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इग्नू से पढ़ाई कर सकेंगे ललितपुर जेल के कैदी
lalitpur
Updated Sat, 25 Jun 2016 01:30 AM IST
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इग्नूू
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर अब अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को इग्नू में नि:शुल्क प्रवेश दिए जाएंगे। इसके साथ ही ललितपुर जेल के कैदियों को इग्नू की पढ़ाई से शीघ्र जोड़ा जाएगा।
शुक्रवार को इग्नू की क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ की सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रीना कुमारी नेहरू महाविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय(इग्नू) देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है। इसकी स्थापना देश के सुदूर इलाकों में गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। अनुसूचित जाति, जन जाति के बीच शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से एससी एवं एसटी वर्ग के प्रवेश में इच्छुक विद्यार्थियों को शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत बीए कला स्नातक, बीएससी विज्ञान में स्नातक, बीकॉम वाणिज्य में स्नातक, बीएसडब्ल्यू (समाज कार्य में स्नातक), बीटीएस (पर्यटन में स्नातक), बीसीए (कम्प्यूटर में स्नातक) आदि शामिल हैं। वहीं, परास्नातक करने वाले छात्रों के लिए इस तरह की किसी छूट का प्रावधान नहीं किया गया है।
उन्होेंने कहा कि इग्नू की पढ़ाई से ललितपुर जेल के कैदियों को भी जल्द जोड़ा जाएगा। हाल ही में कानपुर व सीतापुर जेल में कैदियों को पढ़ाई का प्रस्ताव किया गया है। महिलाओं को नि:शुल्क शिक्षा नहीं देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय भेजा जाएगा, ताकि महिलाएं भी मुख्य धारा से जोड़ सकें। इग्नू अध्ययन केंद्रों में विद्यार्थियों का नामांकन कम होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इग्नू की परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में होती है। ललितपुर अध्ययन केंद्र पर अन्य कोर्स शुरू करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अध्ययन केंद्र से बीस अन्य कोर्स आरंभ करने के लिए आवेदन किया गया है। जिस पर विचार किया जा रहा है।
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स्टडी केंद्र के कोआर्डीनेटर डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि मानवाधिकार, पर्यावरण, कंप्यूटर, कृषि विज्ञान, पत्रकारिता आदि पाठ्यक्रमों की स्वीकृति मिलने की संभावना है। उन्होंने विद्यार्थियों से इग्नू में नामांकन कराने का आह्वान किया है। इस मौके पर नेमवि प्राचार्य डॉ. अवधेश अग्रवाल, पूर्व प्राचार्य भगवत नारायण शर्मा, डॉ. संजीव शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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शुक्रवार को इग्नू की क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ की सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रीना कुमारी नेहरू महाविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय(इग्नू) देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है। इसकी स्थापना देश के सुदूर इलाकों में गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। अनुसूचित जाति, जन जाति के बीच शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से एससी एवं एसटी वर्ग के प्रवेश में इच्छुक विद्यार्थियों को शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत बीए कला स्नातक, बीएससी विज्ञान में स्नातक, बीकॉम वाणिज्य में स्नातक, बीएसडब्ल्यू (समाज कार्य में स्नातक), बीटीएस (पर्यटन में स्नातक), बीसीए (कम्प्यूटर में स्नातक) आदि शामिल हैं। वहीं, परास्नातक करने वाले छात्रों के लिए इस तरह की किसी छूट का प्रावधान नहीं किया गया है।
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उन्होेंने कहा कि इग्नू की पढ़ाई से ललितपुर जेल के कैदियों को भी जल्द जोड़ा जाएगा। हाल ही में कानपुर व सीतापुर जेल में कैदियों को पढ़ाई का प्रस्ताव किया गया है। महिलाओं को नि:शुल्क शिक्षा नहीं देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय भेजा जाएगा, ताकि महिलाएं भी मुख्य धारा से जोड़ सकें। इग्नू अध्ययन केंद्रों में विद्यार्थियों का नामांकन कम होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इग्नू की परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में होती है। ललितपुर अध्ययन केंद्र पर अन्य कोर्स शुरू करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अध्ययन केंद्र से बीस अन्य कोर्स आरंभ करने के लिए आवेदन किया गया है। जिस पर विचार किया जा रहा है।
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स्टडी केंद्र के कोआर्डीनेटर डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि मानवाधिकार, पर्यावरण, कंप्यूटर, कृषि विज्ञान, पत्रकारिता आदि पाठ्यक्रमों की स्वीकृति मिलने की संभावना है। उन्होंने विद्यार्थियों से इग्नू में नामांकन कराने का आह्वान किया है। इस मौके पर नेमवि प्राचार्य डॉ. अवधेश अग्रवाल, पूर्व प्राचार्य भगवत नारायण शर्मा, डॉ. संजीव शर्मा आदि उपस्थित रहे।