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वार्ड फुल, गैलरी में इलाज
lalitpur
Updated Tue, 07 Jun 2016 01:49 AM IST
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स्वाास्थ्य
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फोटो- 11
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कैप्शन - अस्पताल की गैलरी में लेटे मरीज
फोटो-13
कैप्शन - घर के गद्दे व पंखे के सहारे इलाज कराता मरीज
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ललितपुर। भीषण गर्मी के कारण जिला संयुक्त चिकित्सालय में उल्टी-दस्त से बेहाल मरीजों की भरमार हैं। मरीज अधिक होने के कारण अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाएं बनाने में सक्षम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में स्थिति यह है कि यहां आने वाले मरीज जमीन पर लेटने को मजबूर हैं, वहीं हाथ से पंखा हिलाकर गर्मी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। अस्पताल में गर्मी का आलम यह है कि अधिकांश तीमारदार व मरीज वार्ड के बजाय खुले में टहलकर रतजगा कर रहे हैं। रविवार रात अमर उजाला की टीम ने जिला संयुक्त चिकित्सालय की सच्चाई जानी। वहां वार्ड में मरीजों के लिए जगह नहीं थी, इस कारण वह गैलरी में जमीन पर लेटे थे। गैलरी में सिर्फ रोशनी की व्यवस्था है, लेकिन हवा की कोई व्यवस्था नहीं है। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि वार्ड में भर्ती होने के बाद इंजेक्शन से लेकर सलाइन बोतलें आदि लगाने का काम सफाई कर्मी व वार्ड ब्वाय से कराया जा रहा है।
समय : रात 11 बजे
स्थान : इमरजेंसी वार्ड
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भरमार थी। एक पलंग पर दो मरीज लेटे हुए थे। यहां तैनात केवल एक चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे थे। उनके सहयोग के लिए कोई अन्य प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद नहीं था।
समय : रात 11.10 बजे
स्थान : जनरल वार्ड
जनरल वार्ड की स्थिति तो इमरजेंसी वार्ड से भी ज्यादा खराब थी। यहां मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक बिस्तर पर दो मरीज तो लेटे ही थी, साथ ही गैलरी में भी मरीज लेटे हुए थे। वार्ड कूलर की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। गैलरी में लेटे मरीजों की हालत तो बहुत ही खराब है, वहां पर न तो खिड़की है और न ही पंखे हैं। गैलरी में लेटे मरीज अपने घर लाए हुए गद्दा बिछाकर व घर से ही पंखा मंगाकर इलाज करा रहे थे।
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समय रात 11.20 बजे
स्थान : महिला वार्ड
महरौनी के ग्राम खिरिया लटकनजू निवासी सुखवती बाई अपने छह माह के पोते की तबीयत बिगडने पर रविवार रात जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंची। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने बच्चे का चेकअप करने के बाद उसे भर्ती करने की सलाह दी। महिला अपने पोते को लेकर जब महिला वार्ड में पहुंची, तो वह सीएसटी पर्चा के लिए काफी देर परेशान घूमती रही। गंभीर बच्चे को चिकित्सक द्वारा दिए गए इंजेक्शन देने के लिए कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। करीब आधा घंटा परेशान होने के बाद वहां तैनात वार्ड ब्वाय ने बच्चे का इलाज शुरु किया। वार्ड ब्वॉय द्वारा बच्चे को इलाज देना खतरे से खाली नहीं है।
कोट
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गर्मी के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, इस कारण कई मरीजों को मजबूरी में जमीन पर लिटाना पड़ रहा है। वार्ड ब्वाय द्वारा इलाज करना गलत है, इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
- डा. संजय वासवानी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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कैप्शन - अस्पताल की गैलरी में लेटे मरीज
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कैप्शन - घर के गद्दे व पंखे के सहारे इलाज कराता मरीज
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ललितपुर। भीषण गर्मी के कारण जिला संयुक्त चिकित्सालय में उल्टी-दस्त से बेहाल मरीजों की भरमार हैं। मरीज अधिक होने के कारण अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाएं बनाने में सक्षम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में स्थिति यह है कि यहां आने वाले मरीज जमीन पर लेटने को मजबूर हैं, वहीं हाथ से पंखा हिलाकर गर्मी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। अस्पताल में गर्मी का आलम यह है कि अधिकांश तीमारदार व मरीज वार्ड के बजाय खुले में टहलकर रतजगा कर रहे हैं। रविवार रात अमर उजाला की टीम ने जिला संयुक्त चिकित्सालय की सच्चाई जानी। वहां वार्ड में मरीजों के लिए जगह नहीं थी, इस कारण वह गैलरी में जमीन पर लेटे थे। गैलरी में सिर्फ रोशनी की व्यवस्था है, लेकिन हवा की कोई व्यवस्था नहीं है। अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि वार्ड में भर्ती होने के बाद इंजेक्शन से लेकर सलाइन बोतलें आदि लगाने का काम सफाई कर्मी व वार्ड ब्वाय से कराया जा रहा है।
समय : रात 11 बजे
स्थान : इमरजेंसी वार्ड
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भरमार थी। एक पलंग पर दो मरीज लेटे हुए थे। यहां तैनात केवल एक चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे थे। उनके सहयोग के लिए कोई अन्य प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद नहीं था।
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समय : रात 11.10 बजे
स्थान : जनरल वार्ड
जनरल वार्ड की स्थिति तो इमरजेंसी वार्ड से भी ज्यादा खराब थी। यहां मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक बिस्तर पर दो मरीज तो लेटे ही थी, साथ ही गैलरी में भी मरीज लेटे हुए थे। वार्ड कूलर की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। गैलरी में लेटे मरीजों की हालत तो बहुत ही खराब है, वहां पर न तो खिड़की है और न ही पंखे हैं। गैलरी में लेटे मरीज अपने घर लाए हुए गद्दा बिछाकर व घर से ही पंखा मंगाकर इलाज करा रहे थे।
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स्थान : महिला वार्ड
महरौनी के ग्राम खिरिया लटकनजू निवासी सुखवती बाई अपने छह माह के पोते की तबीयत बिगडने पर रविवार रात जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंची। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने बच्चे का चेकअप करने के बाद उसे भर्ती करने की सलाह दी। महिला अपने पोते को लेकर जब महिला वार्ड में पहुंची, तो वह सीएसटी पर्चा के लिए काफी देर परेशान घूमती रही। गंभीर बच्चे को चिकित्सक द्वारा दिए गए इंजेक्शन देने के लिए कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। करीब आधा घंटा परेशान होने के बाद वहां तैनात वार्ड ब्वाय ने बच्चे का इलाज शुरु किया। वार्ड ब्वॉय द्वारा बच्चे को इलाज देना खतरे से खाली नहीं है।
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गर्मी के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, इस कारण कई मरीजों को मजबूरी में जमीन पर लिटाना पड़ रहा है। वार्ड ब्वाय द्वारा इलाज करना गलत है, इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
- डा. संजय वासवानी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक