेकर थ्रेसर खरीदा, जिसे किराए पर चलाकर वह करीब एक लाख से अधिक सलाना आय बढ़ाई है।
ग्राम पंचायत जीरोन निवासी ज्येाति पुरोहित ने कक्षा 9वीं तक ही शिक्षा प्राप्त की है। वह 2020 में वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सीता माता महिला स्वयं सहायता समूह से जोड़ा गया, जिसमें उसे आजीविका की गतिविधियों के विषय में बताया गया। उसने घरेलू कार्य के अलावा इस योजना से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया। उसने समूह से पचास हजार रुपये का ऋण लेकर थ्रेसर खरीदा। जिसे 800 रुपये प्रति घंटा किराए पर चलाया, उस लोन को चुकता करने के बाद फिर समूह से एक लाख रुपये का लोन लेकर भूसा बनाने की मशीन खरीदी, जिसका 1700 प्रति ट्रॉली के हिसाब से भूसा बनाने का मिलता है। इसके साथ ही उसने एक भैंस पालकर दूध उत्पादन का भी कारोबार कर रही है। इन सभी कार्य से उसकी आमदनी में काफी सुधार आया है। आज वह करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही है। जिससे उसके जीवनस्तर में सुधार आया है।
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