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सज गय सुम्मेरा तालाब के घाट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Sep 2016 02:27 AM IST
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summera pond, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
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ललितपुर। जलविहार को एक ही दिन शेष रह गया है, जिसको देखते हुए नगर पालिका ने तैयारियां कर ली हैं। सुम्मेरा तालाब, मंदिर व घाटों की साज-सजावट कर दी गई है। विमान यात्रा के लिए भी सारी सुविधाएं उपलब्ध कर दी गई हैं। जिलाधिकारी डा रूपेश कुमार व नपा अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने शनिवार को व्यवस्थाओं को देखा और संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
जल झुलनी एकादशी तिथि(डोल ग्यारस) के शुभ अवसर पर जल विहार महोत्सव का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन शहर में वर्ष 1886 के पूर्व से किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से इस महोत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी नगर पालिका संभाले हुए है। शहर के समस्त देवालयों के भगवानों का जलाभिषेक स्थानीय सुम्मेरा तालाब में किया जाता है। सुम्मेरा तालाब की जलकुंभी निकालकर इसे गोविंद सागर बांध के साफ पानी से भरवा दिया गया है, ताकि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी जलाभिषेक के दौरान जल भराव की कमी न पड़े। वहीं तालाब को आकर्षक बनाने के लिए नपा द्वारा लाइट की विशेष व्यवस्था की गई है।
घाटों पर बने देवालयों, समस्त घाटों-बुर्जों, तालाब के बीच में व तालाब के चारों ओर हर जगह विशेष लाइट के इंतजाम किए गए हैं। घाटों-बुर्जों पर रंगाई-पुताई भी कर दी गई है।
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इसके अलावा तालाब के बीच में बने पिकनिक हट को भी लाइटों से सजाया गया है। मनोरंजन के लिए तालाब में नपा द्वारा नावों की भी व्यवस्था की गई है।
शनिवार की शाम जिलाधिकारी डा.रुपेश कुमार ने सुम्मेरा तालाब का निरीक्षण करके सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने समस्त व्यवस्थाओं व सुविधाओं के बारे में नपा अधिकारियों व कर्मियों से जानकारी ली। वहीं विद्युत विभाग द्वारा बिजली व्यवस्था के लिए तालाब पर ट्रॉली ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया है। निरीक्षण के दौरान रामसेवक वाल्मीकि, आरके लवानियां, दिनेश बिरौनिया, जेई विपिन कुमार, हबीब खां, दीपेंद्र कुमार, महेंद्र, आदि नपा कर्मी उपस्थित रहे।
इस तरह होंगे कार्यक्रम
इस बार नगर पालिका ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की रुपरेखा बनाई है। जलविहार के एक दिन पहले सुम्मेरा तालाब के बीच विशेष नाव में सुंदर कांड पाठ का आयोजन किया जाएगा, इसके बाद कीर्तन मंडली द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। वहीं सोमवार को जल विहार के दिन शाम पांच बजे से विमान शोभा यात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा का शुभारंभ हर वर्ष की तरह मुहल्ला चौबयाना स्थिति प्राचीन रघुनाथजी मंदिर(बड़ा मंदिर) से किया जाएगा, इसके बाद शोभायात्रा रावर स्कूल, महावीरपुरा, घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक से तालाबपुरा होते हुए सुम्मेरा तालाब पहुंचेगी।
शोभायात्रा के दौरान विभिन्न देवालियों के भगवान के विमान भी रास्ते में शामिल होते जाएंगे, जो एक साथ सुम्मेरा तालाब पर पहुंचेंगे। इसके समस्त भगवानों को महंतो व पंडितों द्वारा विधि-विधान से तालाब में जलाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान नपा द्वारा मंगलआरती आयोजित की जाएगी और इसके बाद सभी विमानों को नृसिंह रामलीला मैदान में विराजमान किया जाएगा। आठ बजे नृसिंह मंदिर समिति व महंतों द्वारा महाआरती की जाएगी। इसके बाद समस्त विमान कटरा बाजार में स्थापित गणेशजी की झांकी पर पहुंचेगें, यहां पर भी भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में घंटाघर के पास स्थित श्रीजगदीश मंदिर के सामने भी विमानों की आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके उपरांत समस्त विमान अपने-अपने देवालयों के लिए प्रस्थान करेंगे। वहीं अगले दिन मंगलवार को भी नपा द्वारा तालाब के बीच विशेष नाव पर भजनसंध्या का आयोजन किया जाएगा। इन तीनों दिन विशेष नाव पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम व विशेष लाइट आकर्षण का केंद्र रहेगी।
चार वर्षों से किया जा रहा मंगलआरती का आयोजन
नगर पालिका द्वारा विगत चार वर्षों से जलाभिषेक के दौरान भव्य मंगलआरती का आयोजन किया जा रहा है। मंगलआरती की शुरुआत नपा अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने वर्ष 2012 से की है। इस दौरान तालाब के बाहर बुर्जों पर लकड़ी का तखत रखकर उसपर महंतों व पंडितों द्वारा विमानों की आरती की जाती है। नाव पर भी तालाब के बीच में आरती की जाती है। इस दौरान आतिशबाजी भी की जाती
