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Lalitpur News: सात ट्रेनों से बढ़कर हुई 41, हवाई सफर की तैयारी
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ललितपुर। जनपद के विकास की यात्रा में परिवहन सेवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 1924 में स्थापित रेलवे स्टेशन से अब 41 ट्रेनें गुजरती हैं। वहीं, हवाई अड्डे के लिए उड्डयन मंत्रालय को भी जमीन सौंपने की प्रक्रिया जारी है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक जाने वाला देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 भी जनपद से गुजरता है। वर्ष 1974 में ललितपुर रेलवे स्टेशन पर सात ट्रेनें रुकती थीं। अब शताब्दी और वंदे भारत समेत 41 ट्रेनों का भी ठहराव हो रहा है।
1974 से पहले ललितपुर रेलवे स्टेशन पर पंजाब मेल एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, इटारसी पैसेंजर ट्रेन, साबरमती एक्सप्रेस भोपाल होते हुए, सदर्न, उत्कल और कलिंग एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव होता था। करीब आठ वर्ष पहले रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन का दर्जा भी दिया गया। इसके तहत रेलवे स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज के साथ ही ढाई वर्ष पहले 17 अक्तूबर 2022 को प्लेटफार्म एक और दो व तीन पर एस्केलेटर भी स्थापित की गईं। सिग्नलिंग प्रणाली में भी बदलाव हुआ।
ललितपुर से टीकमगढ़ तक रेलवे लाइन का निर्माण 2012 में पूरा किया गया और 26 अप्रैल 2013 को यह रेलवे सेवाओं से जुड़ा था। ललितपुर से टीकमगढ़ तक रेल सेवाएं शुरू हुईं और ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के तहत शुरू की गई। इसके तहत इस लाइन पर पहली ट्रेन झांसी पैसेंजर ट्रेन और दूसरी भोपाल महामना एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया गया। आज इस लाइन पर भी वंदे भारत एक्सप्रेस और कुंभ मेला स्पेशल समेत चौदह ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ललितपुर से बीना और ललितपुर से झांसी तक तीसरी रेल लाइन पर भी जाखलौन से धौर्रा के मध्य छोड़कर ट्रेनों का सफल संचालन हो रहा है। इसमें तीसरी रेल लाइन पर धौर्रा और मौहासा के मध्य नारायणी नदी और माताटीला और बसई स्टेशन के मध्य बेतवा नदी पर दो बड़े रेल ब्रिज का भी निर्माण हुआ है। वहीं, टीकमगढ़ रेल लाइन पर न्यू टाउन ललितपुर रेलवे स्टेशन और दैलवारा बिरारी कॉड लाइन की सौगात भी मिल चुकी है। ललितपुर बिरारी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। ललितपुर से चंदेरी, पिपरई रेल लाइन सर्वे को भी 26 नवंबर को रेलवे बोर्ड द्वारा मंजूरी देते हुए दो करोड़ की राशि भी जारी की गई। (संवाद)
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अमृत भारत योजना से हो रहा रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण
ललितपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल करते हुए यहां सेल्फी प्वाइंट और सीसी सड़क, दो मंजिला नया आरपीएफ थाना और दो मंजिला नया स्टेशन भवन बनाकर तैयार किया गया है। इसके साथ ही यहां रेलवे स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के तहत चार नंबर प्लेटफार्म और नया स्टेशन भवन का निर्माण भी किया गया है। इसमें रिटायरिंग रूम और यात्रियों के लिए डोरमेट्री की सुविधा भी होगी। देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर दोनों ओर से ट्रेनों के आवागमन के चलते गेट कई घंटों तक बंद रहने से वाहनों के आवागमन में आ रही दिक्कत के चलते यहां चार वर्ष पहले रेलवे ओवरब्रिज का भी निर्माण किया गया। यह बड़ी उपलब्धि है।
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मालगोदाम से हुई 171 तक मालगाड़ियों की लोडिंग-अनलोडिंग
जनपद बनने के 51 वर्ष पहले जहां ललितपुर स्टेशन पर ही मालगोदाम पर एक दो रैक की ही लोडिंग अनलोडिंग होती थी। वर्ष 2020-21 में 171 रैक की लोडिंग अनलोडिंग की गई। वर्ष 2021-22 में 72, वर्ष 2011-23 में 44 और अब इस वर्ष 2024-25 में 24 रैक की लोडिंग अनलोडिंग की गई है और इस वर्ष रेलवे को लगभग रैक की लोडिंग अनलोडिंग से लगभग 14 करोड़ की आय भी हुई है।
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17 करोड़ से मिली रोडवेज डिपो की सौगात
