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Lalitpur News: हाथ खोलना भूले तो लगी हथकड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम विघा राजपुर में परिवार को कथित बदनामी से बचाने के लिए मां रामदेवी और चाचाओं सुनील व देशराज ने बेटी कामिनी के प्रेमी मिथुन की हत्या की साजिश रची। पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल पर दृश्यम फिल्म भी देखी। मिथुन की हत्या से भड़की कामिनी को चुप कराने के लिए उसकी भी हत्या कर दी। आत्महत्या दर्शाने के लिए दोनों के मुंह में कीटनाशक डाला गया। मिथुन के शव को गांव के बाहर पेड़ पर रस्सी से लटका दिया गया। लेकिन हड़बड़ी में मिथुन के हाथ न खाेलने की भूल ने उनके हाथों में हथकड़ी लगवा दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि वारदात की बुनियाद पूर्व में हुए समझौते की एक शर्त पर रखी गई थी। ग्रामीणों के अनुसार कामिनी और मिथुन के मध्य काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। कुछ माह पूर्व परिजन ने कामिनी से ही मिथुन के खिलाफ केस दर्ज कराया था। थाने में केस लिखे जाने के बाद गांव में पंचायत हुई थी। जिसमें कामिनी की शादी होने तक मिथुन के गांव से बाहर रहने के फैसले पर समझौता हुआ था। इसके बाद मिथुन गांव से बाहर अपने मामा के यहां रहने लगा था।
राजीनामे में यह भी शर्त थी कि भविष्य में मिथुन के आत्महत्या करने पर कामिनी के परिजन की जिम्मेदारी नहीं होगी। शादी के वादे के बाद मिथुन कामिनी से मिलने उसके घर आता रहा था। इस बीच परिजन ने कामिनी की शादी दूसरी जगह तय कर दी थी। इस मामले की गांव में चर्चा थी। परिजन इसे अपनी बदनामी मान रहे थे।र
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ललितपुर। ग्राम विघा राजपुर में परिवार को कथित बदनामी से बचाने के लिए मां रामदेवी और चाचाओं सुनील व देशराज ने बेटी कामिनी के प्रेमी मिथुन की हत्या की साजिश रची। पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल पर दृश्यम फिल्म भी देखी। मिथुन की हत्या से भड़की कामिनी को चुप कराने के लिए उसकी भी हत्या कर दी। आत्महत्या दर्शाने के लिए दोनों के मुंह में कीटनाशक डाला गया। मिथुन के शव को गांव के बाहर पेड़ पर रस्सी से लटका दिया गया। लेकिन हड़बड़ी में मिथुन के हाथ न खाेलने की भूल ने उनके हाथों में हथकड़ी लगवा दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि वारदात की बुनियाद पूर्व में हुए समझौते की एक शर्त पर रखी गई थी। ग्रामीणों के अनुसार कामिनी और मिथुन के मध्य काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। कुछ माह पूर्व परिजन ने कामिनी से ही मिथुन के खिलाफ केस दर्ज कराया था। थाने में केस लिखे जाने के बाद गांव में पंचायत हुई थी। जिसमें कामिनी की शादी होने तक मिथुन के गांव से बाहर रहने के फैसले पर समझौता हुआ था। इसके बाद मिथुन गांव से बाहर अपने मामा के यहां रहने लगा था।
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राजीनामे में यह भी शर्त थी कि भविष्य में मिथुन के आत्महत्या करने पर कामिनी के परिजन की जिम्मेदारी नहीं होगी। शादी के वादे के बाद मिथुन कामिनी से मिलने उसके घर आता रहा था। इस बीच परिजन ने कामिनी की शादी दूसरी जगह तय कर दी थी। इस मामले की गांव में चर्चा थी। परिजन इसे अपनी बदनामी मान रहे थे।र
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