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औद्योगिक स्थान चंदेरा बना गेंहू के कारोबार का अड्डा
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चंदेरा में गोदाम के बाहर खड़ा ट्रैक्टर ट्राली
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। विशिष्ट मंडी बंद होने से भले ही किसानों को नुकसान हो रहा हो, लेकिन कुछ व्यापारी मौके का फायदा उठाने में जुटे हैं। ऐसे व्यापारियों ने औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा को कारोबार का अड्डा बना लिया है। किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर समर्थन मूल्य से दो सौ रुपये कम दाम पर गेहूं खरीद की जा रही है। इस तरह गेहूं का अवैध कारोबार चरम पर पहुंच गया है।
शासन ने किसानों को उपज का सही मूल्य देने के लिए गेहूं खरीद केंद्र खोले हैं। किसानों को गेेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। अधिकांश खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरु हो गई है। लेकिन, केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ रहा है। जिसमें जमीन की खतौनी, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का होना आवश्यक है। इसके बाद यदि आवेदन हो भी जा रहा है तो लेेखपाल से संस्तुति कराना पड़ रही है। ऐसे में किसानों को प्रक्रिया से गुजरने में अधिक परेशानी हो रही है। हालांकि, किसान प्रक्रिया को फॉलो करके उपज बिक्री की तैयारी कर रहे हैं।
वैश्विक बीमारी के चलते एक स्थान पर भीड़ को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। इसके चलते जनपद में मंडी भी बंद कर दी गई है। इससे किसानों को उपज बेचना मुश्किल हो रहा है। स्थिति यह है कि मंडी के बंद होने से भले ही किसानों को नुकसान हो रहा हो, लेकिन व्यापारी मौके को गंवाने से नहीं चूक रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने औद्यौगिक क्षेत्र चंदेरा को गेहूं खरीद के कारोबार का अड्डा बना लिया है। जहां पर प्रतिदिन लगभग 20 ट्रैक्टर- ट्राली गेहूं खरीदा जा रहा है। यहां पर व्यापारी किसानों की उपज को मनमाने दामों पर खरीद रहे हैं। व्यापारी समर्थन मूल्य से लगभग दो सौ रुपये कम के दामों में गेहूं खरीदकर किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारियों व अन्य लोगों का कर्ज देना है। इससे वह मजबूर होकर सस्ते दामों में गेहूं बेच रहे हैं।
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यह काला कारोबार जिला मुख्यालय से चंद कदम की दूरी पर हो रहा है। यहां पर व्यापारी अथवा उनके गुर्गे हाइवे के आसपास खड़े रहते हैं। जैसे ही किसान का ट्रैक्टर आता है, वह उसको बाहरी क्षेत्र में खड़ा कर देते हैं और किसान को सलाह देते हैं कि कोई पूछे तो कहना घर ले जा रहे हैं। इस दौरान मौका देखकर अपनी फैक्ट्री में स्टॉक करा रहे हैं। दिन भर ही ट्रैक्टर चंदेरा जा रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं, इससे किसानों के साथ दिन में ही खुलेआम लूट की जा रही है।
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किसान की मजबूरी का उठा रहे फायदा
बीते वर्ष किसानों की खरीफ की फसल पूरी तरह से खराब हो गई थी, जिससे किसानों को रबी की फसल के लिए कर्ज लेना पड़ा था। अब रबी की फसल आई तो सूदखोर किसानों से पैसा मांग रहे हैं। लॉकडाउन के चलते मंडी में उपज नहीं बेचने से किसान परेशान है। ऐसे में किसानों से मनमाने दामों पर गेहूं खरीदा जा रहा है।
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औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा में गेेहूं खरीद करने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे और दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
- अनिल कुमार मिश्र
अपर जिलाधिकारी
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शासन ने किसानों को उपज का सही मूल्य देने के लिए गेहूं खरीद केंद्र खोले हैं। किसानों को गेेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। अधिकांश खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरु हो गई है। लेकिन, केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ रहा है। जिसमें जमीन की खतौनी, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का होना आवश्यक है। इसके बाद यदि आवेदन हो भी जा रहा है तो लेेखपाल से संस्तुति कराना पड़ रही है। ऐसे में किसानों को प्रक्रिया से गुजरने में अधिक परेशानी हो रही है। हालांकि, किसान प्रक्रिया को फॉलो करके उपज बिक्री की तैयारी कर रहे हैं।
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वैश्विक बीमारी के चलते एक स्थान पर भीड़ को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। इसके चलते जनपद में मंडी भी बंद कर दी गई है। इससे किसानों को उपज बेचना मुश्किल हो रहा है। स्थिति यह है कि मंडी के बंद होने से भले ही किसानों को नुकसान हो रहा हो, लेकिन व्यापारी मौके को गंवाने से नहीं चूक रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने औद्यौगिक क्षेत्र चंदेरा को गेहूं खरीद के कारोबार का अड्डा बना लिया है। जहां पर प्रतिदिन लगभग 20 ट्रैक्टर- ट्राली गेहूं खरीदा जा रहा है। यहां पर व्यापारी किसानों की उपज को मनमाने दामों पर खरीद रहे हैं। व्यापारी समर्थन मूल्य से लगभग दो सौ रुपये कम के दामों में गेहूं खरीदकर किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारियों व अन्य लोगों का कर्ज देना है। इससे वह मजबूर होकर सस्ते दामों में गेहूं बेच रहे हैं।
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यह काला कारोबार जिला मुख्यालय से चंद कदम की दूरी पर हो रहा है। यहां पर व्यापारी अथवा उनके गुर्गे हाइवे के आसपास खड़े रहते हैं। जैसे ही किसान का ट्रैक्टर आता है, वह उसको बाहरी क्षेत्र में खड़ा कर देते हैं और किसान को सलाह देते हैं कि कोई पूछे तो कहना घर ले जा रहे हैं। इस दौरान मौका देखकर अपनी फैक्ट्री में स्टॉक करा रहे हैं। दिन भर ही ट्रैक्टर चंदेरा जा रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं, इससे किसानों के साथ दिन में ही खुलेआम लूट की जा रही है।
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किसान की मजबूरी का उठा रहे फायदा
बीते वर्ष किसानों की खरीफ की फसल पूरी तरह से खराब हो गई थी, जिससे किसानों को रबी की फसल के लिए कर्ज लेना पड़ा था। अब रबी की फसल आई तो सूदखोर किसानों से पैसा मांग रहे हैं। लॉकडाउन के चलते मंडी में उपज नहीं बेचने से किसान परेशान है। ऐसे में किसानों से मनमाने दामों पर गेहूं खरीदा जा रहा है।
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औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा में गेेहूं खरीद करने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे और दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
- अनिल कुमार मिश्र
अपर जिलाधिकारी