जिला मुख्यालय के समीप ग्राम रोड़ा में 17 करोड़ से रोडवेज डिपो का निर्माण किया गया है। इससे लगभग 60 बसों का संचालित किया जाना है। यह बसें गांव-गांव को जोड़कर मुख्यालय के साथ ही झांसी और लखनऊ समेत अन्य महानगरों के लिए चलाई जाएंगी। इससे यातायात की सुविधा भी सुगम होगी। जल्द ही इसका संचालन शुरू किया जाएगा। साथ ही 16 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी चालू किया जा रहा है।
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1974 से पहले ललितपुर रेलवे स्टेशन पर पंजाब मेल एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, इटारसी पैसेंजर ट्रेन, साबरमती एक्सप्रेस भोपाल होते हुए, सदर्न, उत्कल और कलिंग एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव होता था। करीब आठ वर्ष पहले रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन का दर्जा भी दिया गया। इसके तहत रेलवे स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज के साथ ही ढाई वर्ष पहले 17 अक्तूबर 2022 को प्लेटफार्म एक और दो व तीन पर एस्केलेटर भी स्थापित की गईं। सिग्नलिंग प्रणाली में भी बदलाव हुआ।
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ललितपुर से टीकमगढ़ तक रेलवे लाइन का निर्माण 2012 में पूरा किया गया और 26 अप्रैल 2013 को यह रेलवे सेवाओं से जुड़ा था। ललितपुर से टीकमगढ़ तक रेल सेवाएं शुरू हुईं और ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के तहत शुरू की गई। इसके तहत इस लाइन पर पहली ट्रेन झांसी पैसेंजर ट्रेन और दूसरी भोपाल महामना एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया गया। आज इस लाइन पर भी वंदे भारत एक्सप्रेस और कुंभ मेला स्पेशल समेत चौदह ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ललितपुर से बीना और ललितपुर से झांसी तक तीसरी रेल लाइन पर भी जाखलौन से धौर्रा के मध्य छोड़कर ट्रेनों का सफल संचालन हो रहा है। इसमें तीसरी रेल लाइन पर धौर्रा और मौहासा के मध्य नारायणी नदी और माताटीला और बसई स्टेशन के मध्य बेतवा नदी पर दो बड़े रेल ब्रिज का भी निर्माण हुआ है। वहीं, टीकमगढ़ रेल लाइन पर न्यू टाउन ललितपुर रेलवे स्टेशन और दैलवारा बिरारी कॉड लाइन की सौगात भी मिल चुकी है। ललितपुर बिरारी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। ललितपुर से चंदेरी, पिपरई रेल लाइन सर्वे को भी 26 नवंबर को रेलवे बोर्ड द्वारा मंजूरी देते हुए दो करोड़ की राशि भी जारी की गई। (संवाद)
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अमृत भारत योजना से हो रहा रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण
ललितपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल करते हुए यहां सेल्फी प्वाइंट और सीसी सड़क, दो मंजिला नया आरपीएफ थाना और दो मंजिला नया स्टेशन भवन बनाकर तैयार किया गया है। इसके साथ ही यहां रेलवे स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के तहत चार नंबर प्लेटफार्म और नया स्टेशन भवन का निर्माण भी किया गया है। इसमें रिटायरिंग रूम और यात्रियों के लिए डोरमेट्री की सुविधा भी होगी। देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर दोनों ओर से ट्रेनों के आवागमन के चलते गेट कई घंटों तक बंद रहने से वाहनों के आवागमन में आ रही दिक्कत के चलते यहां चार वर्ष पहले रेलवे ओवरब्रिज का भी निर्माण किया गया। यह बड़ी उपलब्धि है।
मालगोदाम से हुई 171 तक मालगाड़ियों की लोडिंग-अनलोडिंग
जनपद बनने के 51 वर्ष पहले जहां ललितपुर स्टेशन पर ही मालगोदाम पर एक दो रैक की ही लोडिंग अनलोडिंग होती थी। वर्ष 2020-21 में 171 रैक की लोडिंग अनलोडिंग की गई। वर्ष 2021-22 में 72, वर्ष 2011-23 में 44 और अब इस वर्ष 2024-25 में 24 रैक की लोडिंग अनलोडिंग की गई है और इस वर्ष रेलवे को लगभग रैक की लोडिंग अनलोडिंग से लगभग 14 करोड़ की आय भी हुई है।
17 करोड़ से मिली रोडवेज डिपो की सौगात
जिला मुख्यालय के समीप ग्राम रोड़ा में 17 करोड़ से रोडवेज डिपो का निर्माण किया गया है। इससे लगभग 60 बसों का संचालित किया जाना है। यह बसें गांव-गांव को जोड़कर मुख्यालय के साथ ही झांसी और लखनऊ समेत अन्य महानगरों के लिए चलाई जाएंगी। इससे यातायात की सुविधा भी सुगम होगी। जल्द ही इसका संचालन शुरू किया जाएगा। साथ ही 16 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी चालू किया जा रहा है।