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मंडलायुक्त ने देखीं कार्यालय की व्यवस्थाएं
ब्यूरो
Updated Sun, 27 Dec 2015 01:30 AM IST
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ललितपुर। मंडलायुक्त झांसी ने शनिवार को उप कृषि निदेशक कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न पटलों पर पहुंचकर अलमारी खुलवाई और दैनिक डायरी देेेेखी। उन्होंने पारदर्शी किसान सेवा टच स्क्रीन को चलाकर भी देखा।
मंडलायुक्त के राममोहन राव ने दिन में करीब साढ़े तीन बजे उप कृषि निदेशक कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले कार्यालय गेट के पास रखे पारदर्शी किसान सेवा के बारे में जाना। इस दौरान उन्होंने बिजली गुल होने की स्थिति में जनरेटर चलाने को कहा।
इसके बाद उन्होंने टच स्क्रीन पर हाथ चलाते हुए विभाग की संचालित विभिन्न योजनाओं को समझा। कम्प्यूटर कक्ष में आपरेटर से काम की जानकारी ली। यहां इंटरनेट की स्पीड कम होने की समस्या बताई गई। वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार के पटल पर पहुंचकर अलमारी खुलवाई। उन्होंने गंदगी होने पर नाराजी व्यक्त की। वरिष्ठ सहायक ने बताया कि आज बिल बनाए हैं।
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उन्होंने खाद्य सुरक्षा मिशन के लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद बारी-बारी से पटल पर पहुंचे। उप कृषि निदेशक हंसराज ने बताया कि अकाउंटेंट बीएसए कार्यालय में अटैच है। इसके अलावा उन्होंने पेयजल व शौचालयों की स्वच्छता जांची।
यह रहे चेक बिंदु
मंडलायुक्त ने निरीक्षण में चेक बिंदु तय कर रखे थे, जिसमें अलमारी के अंदर रखी फाइलों का रखरखाव, गंदगी, डेली डायरी, पेयजल व शौचालय की स्वच्छता शामिल रहे। महत्वपूर्ण बात यह रही कि मंडलायुक्त ने किसी भी योजना का बारीकी से अध्ययन नहीं किया और न ही लाभार्थियों की संख्या जानने का प्रयास किया। इस तरह औपचारिक निरीक्षण साबित हुआ।
चेहरों पर लौटी खुशी
विकास भवन स्थित समाज कल्याण कार्यालय का निरीक्षण प्रस्तावित था। लेकिन, मंडलायुक्त का काफिला अचानक आगे बढ़ गया। इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी डा. इंदिरा सिंह निरीक्षण रद होने पर परेशान नजर आईं तो विकास भवन के अन्य कार्यालयों के कर्मियों में खुशी देखी गई।
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मंडलायुक्त के राममोहन राव ने दिन में करीब साढ़े तीन बजे उप कृषि निदेशक कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले कार्यालय गेट के पास रखे पारदर्शी किसान सेवा के बारे में जाना। इस दौरान उन्होंने बिजली गुल होने की स्थिति में जनरेटर चलाने को कहा।
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इसके बाद उन्होंने टच स्क्रीन पर हाथ चलाते हुए विभाग की संचालित विभिन्न योजनाओं को समझा। कम्प्यूटर कक्ष में आपरेटर से काम की जानकारी ली। यहां इंटरनेट की स्पीड कम होने की समस्या बताई गई। वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार के पटल पर पहुंचकर अलमारी खुलवाई। उन्होंने गंदगी होने पर नाराजी व्यक्त की। वरिष्ठ सहायक ने बताया कि आज बिल बनाए हैं।
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उन्होंने खाद्य सुरक्षा मिशन के लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद बारी-बारी से पटल पर पहुंचे। उप कृषि निदेशक हंसराज ने बताया कि अकाउंटेंट बीएसए कार्यालय में अटैच है। इसके अलावा उन्होंने पेयजल व शौचालयों की स्वच्छता जांची।
यह रहे चेक बिंदु
मंडलायुक्त ने निरीक्षण में चेक बिंदु तय कर रखे थे, जिसमें अलमारी के अंदर रखी फाइलों का रखरखाव, गंदगी, डेली डायरी, पेयजल व शौचालय की स्वच्छता शामिल रहे। महत्वपूर्ण बात यह रही कि मंडलायुक्त ने किसी भी योजना का बारीकी से अध्ययन नहीं किया और न ही लाभार्थियों की संख्या जानने का प्रयास किया। इस तरह औपचारिक निरीक्षण साबित हुआ।
चेहरों पर लौटी खुशी
विकास भवन स्थित समाज कल्याण कार्यालय का निरीक्षण प्रस्तावित था। लेकिन, मंडलायुक्त का काफिला अचानक आगे बढ़ गया। इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी डा. इंदिरा सिंह निरीक्षण रद होने पर परेशान नजर आईं तो विकास भवन के अन्य कार्यालयों के कर्मियों में खुशी देखी गई।