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Lalitpur News: ऑक्सीजन सिलिंडर का ह्यूमिडिफायर फटा... बेड छोड़ मरीजों ने दूसरी मंजिल से लगाई दौड़
Wed, 15 May 2024 03:47 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Wed, 15 May 2024 03:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला अस्पताल में दूसरी मंजिल पर बने जनरल वार्ड में ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने के दौरान ह्यूमिडिफायर फट गया। सिलिंडर से ऑक्सीजन का तेज रिसाव होता देख वार्ड में भगदड़ मच गई। आलम यह हुआ कि वार्ड में भर्ती मरीजों ने डि्रप निकाली और बेड छोड़कर दूसरी मंजिल से नीचे की ओर दौड़ लगा दी। साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडर लगा रहा वार्ड बॉय भी मरीज को वार्ड में ही छोड़कर भाग निकला। जबकि मरीज बेड पर पड़ा रहा। ह्यूमिडिफायर फटने की आवाज सुनकर अस्पताल के अन्य वार्डों में भर्ती मरीज और तीमारदार भी अस्पताल से बाहर आ गए। कुछ मरीज इतना घबरा गए कि एक घंटे तक वार्ड में नहीं आए।
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में मंगलवार दोपहर को पलंग नंबर दस पर भर्ती गांव समोगर निवासी अशोक को सांस लेने में दिक्कत हुई। वार्ड बॉय ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर मरीज के पास पहुंचा और उसे खोलने लगा। काफी देर तक जब सिलिंडर का नोजल न खुला तो वार्ड बॉय ने चाबी लगाई। इसके बाद अचानक सिलिंडर में लगा ह्यूमिडिफायर तेज आवाज के साथ फट गया और ऑक्सीजन का तेज रिसाव होने लगा। इसके बाद वार्ड में अफरातफरी मच गई। वार्ड में भर्ती मरीजों और तीमारदारों ने डि्रप निकाली और दूसरी मंजिल से नीचे की ओर दौड़ लगा दी। वहीं सिलिंडर लगा रहा वार्ड बॉय भी मरीज अशोक को छोड़कर भाग खड़ा हुआ। घटना की जानकारी होने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी सिंह समेत अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। अफसरों ने मरीजों और तीमारदारों को समझाकर दोबारा वार्ड में भेजा। घबराए हुए कुछ मरीज एक घंटे बाद भी वार्ड में नहीं गए।
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यह है ह्यूमिडिफायर
ऑक्सीजन सिलिंडर में भरी गैस को ह्यूमिडिफायर नम करता है। इसके जरिये ही मरीज तक ऑक्सीजन पहुंचती है। यह शरीर को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाती है।
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फोटो- 06
कैप्सन- विमला
मर जाते, लेकिन पति को छोड़कर नहीं जाते : विमला
वार्ड में भर्ती विमला का पति अधिक उम्र होने की वजह से गैस रिसाव के बाद भी बेड से नहीं उठ सका। इसके चलते विमला भी वार्ड में पति के पास बैठी रही। विमला ने कहा कि भले ही मर जाते, लेकिन पति को छोड़कर नहीं जाते।
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बच्चा हो गया गुम
जनरल वार्ड में ह्यूमिडिफायर के फटने की आवाज आई तो पुरुष वार्ड के बाहर गैलरी में लेटे मरीज भी भाग खड़े हुए। भगदड़ में कई मरीज और तीमारदार बिछड़ गए। इस दौरान एक महिला का बच्चा भी गुम गया। इस पर महिला चीखने लगी। हालांकि, कुछ देर बाद बच्चा मिलने के बाद उसने राहत की सांस ली।-- -
बिजली होती तो न फटता ह्यूमिडिफायर
वार्ड में भर्ती मरीज को स्वास्थ्य कर्मी ने पहले पाइपलाइन से ऑक्सीजन लगाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली न आने के चलते सिलिंडर से ऑक्सीजन लगाई जा रहा थी। यदि अस्पताल में बिजली आ रही होती तो ह्यूमिडिफायर न फटता।
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कर्मचारियों के भागने से घबराए मरीज
अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक अप्रशिक्षित कर्मी लगे हैं। ह्यूमिडिफायर फटने के बाद सबसे पहले अस्पताल के कर्मचारी भागे। इसके बाद मरीजों में भगदड़ मची। अगर कर्मचारी प्रशिक्षित होते तो शायद भगदड़ न मचती।
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ललितपुर। जिला अस्पताल में दूसरी मंजिल पर बने जनरल वार्ड में ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने के दौरान ह्यूमिडिफायर फट गया। सिलिंडर से ऑक्सीजन का तेज रिसाव होता देख वार्ड में भगदड़ मच गई। आलम यह हुआ कि वार्ड में भर्ती मरीजों ने डि्रप निकाली और बेड छोड़कर दूसरी मंजिल से नीचे की ओर दौड़ लगा दी। साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडर लगा रहा वार्ड बॉय भी मरीज को वार्ड में ही छोड़कर भाग निकला। जबकि मरीज बेड पर पड़ा रहा। ह्यूमिडिफायर फटने की आवाज सुनकर अस्पताल के अन्य वार्डों में भर्ती मरीज और तीमारदार भी अस्पताल से बाहर आ गए। कुछ मरीज इतना घबरा गए कि एक घंटे तक वार्ड में नहीं आए।
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में मंगलवार दोपहर को पलंग नंबर दस पर भर्ती गांव समोगर निवासी अशोक को सांस लेने में दिक्कत हुई। वार्ड बॉय ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर मरीज के पास पहुंचा और उसे खोलने लगा। काफी देर तक जब सिलिंडर का नोजल न खुला तो वार्ड बॉय ने चाबी लगाई। इसके बाद अचानक सिलिंडर में लगा ह्यूमिडिफायर तेज आवाज के साथ फट गया और ऑक्सीजन का तेज रिसाव होने लगा। इसके बाद वार्ड में अफरातफरी मच गई। वार्ड में भर्ती मरीजों और तीमारदारों ने डि्रप निकाली और दूसरी मंजिल से नीचे की ओर दौड़ लगा दी। वहीं सिलिंडर लगा रहा वार्ड बॉय भी मरीज अशोक को छोड़कर भाग खड़ा हुआ। घटना की जानकारी होने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी सिंह समेत अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। अफसरों ने मरीजों और तीमारदारों को समझाकर दोबारा वार्ड में भेजा। घबराए हुए कुछ मरीज एक घंटे बाद भी वार्ड में नहीं गए।
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यह है ह्यूमिडिफायर
ऑक्सीजन सिलिंडर में भरी गैस को ह्यूमिडिफायर नम करता है। इसके जरिये ही मरीज तक ऑक्सीजन पहुंचती है। यह शरीर को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाती है।
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फोटो- 06
कैप्सन- विमला
मर जाते, लेकिन पति को छोड़कर नहीं जाते : विमला
वार्ड में भर्ती विमला का पति अधिक उम्र होने की वजह से गैस रिसाव के बाद भी बेड से नहीं उठ सका। इसके चलते विमला भी वार्ड में पति के पास बैठी रही। विमला ने कहा कि भले ही मर जाते, लेकिन पति को छोड़कर नहीं जाते।
बच्चा हो गया गुम
जनरल वार्ड में ह्यूमिडिफायर के फटने की आवाज आई तो पुरुष वार्ड के बाहर गैलरी में लेटे मरीज भी भाग खड़े हुए। भगदड़ में कई मरीज और तीमारदार बिछड़ गए। इस दौरान एक महिला का बच्चा भी गुम गया। इस पर महिला चीखने लगी। हालांकि, कुछ देर बाद बच्चा मिलने के बाद उसने राहत की सांस ली।
बिजली होती तो न फटता ह्यूमिडिफायर
वार्ड में भर्ती मरीज को स्वास्थ्य कर्मी ने पहले पाइपलाइन से ऑक्सीजन लगाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली न आने के चलते सिलिंडर से ऑक्सीजन लगाई जा रहा थी। यदि अस्पताल में बिजली आ रही होती तो ह्यूमिडिफायर न फटता।
कर्मचारियों के भागने से घबराए मरीज
अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक अप्रशिक्षित कर्मी लगे हैं। ह्यूमिडिफायर फटने के बाद सबसे पहले अस्पताल के कर्मचारी भागे। इसके बाद मरीजों में भगदड़ मची। अगर कर्मचारी प्रशिक्षित होते तो शायद भगदड़ न मचती।