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Lalitpur News: कश्मीरी हिंदुओं की रक्षा के लिए गद्दी पर बैठे गुरु गोविंद महाराज
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। श्री गुरु सिंह सभा के तत्वावधान में बुधवार को गुरु गोविंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व गुरुद्वारा साहिब लक्ष्मीपुरा में धूमधाम से मनाया गया। अमृतसर से पधारे रागी जत्था करनजीत सिंह, लखविंदर सिंह ने गुरुबाणी कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया।
उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जन्म नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर और माता गुजरी के यहां पटना साहिब में हुआ था। उनका मूल नाम गोविंद राय था। गुरु गोविंद सिंह को नौ वर्ष की आयु से ही दसवें सिख गुरु के रूप में जाना जाने लगा था। गुरु गोविंद अपने पिता के निधन के बाद कश्मीरी हिंदुओं की रक्षा के लिए गद्दी पर बैठे। उन्होंने बचपन में संस्कृत, उर्दू, हिंदी, ब्रज, गुरुमुखी और फ़ारसी जैसी भाषाएं भी सीखीं। गुरु गोबिंद सिंह ने ‘खालसा पंथ’ में जीवन के पांच सिद्धांत दिए, जिन्हें ‘पंच ककार’ के नाम से जाना जाता है। इसका मतलब ‘क’ शब्द से शुरू होने वाले पांच सिद्धांत हैं, जिनका अनुसरण करना हर खालसा सिख के लिए अनिवार्य है।
ये पंच ककार हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा। गुरु गोविंद सिंह ने पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा कर गुरु रूप में सुशोभित किया। गुरु गोबिंद सिंह एक महान योद्धा, कवि, भक्त एवं आध्यात्मिक थे। उन्होंने धर्म के लिए समस्त परिवार का बलिदान किया। गुरु गोबिंद सिंह ने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा और सच्चाई की राह पर चलते हुए ही गुजार दी थी। इस अवसर पर सात दिन से चल रहे कार्यक्रमों का समापन हो गया। लंगर की सेवा सुभाष जायसवाल पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका की ओर से और रात्रि में लंगर की सेवा जसपाल सिंह बंटी की ओर से हुई। संचालन महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा और आभार मंजीत सिंह ने व्यक्त किया।
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-- -- -- -- -- ये लोग रहे मौजूद
अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा, संरक्षक जितेंद्र सिंह सलूजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह, सलूजा, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह छतवाल, मंत्री मंजीत सिंह, चरणजीत सिंह,जगजीत सिंह, डॉ जेएस बक्शी, दलजीत सिंह, पर्सन सिंह, आनंद सिंह, गौरव सिंह, संजय कालरा, राजू सिंधी, कन्हैया सिंधी, वीरेंद्र सिंह वीके, गुरचरण सिंह सलूजा, गोपी डोंडवानी, अरविंदर सिंह, रविंदर सिंह, बलजीत सिंह सलूजा, विशाल सलूजा, आकाश सलूजा, सुभाष जायसवाल, विद्या मालवीय, अफजुल रहमान रमेश गांधी, अरविंद राजा कल्लू पटेल, करन कुशवाहा, बार एसोसिएशन के महेंद्र जैन, श्रीप्रकाश चौबे, गोबिंद नारायण सक्सेना, पुस्पेंद्र सिंह चौहान, आकाश झा, अखलेश सांडिल, विश्व हिंदू परिषद से अशोक कुमार स्वर्णकार आदि।
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ललितपुर। श्री गुरु सिंह सभा के तत्वावधान में बुधवार को गुरु गोविंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व गुरुद्वारा साहिब लक्ष्मीपुरा में धूमधाम से मनाया गया। अमृतसर से पधारे रागी जत्था करनजीत सिंह, लखविंदर सिंह ने गुरुबाणी कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया।
उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जन्म नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर और माता गुजरी के यहां पटना साहिब में हुआ था। उनका मूल नाम गोविंद राय था। गुरु गोविंद सिंह को नौ वर्ष की आयु से ही दसवें सिख गुरु के रूप में जाना जाने लगा था। गुरु गोविंद अपने पिता के निधन के बाद कश्मीरी हिंदुओं की रक्षा के लिए गद्दी पर बैठे। उन्होंने बचपन में संस्कृत, उर्दू, हिंदी, ब्रज, गुरुमुखी और फ़ारसी जैसी भाषाएं भी सीखीं। गुरु गोबिंद सिंह ने ‘खालसा पंथ’ में जीवन के पांच सिद्धांत दिए, जिन्हें ‘पंच ककार’ के नाम से जाना जाता है। इसका मतलब ‘क’ शब्द से शुरू होने वाले पांच सिद्धांत हैं, जिनका अनुसरण करना हर खालसा सिख के लिए अनिवार्य है।
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ये पंच ककार हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा। गुरु गोविंद सिंह ने पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा कर गुरु रूप में सुशोभित किया। गुरु गोबिंद सिंह एक महान योद्धा, कवि, भक्त एवं आध्यात्मिक थे। उन्होंने धर्म के लिए समस्त परिवार का बलिदान किया। गुरु गोबिंद सिंह ने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा और सच्चाई की राह पर चलते हुए ही गुजार दी थी। इस अवसर पर सात दिन से चल रहे कार्यक्रमों का समापन हो गया। लंगर की सेवा सुभाष जायसवाल पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका की ओर से और रात्रि में लंगर की सेवा जसपाल सिंह बंटी की ओर से हुई। संचालन महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा और आभार मंजीत सिंह ने व्यक्त किया।
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अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा, संरक्षक जितेंद्र सिंह सलूजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह, सलूजा, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह छतवाल, मंत्री मंजीत सिंह, चरणजीत सिंह,जगजीत सिंह, डॉ जेएस बक्शी, दलजीत सिंह, पर्सन सिंह, आनंद सिंह, गौरव सिंह, संजय कालरा, राजू सिंधी, कन्हैया सिंधी, वीरेंद्र सिंह वीके, गुरचरण सिंह सलूजा, गोपी डोंडवानी, अरविंदर सिंह, रविंदर सिंह, बलजीत सिंह सलूजा, विशाल सलूजा, आकाश सलूजा, सुभाष जायसवाल, विद्या मालवीय, अफजुल रहमान रमेश गांधी, अरविंद राजा कल्लू पटेल, करन कुशवाहा, बार एसोसिएशन के महेंद्र जैन, श्रीप्रकाश चौबे, गोबिंद नारायण सक्सेना, पुस्पेंद्र सिंह चौहान, आकाश झा, अखलेश सांडिल, विश्व हिंदू परिषद से अशोक कुमार स्वर्णकार आदि।