पिछले बीस वर्षों बाद तालाब में स्वच्छ पानी की इतनी अच्छी व्यवस्था हुई है, नगर पालिका व प्रशासन का जल विहार शोभायात्रा को सफल बनाने में पूरा सहयोग रहता है। श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति की मांग पर पुलिस प्रशासन द्वारा विगत कुछ वर्षों से सुरक्षा व्यवस्था का पूरा सहयोग किया जा रहा है। शोभायात्रा के दौरान बिजली उपलब्ध कराने के लिए विद्युत विभाग से मांग की गई है।
पं.बृजेश चतुर्वेदी
समिति अध्यक्ष
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जल झुलनी एकादशी तिथि(डोल ग्यारस) के शुभ अवसर पर जल विहार महोत्सव का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन शहर में वर्ष 1886 के पूर्व से किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से इस महोत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी नगर पालिका संभाले हुए है। शहर के समस्त देवालयों के भगवानों का जलाभिषेक स्थानीय सुम्मेरा तालाब में किया जाता है। सुम्मेरा तालाब की जलकुंभी निकालकर इसे गोविंद सागर बांध के साफ पानी से भरवा दिया गया है, ताकि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी जलाभिषेक के दौरान जल भराव की कमी न पड़े। वहीं तालाब को आकर्षक बनाने के लिए नपा द्वारा लाइट की विशेष व्यवस्था की गई है।
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घाटों पर बने देवालयों, समस्त घाटों-बुर्जों, तालाब के बीच में व तालाब के चारों ओर हर जगह विशेष लाइट के इंतजाम किए गए हैं। घाटों-बुर्जों पर रंगाई-पुताई भी कर दी गई है।
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इसके अलावा तालाब के बीच में बने पिकनिक हट को भी लाइटों से सजाया गया है। मनोरंजन के लिए तालाब में नपा द्वारा नावों की भी व्यवस्था की गई है।
शनिवार की शाम जिलाधिकारी डा.रुपेश कुमार ने सुम्मेरा तालाब का निरीक्षण करके सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने समस्त व्यवस्थाओं व सुविधाओं के बारे में नपा अधिकारियों व कर्मियों से जानकारी ली। वहीं विद्युत विभाग द्वारा बिजली व्यवस्था के लिए तालाब पर ट्रॉली ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया है। निरीक्षण के दौरान रामसेवक वाल्मीकि, आरके लवानियां, दिनेश बिरौनिया, जेई विपिन कुमार, हबीब खां, दीपेंद्र कुमार, महेंद्र, आदि नपा कर्मी उपस्थित रहे।
इस तरह होंगे कार्यक्रम
इस बार नगर पालिका ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की रुपरेखा बनाई है। जलविहार के एक दिन पहले सुम्मेरा तालाब के बीच विशेष नाव में सुंदर कांड पाठ का आयोजन किया जाएगा, इसके बाद कीर्तन मंडली द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। वहीं सोमवार को जल विहार के दिन शाम पांच बजे से विमान शोभा यात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा का शुभारंभ हर वर्ष की तरह मुहल्ला चौबयाना स्थिति प्राचीन रघुनाथजी मंदिर(बड़ा मंदिर) से किया जाएगा, इसके बाद शोभायात्रा रावर स्कूल, महावीरपुरा, घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक से तालाबपुरा होते हुए सुम्मेरा तालाब पहुंचेगी।
शोभायात्रा के दौरान विभिन्न देवालियों के भगवान के विमान भी रास्ते में शामिल होते जाएंगे, जो एक साथ सुम्मेरा तालाब पर पहुंचेंगे। इसके समस्त भगवानों को महंतो व पंडितों द्वारा विधि-विधान से तालाब में जलाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान नपा द्वारा मंगलआरती आयोजित की जाएगी और इसके बाद सभी विमानों को नृसिंह रामलीला मैदान में विराजमान किया जाएगा। आठ बजे नृसिंह मंदिर समिति व महंतों द्वारा महाआरती की जाएगी। इसके बाद समस्त विमान कटरा बाजार में स्थापित गणेशजी की झांकी पर पहुंचेगें, यहां पर भी भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में घंटाघर के पास स्थित श्रीजगदीश मंदिर के सामने भी विमानों की आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके उपरांत समस्त विमान अपने-अपने देवालयों के लिए प्रस्थान करेंगे। वहीं अगले दिन मंगलवार को भी नपा द्वारा तालाब के बीच विशेष नाव पर भजनसंध्या का आयोजन किया जाएगा। इन तीनों दिन विशेष नाव पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम व विशेष लाइट आकर्षण का केंद्र रहेगी।
चार वर्षों से किया जा रहा मंगलआरती का आयोजन
नगर पालिका द्वारा विगत चार वर्षों से जलाभिषेक के दौरान भव्य मंगलआरती का आयोजन किया जा रहा है। मंगलआरती की शुरुआत नपा अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने वर्ष 2012 से की है। इस दौरान तालाब के बाहर बुर्जों पर लकड़ी का तखत रखकर उसपर महंतों व पंडितों द्वारा विमानों की आरती की जाती है। नाव पर भी तालाब के बीच में आरती की जाती है। इस दौरान आतिशबाजी भी की जाती
पिछले बीस वर्षों बाद तालाब में स्वच्छ पानी की इतनी अच्छी व्यवस्था हुई है, नगर पालिका व प्रशासन का जल विहार शोभायात्रा को सफल बनाने में पूरा सहयोग रहता है। श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति की मांग पर पुलिस प्रशासन द्वारा विगत कुछ वर्षों से सुरक्षा व्यवस्था का पूरा सहयोग किया जा रहा है। शोभायात्रा के दौरान बिजली उपलब्ध कराने के लिए विद्युत विभाग से मांग की गई है।
पं.बृजेश चतुर्वेदी
समिति अध्यक्ष