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औद्योगिक क्षेत्र में उड़ती डस्ट बनी परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 22 May 2015 01:45 AM IST
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ललितपुर। औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा में उड़ती डस्ट लोगों के लिए परेशानी बन गई है। स्थिति यह है कि गर्मियों में चलने वाली लू और तेज हवाओं के कारण यह पूरे क्षेत्र में उड़ती है, जिससे उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा में 68 औद्योगिक प्लाट हैं। इसमें से करीब 40 प्लाटों पर उद्यमी अपना कारोबार करते हैं। करीब 25 एकड़ में फैले औद्योगिक क्षेत्र में दाल मिल, ग्रेनाइट कटिंग पॉलिसिंग प्लांट, आरओ वाटर प्लांट आदि कई तरह के प्लांट लगे हैं। इन उद्योगों से किचने वाले कचरे और डस्ट को खुले में सड़क किनारे डाल दिया जाता है, जिससे गर्मियों में चलने वाली तेज हवाएं, लू और आंधी के कारण ग्रेनाइट की यह डस्ट वहां काम करने वालों के लिए अच्छी खासी मुसीबत पैदा करती है। श्वांस रोगियों के साथ-साथ यह स्वस्थ लोगों के लिए भी परेशानी पैदा करती है। इतना ही नहीं, ग्रेनाइट की औद्योगिक इकाइयों के आसपास अन्य इकाइयों में काम करने वाले भी इससे परेशान हैं, लेकिन इसका कोई समाधान उन्हें नजर नहीं आता। रही- सही कसर यहां की सड़कें पूरी कर देती हैं, क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र में पक्की सड़कों का लगभग अभाव है।
जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र में सड़क तैयार की जाएगी। इसके लिए 1.02 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। इससे एक किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी, जो औद्योगिक क्षेत्र के ज्यादातर हिस्से को कवर करेगी। इससे डस्ट और धूल उड़ने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। उम्मीद है कि सड़क जल्द स्वीकृत हो जाएगी। पूर्व में 2.60 करोड़ रुपये का सड़क निर्माण संबंधी प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें सड़क की क्षमता कम से कम 60 टन लोड सहने की थी, लेकिन प्रस्ताव को संशोधित कर दुबारा मंगाया गया है।
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- केशवदास सुल्लेरे
सहायक प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र
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औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा में 68 औद्योगिक प्लाट हैं। इसमें से करीब 40 प्लाटों पर उद्यमी अपना कारोबार करते हैं। करीब 25 एकड़ में फैले औद्योगिक क्षेत्र में दाल मिल, ग्रेनाइट कटिंग पॉलिसिंग प्लांट, आरओ वाटर प्लांट आदि कई तरह के प्लांट लगे हैं। इन उद्योगों से किचने वाले कचरे और डस्ट को खुले में सड़क किनारे डाल दिया जाता है, जिससे गर्मियों में चलने वाली तेज हवाएं, लू और आंधी के कारण ग्रेनाइट की यह डस्ट वहां काम करने वालों के लिए अच्छी खासी मुसीबत पैदा करती है। श्वांस रोगियों के साथ-साथ यह स्वस्थ लोगों के लिए भी परेशानी पैदा करती है। इतना ही नहीं, ग्रेनाइट की औद्योगिक इकाइयों के आसपास अन्य इकाइयों में काम करने वाले भी इससे परेशान हैं, लेकिन इसका कोई समाधान उन्हें नजर नहीं आता। रही- सही कसर यहां की सड़कें पूरी कर देती हैं, क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र में पक्की सड़कों का लगभग अभाव है।
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जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र में सड़क तैयार की जाएगी। इसके लिए 1.02 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। इससे एक किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी, जो औद्योगिक क्षेत्र के ज्यादातर हिस्से को कवर करेगी। इससे डस्ट और धूल उड़ने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। उम्मीद है कि सड़क जल्द स्वीकृत हो जाएगी। पूर्व में 2.60 करोड़ रुपये का सड़क निर्माण संबंधी प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें सड़क की क्षमता कम से कम 60 टन लोड सहने की थी, लेकिन प्रस्ताव को संशोधित कर दुबारा मंगाया गया है।
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- केशवदास सुल्लेरे
सहायक प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र