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कैसे बनेगा मिड-डे मील
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 24 Jul 2015 11:43 PM IST
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जिले के 1,560 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित हो रही है। योजनांतर्गत हर साल छात्रांकन के आधार पर रसोइयों की नई नियुक्ति की जाती है। इसके लिए बाकायदा शासनादेश बना हुआ है, जिसमें पच्चीस बच्चों पर एक रसोइया, छब्बीस से सौ बच्चों पर दो रसोइया, एक सौ एक से दो सौ बच्चों पर तीन रसोइया, दो सौ एक से तीन सौ के छात्रांकन पर चार रसोइया और तीन सौ एक से एक हजार के छात्रांकन पर पांच रसोइया की तैनाती का प्रावधान रखा गया है। गत शैक्षिक सत्र में 4,260 रसोइयों की नियुक्ति की गई थी। नए शैक्षिक सत्र में रसोइयों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन, इसका ब्योरा विभाग को प्राप्त नहीं हो सका है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि किस स्कूल में कितने और कौन से रसोइया काम कर रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कई बार खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। इसके बाद भी रसोइयों का ब्योरा विभागीय कार्यालय को प्राप्त नहीं हो सका है।
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