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पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के 71 वर्षीय ससुर पर हुई गुंडा एक्ट की कार्रवाई
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ललितपुर। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ज्योति सिंह लोधी के 71 वर्षीय ससुर सेवानिवृत्त शिक्षक के खिलाफ जखौरा पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई की है। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर वृद्ध एवं बीमार ससुर के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लेने की मांग की है।
पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ज्योति सिंह लोधी ने ज्ञापन में बताया कि उनके ससुर राधाचरण सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और वर्तमान में उनकी उम्र 71 वर्ष है, वह चलने फिरने में भी असमर्थ हैं, श्वांस रोग के मरीज हैं, जिनका उपचार चल रहा है। ज्योति सिंह का कहना है कि उनके ससुर गुंडा किस्म के व्यक्ति नहीं हैं और न ही आसपास के क्षेत्र में कोई भय व आतंक फैैलाए हुए हैं, न ही वह अभ्यस्त अपराधी ही हैं। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव के विरोधियों ने थाना जखौरा पुलिस से मिलकर उनके ससुर के खिलाफ गुंडा एक्ट की झूठी कार्रवाई करवाई है। जबकि, उनके ससुर ने अपने जीवनकाल में शिक्षण कार्य किया है, उनका चरित्र गांव व क्षेत्र में उज्ज्वल रहा है। इस तरह से उनके खिलाफ की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई अपमानजनक है। मात्र गांव की पार्टीबंदी के कारण थानाध्यक्ष जखौरा द्वारा एक असहाय वृद्घ व्यक्ति के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी गई है, जो ठीक नहीं है इसे निरस्त किया जाना चाहिए।
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राधाचरण 2015 में थाने में हुए हमला के आरोपी हैं। चुनाव में बवाल न हो इसके लिए यह कार्रवाई की गई है।
अवध नारायण पांडेय, थानाध्यक्ष जखौरा।
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पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ज्योति सिंह लोधी ने ज्ञापन में बताया कि उनके ससुर राधाचरण सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और वर्तमान में उनकी उम्र 71 वर्ष है, वह चलने फिरने में भी असमर्थ हैं, श्वांस रोग के मरीज हैं, जिनका उपचार चल रहा है। ज्योति सिंह का कहना है कि उनके ससुर गुंडा किस्म के व्यक्ति नहीं हैं और न ही आसपास के क्षेत्र में कोई भय व आतंक फैैलाए हुए हैं, न ही वह अभ्यस्त अपराधी ही हैं। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव के विरोधियों ने थाना जखौरा पुलिस से मिलकर उनके ससुर के खिलाफ गुंडा एक्ट की झूठी कार्रवाई करवाई है। जबकि, उनके ससुर ने अपने जीवनकाल में शिक्षण कार्य किया है, उनका चरित्र गांव व क्षेत्र में उज्ज्वल रहा है। इस तरह से उनके खिलाफ की गई गुंडा एक्ट की कार्रवाई अपमानजनक है। मात्र गांव की पार्टीबंदी के कारण थानाध्यक्ष जखौरा द्वारा एक असहाय वृद्घ व्यक्ति के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी गई है, जो ठीक नहीं है इसे निरस्त किया जाना चाहिए।
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राधाचरण 2015 में थाने में हुए हमला के आरोपी हैं। चुनाव में बवाल न हो इसके लिए यह कार्रवाई की गई है।
अवध नारायण पांडेय, थानाध्यक्ष जखौरा।