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विद्युत विभाग थमा रहा भारी भरकम बिल
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ललितपुर। बुधवार को विद्युत विभाग द्वारा लॉकडाउन में प्रतिष्ठान बंद होने के बाद भी न्यूनतम राशि का बिल न देकर भारी भरकम बिल थमाए जा रहे हैं। इस संबंध में उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि निराकरण न होने पर संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन में बताया कि कोरोना महामारी के चलते लगभग एक माह तक सभी व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद रहे हैं। इससे बिजली का उपयोग नहीं हुआ है। इसके बाद भी विद्युत विभाग द्वारा भारी भरकम बिल जो अन्य माहों की अपेक्षा अधिक आए हैं। प्रतिष्ठान बंद होने से आर्थिक नुकसान हुुुआ है। बिल अधिक देने से कमर तोड़ रखी है। उन्होंने बताया कि दुकानें बंद होने के कारण न्यूनतम राशि का बिल आना चाहिए था, लेकिन सामान्य माहों से भी अधिक आया है। बाजार में कैंप लगाकर न्यूनतम राशि में समायोजित किया जाए।
इसके साथ ही बताया कि मीटर रीडरों की लापरवाही के चलते अधिक बिल आ रहा है, जो क्षमता से बहुत अधिक है। जहां मध्यम वर्ग के परिवार लॉकडाउन के कारण रोजीरोटी नहीं चला पा रहे हैं। यह उपभोक्ताओं का उत्पीड़न है। व्यापारियों व आम लोगों को विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगतते हुए विभाग व दलालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। साथ ही बताया वर्तमान में अघोषित कटौती से पेयजल आपूर्ति बाधित बनी हुई है। इससे शहरवासियों को परेशान होना पड़ रहा हैै। उन्होंने समस्या का निस्तारण कराए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि समस्या का निस्तारण न होन पर मंडल आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष नरेंद्र कड़की, महामंत्री अज्जू बाबा, अंकुर सानू बाबा, गिरीश पाठक, पवन साहू, श्रीकांत करौलिया, नूतनराज सक्सेना, मनीष जैन, देवेंद्र लोधी, मुकेश सर्राफ, अजय पहलवान, मगन सोनी के हस्ताक्षर बने हैं।
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ज्ञापन में बताया कि कोरोना महामारी के चलते लगभग एक माह तक सभी व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद रहे हैं। इससे बिजली का उपयोग नहीं हुआ है। इसके बाद भी विद्युत विभाग द्वारा भारी भरकम बिल जो अन्य माहों की अपेक्षा अधिक आए हैं। प्रतिष्ठान बंद होने से आर्थिक नुकसान हुुुआ है। बिल अधिक देने से कमर तोड़ रखी है। उन्होंने बताया कि दुकानें बंद होने के कारण न्यूनतम राशि का बिल आना चाहिए था, लेकिन सामान्य माहों से भी अधिक आया है। बाजार में कैंप लगाकर न्यूनतम राशि में समायोजित किया जाए।
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इसके साथ ही बताया कि मीटर रीडरों की लापरवाही के चलते अधिक बिल आ रहा है, जो क्षमता से बहुत अधिक है। जहां मध्यम वर्ग के परिवार लॉकडाउन के कारण रोजीरोटी नहीं चला पा रहे हैं। यह उपभोक्ताओं का उत्पीड़न है। व्यापारियों व आम लोगों को विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगतते हुए विभाग व दलालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। साथ ही बताया वर्तमान में अघोषित कटौती से पेयजल आपूर्ति बाधित बनी हुई है। इससे शहरवासियों को परेशान होना पड़ रहा हैै। उन्होंने समस्या का निस्तारण कराए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि समस्या का निस्तारण न होन पर मंडल आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष नरेंद्र कड़की, महामंत्री अज्जू बाबा, अंकुर सानू बाबा, गिरीश पाठक, पवन साहू, श्रीकांत करौलिया, नूतनराज सक्सेना, मनीष जैन, देवेंद्र लोधी, मुकेश सर्राफ, अजय पहलवान, मगन सोनी के हस्ताक्षर बने हैं।
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