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गृहणियों, आम लोगों ने माना महंगाई बढ़ाने वाला बजट

Tue, 01 Mar 2016 01:35 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Tue, 01 Mar 2016 01:35 AM IST
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Housewives, which increases inflation perceived by the public budget
ललितपुर। सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए आम बजट को गृहणियों और आम जन ने महंगाई बढ़ाने वाला माना है।  सभी वर्र्गों को साधने वाले इस बजट पर लोगों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है।
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केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को आम बजट पेश किया गया, जिसमें होटलों में खाना खाने वालों की थाली महंगी कर दी गई। मोबाइल बिल महंगा होने से भी गरीबों पर चोट की गई। इसके अलावा हवाई और रेल सफर भी महंगा कर दिया गया। हालांकि, गरीबों को साधने के लिए बीपीएल धारकों को रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना भी शामिल किया गया।
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गांव में बिजली, डिजीटल साक्षरता, उच्च शिक्षा और सड़कों के लिए सरकार ने बजट में सरकारी खजाने को खोल दिया है। नशाखोरी कम करने के लिए गुटखा और पान मसाला को महंगा कर दिया है। हालांकि, कर्ज लेकर घर खरीदने वालों को भी लुभाया गया। सर्विस टैक्स बढ़ने से अधिकांश घरेलू व पट्रोलियम उत्पादन महंगे होंगे, जो आम लोगों की जेब ढीली कर सकते हैं।
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अमर उजाला द्वारा सरकार द्वारा आम बजट पर राय ली गई तो शहर के लोगों खासकर नौकरी पेशा लोगों ने जहां बजट की सराहना की, वहीं गृहणियों ने आम बजट को महंगाई वाला बताया। लेकिन, गुटखा व पान मसाला महंगा होने पर खुशी जाहिर की है। नौकरी पेशा लोगों ने बजट को सरकार की सराहना की।

सर्विस टैक्स बढ़ाना सही नहीं है। इससे घरेलू सामान अधिक महंगे होंगे। सोने के जेवरात महंगे होने से सोना आम लोगों  की पहुंच से दूर होता जा रहा है। गुटखा और पान मसाला महंगा होने से  दुकानदारों के रोजगार पर असर पड़ेगा। हालांकि, शिक्षा व किसानों के लिए आम  बजट काफी खुश करने वाला है। बिजली, शिक्षा व परमिट व्यवस्था खत्म करना  सरकार का अच्छा कदम है।
- अनुराग पाराशर, व्यवसायी।

सरकार का बजट आम लोगों की जेब को देखकर बनाया गया है। यह बजट गरीबों के हित में है। हवाई व रेल टिकट महंगा होना आज की जरूरत है। सोने व हीरे के गहने महंगे होने से आम लोगों पर खास फर्क नहीं पड़ेगा। बजट के पूर्व भी अधिकांश शौहरत वाले सामान महंगे हो जाते हैं। बजट में गरीबों और उच्च शिक्षा पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है, जो आम लोगों के विकास में मदद देगा।
- नीलम सक्सेना
न्यायिक सदस्य, जिला उपभोक्ता फोरम।

बजट में सरकार द्वारा जो पैसा दिया जाता है, वह उक्त कार्यों में सही प्रकार से खर्च नहीं किया जाता है और आम उपभोक्ता उचित व्यवस्थाओं से वंचित रह जाता है। बजट के सापेक्ष कार्य पूर्ण नहीं होते हैं। बजट के हिसाब से सड़कों की स्थिति काफी दयनीय बनी रहती है। किसानों तक बजट का पूरा लाभ नहीं पहुंच पाता है। सरकार द्वारा आज भी ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और सूखा राहत का पैसा पूर्ण रुप से वितरित नहीं किया जा सका है। गरीबों को दो रुपए किलो जो राशन सरकार द्वारा दिया जा रहा है, उसे अमीर व्यक्ति तो देखना पसंद नहीं करता है और वह राशन गरीबों को खाने को दिया जा रहा है। सोना चाहे महंगा हो या फिर सस्ता उसे अमीर आदमी ही खरीद सकता है। गरीब की पहुंच से सोना व हीरा बहुत दूर हो चुका है।ब बजट का उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है, जब सरकार द्वारा उच्च जांच कमेटी की निगरानी में कार्य कराए जाएं।

- भारती वर्मा, एडवोकेट।

आम बजट ने इस बार सरकारी कर्मचारियों को काफी राहत दी है। नई नियुक्तियों में सरकार का तीन साल तक पीएफ देने का निर्णय सराहनीय है। होम लोन पर पचास हजार रुपए की छूट देने से अब घर का सपना भी आसान हो सकेगा। उच्च शिक्षा में सरकार ने खजाने का पिटारा खोलने से विद्यार्थियों को आसानी से सफलता मिल सकेगी। गुटखा, सिगरेट या कारें महंगी होने से खास असर नहीं पड़ेगा। इस बजट में सरकार ने किसानों व गरीबों के साथ उच्च एवं मध्यम वर्ग पर भी विशेष ध्यान दिया, जिससे यह बजट सराहनीय रहा है।
- आशुतोष तिवारी
शिक्षक, गांधी नगर।
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