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अवैध खनन पर पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
Lalitpur
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:32 AM IST
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mines
- फोटो : demo
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शहर कोतवाली क्षेत्र के कल्यानपुरा गांव स्थित बानई नदी पर हुए अवैध खनन के संबंध में खनन विभाग के पत्राचार के बाद भी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं समझा। जिला खनिज अधिकारी ने दो महीनों के अंदर तीन बार पत्र भेजकर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया है।
गौरतलब हो कि शहर सीमा से सटे कल्यानपुरा गांव में स्थित बानई नदी पर ग्राम प्रधान की मिलीभगत से धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा था। इसके लिए खनन माफिया ने ग्रामीणों की मदद से नदी को पांच किलोमीटर के क्षेत्र में गहरे कुएं और चट्टानों के रूप में तब्दील कर दिया था। अमर उजाला ने नदी में हो रहे अवैध खनन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर अधिकारियों के संज्ञान में लाया। खबर प्रकाशित होते ही खनन अधिकारी अरविंद कुमार ने मौके पर जाकर अवैध खनन की स्थिति को परखा और ग्रामीणों से बात की। इस दौरान जांच अधिकारी को ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से नदी में अवैध खनन किया जा रहा है। इससे जहां एक ओर नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है, वहीं, कटाव होने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इसके लिए खनिज अधिकारी ने खनन कर्ताओं को ग्राम प्रधान का संरक्षण प्राप्त होने की बात स्वीकारते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया था। खनन अधिकारी ने पहला पत्र दो जनवरी को भेजा था, इसके उपरांत एक पत्र और भेजा। वहीं, पांच फरवरी को एक बार फिर कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया। तीन पत्र प्राप्त होने के बाद भी कार्रवाई न होते देख खनन अधिकारी ने डीएम से शिकायत की। इस पर डीएम ने कोतवाली प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं समझा।
मुझे मामले की जानकारी नहीं है। देखना पड़ेगा कि मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हो पाया है। मुझे बालू सीज होने की जानकारी है।
जयप्रकाश राम, कोतवाली प्रभारी
तीन बार पत्र के माध्यम से पुलिस को बालू कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया है। डीएम ने भी कोतवाली प्रभारी से बात कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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अरविंद कुमार, जिला खान अधिकारी
पत्र यदि भेजा है तो किसने रिसीव किया है और कब भेजा है। इसकी कोई जानकारी नहीं है।
राजकुमार वर्मा, उपनिरीक्षक
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गौरतलब हो कि शहर सीमा से सटे कल्यानपुरा गांव में स्थित बानई नदी पर ग्राम प्रधान की मिलीभगत से धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा था। इसके लिए खनन माफिया ने ग्रामीणों की मदद से नदी को पांच किलोमीटर के क्षेत्र में गहरे कुएं और चट्टानों के रूप में तब्दील कर दिया था। अमर उजाला ने नदी में हो रहे अवैध खनन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर अधिकारियों के संज्ञान में लाया। खबर प्रकाशित होते ही खनन अधिकारी अरविंद कुमार ने मौके पर जाकर अवैध खनन की स्थिति को परखा और ग्रामीणों से बात की। इस दौरान जांच अधिकारी को ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से नदी में अवैध खनन किया जा रहा है। इससे जहां एक ओर नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है, वहीं, कटाव होने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इसके लिए खनिज अधिकारी ने खनन कर्ताओं को ग्राम प्रधान का संरक्षण प्राप्त होने की बात स्वीकारते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया था। खनन अधिकारी ने पहला पत्र दो जनवरी को भेजा था, इसके उपरांत एक पत्र और भेजा। वहीं, पांच फरवरी को एक बार फिर कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया। तीन पत्र प्राप्त होने के बाद भी कार्रवाई न होते देख खनन अधिकारी ने डीएम से शिकायत की। इस पर डीएम ने कोतवाली प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं समझा।
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मुझे मामले की जानकारी नहीं है। देखना पड़ेगा कि मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हो पाया है। मुझे बालू सीज होने की जानकारी है।
जयप्रकाश राम, कोतवाली प्रभारी
तीन बार पत्र के माध्यम से पुलिस को बालू कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया है। डीएम ने भी कोतवाली प्रभारी से बात कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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अरविंद कुमार, जिला खान अधिकारी
पत्र यदि भेजा है तो किसने रिसीव किया है और कब भेजा है। इसकी कोई जानकारी नहीं है।
राजकुमार वर्मा, उपनिरीक्षक