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अधूरा पड़ा गांव का सचिवालय
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मड़ावरा। ब्लाक मड़ावरा क्षेत्र में संकरा गांव में बना सचिवालय आधा-अधूरा खड़ा है। इसकी देखरेख नहीं होने के कारण खंडहर में बदलता जा रहा है।
ब्लाक मड़ावरा की ग्राम पंचायत धोरीसागर के मजरा सकरा गांव में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए सचिवालय का निर्माण कराया गया। लेकिन, कोई देखरेख नहीं होने के काण सचिवालय पर ध्यान नहीं दिया गया और इसे बिना कंपलीट कराए ही अधूरा छोड़ दिया गया। इस कारण से सचिवालय का उपयाग नहीं हो पा रहा है। ग्राम सभा की न तो यहां कोई बैठक हो रही है और न गांव में होने वाले विकास कार्यो का चिट्ठा अंकित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण सरकार की योजनाओं की हकीकत नहीं जान पा रहे हैं। निर्माण के समय से आज तक इस गांव में बनाया गया सचिवालय अधूरा पड़ा है, जो खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। गांव के जूनियर हाईस्कूल के पास करीब दस वर्ष पूर्व कराए गए निर्माण के दौरान इसे अधूरा छोड़ दिया गया था। इसकी चाहरदीवारी नहीं बनाई गई और न ही इसमें दरवाजे लगाए गए।
लगभग दस वर्ष पहले सचिवालय का निर्माण कराया गया था। उस समय से लेकर आज तक यह अधूरा पड़ा है। इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है।
- राजेंद्र सिंह यादव, सकरा
निर्माण के समय से ही इसे अधूरा छोड़ दिया गया था। अब यह खंडहर हो गया है और किसी काम का नहीं है। इससे राजस्व का नुकसान हुआ है। दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
- मुलायम सिंह यादव, सकरा
हमें इस सचिवालय के बारे में कोई जानकार नहीं है। क्योंकि, दस साल पुराना मामला है और हम नए आए हैं।
- अनूप केसरी, ग्राम पंचायत सचिव
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ब्लाक मड़ावरा की ग्राम पंचायत धोरीसागर के मजरा सकरा गांव में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए सचिवालय का निर्माण कराया गया। लेकिन, कोई देखरेख नहीं होने के काण सचिवालय पर ध्यान नहीं दिया गया और इसे बिना कंपलीट कराए ही अधूरा छोड़ दिया गया। इस कारण से सचिवालय का उपयाग नहीं हो पा रहा है। ग्राम सभा की न तो यहां कोई बैठक हो रही है और न गांव में होने वाले विकास कार्यो का चिट्ठा अंकित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण सरकार की योजनाओं की हकीकत नहीं जान पा रहे हैं। निर्माण के समय से आज तक इस गांव में बनाया गया सचिवालय अधूरा पड़ा है, जो खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। गांव के जूनियर हाईस्कूल के पास करीब दस वर्ष पूर्व कराए गए निर्माण के दौरान इसे अधूरा छोड़ दिया गया था। इसकी चाहरदीवारी नहीं बनाई गई और न ही इसमें दरवाजे लगाए गए।
लगभग दस वर्ष पहले सचिवालय का निर्माण कराया गया था। उस समय से लेकर आज तक यह अधूरा पड़ा है। इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है।
- राजेंद्र सिंह यादव, सकरा
निर्माण के समय से ही इसे अधूरा छोड़ दिया गया था। अब यह खंडहर हो गया है और किसी काम का नहीं है। इससे राजस्व का नुकसान हुआ है। दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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- मुलायम सिंह यादव, सकरा
हमें इस सचिवालय के बारे में कोई जानकार नहीं है। क्योंकि, दस साल पुराना मामला है और हम नए आए हैं।
- अनूप केसरी, ग्राम पंचायत सचिव