फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   If you need blood then arrange it yourself

Lalitpur News: खून चाहिए तो खुद से करें इंतजाम

Fri, 26 Jan 2024 02:14 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jan 2024 02:14 AM IST
विज्ञापन
If you need blood then arrange it yourself
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

ललितपुर। किडनी और थैलेसीमिया के मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने पर खुद इसकी व्यवस्था करनी पड़ सकती है। कारण, जिला अस्पताल स्थित रक्तकोष में मात्र 10 यूनिट रक्त बचा है, इसमें भी बी पॉजिटिव, ए व एबी निगेटिव ग्रुप के रक्त का स्टाक शून्य है। आपात स्थित में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
करीब डेढ़ माह से शिविर न लगने के कारण रक्तकोष में खून का स्टॉक लगातार कम होता जा रहा है। अब तो स्थिति बेहद खराब है, क्योंकि 300 यूनिट की क्षमता के रक्तकोष (ब्लड बैंक) में मात्र 10 यूनिट रक्त ही शेष बचा है। वहीं, तीन समूहों के रक्त का स्टाक शून्य होने से डायलिसिस कराने वाले और थैलेसीमिया सहित अन्य मरीजों को खासी दिक्कत हो सकती है। विभागीय जानकारी के मुताबिक रक्तकोष में करीब 12 से 15 मरीज थैलीसीमिया के आते हैं। इन्हें प्रतिमाह लगभग 20 यूनिट रक्त देना होता है, वहीं डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को भी 20 यूनिट दिया जाता है। इसके अलावा पांच यूनिट रक्त बेसहारा मरीजों के लिए जुटाना होता है, लेकिन प्रतिमाह 40 यूनिट के सापेक्ष मात्र 10 यूनिट ही स्टाक में है। रक्तकोष प्रभारी का कहना है कि स्टॉक बढ़ाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं को रक्तदान शिविर लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जल्द ही स्टॉक क्षमता बढ़ जाएगी।
विज्ञापन

---
इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों को दिया जाता है नि:शुल्क रक्त
रक्तकोष से जननी सुरक्षा योजना के मरीज, थैलीसीमिया, डायलिसिस, कैंसर आदि के मरीजों को नि:शुल्क रक्त दिया जाता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार लगभग 40 यूनिट रक्त बिना रक्तदान किए ही दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---

ये है रक्तकोष की स्थिति
ग्रुप यूनिट
ए पॉजिटिव - तीन
बी पॉजिटिव - शून्य
ओ पॉजिटिव - दो
एबी पॉजिटिव - दो
ए निगेटिव - शून्य
बी निगेटिव - दो
ओ निगेटिव - एक
एबी निगेटिव - शून्य
------------
इस माह शिविर कम लगने से ब्लडबैंक में रक्त की कमी हो गई है। कई मरीजों को कार्ड पर रक्त दिया जाता है। अब संस्थाओं के सहयोग से शिविर लगाकर स्टॉक बढ़ाया जाएगा।-डॉ. एमएस राजपूत, नोडल अधिकारी, रक्तकोष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed