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ग्रीन मटर कर रही किसानों को मालामाल
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हरीमटर
- फोटो : LALITPUR
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महरौनी। किसान की आमदनी दोगुनी हो सके, इसके लिए कृषि बीज अनुसंधान द्वारा मटर की प्रजाति ‘दंतेवाड़ा ग्रीन मटर’ तैयार की गई है। इसकी पैदावार जिन किसानों ने की है, उनका उत्पादन काफी अच्छा हुआ है। दंतेवाड़ा ग्रीन मटर का भाव सामान्य मटर के सापेक्ष दोगुना से भी अधिक है। इससे किसानों की माली हालत में सुधार होगा।
तहसील क्षेत्र के कई किसानों ने ‘आईपीएफड़ी 10-12 ग्रीन मटर’ नाम की प्रजाति की मटर को रबी फसल के सीजन में बोया था। इस मटर की पैदावार बहुत अच्छी रही। ग्रीन मटर की प्रजाति कृषि बीज अनुसंधान ने तैयार की है। किसानों को बोने के लिए दंतेवाड़ा ग्रीन मटर सहकारी बीज गोदाम पर लगातार तीन वर्षों से आ रही है। परंतु, पिछले वर्ष तक इस मटर की डिमांड नहीं होने पर पीली मटर से भी कम भाव पर यह मटर व्यापारियों द्वारा खरीदी जाती थी। भाव कम होने से किसान इस मटर को बोने से कतराते रहे हैं।
इस वर्ष दंतेवाड़ा ग्रीन मटर की मांग बढ़ी और रेट भी अच्छा मिला। मार्च की शुरूआत में ग्रीन मटर का दाम 7000 रुपये क्विंटल था, जो बढ़ता गया और अब दंतेवाड़ा ग्रीन मटर का दाम 10 हजार रुपया प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जबकि पीली मटर का दाम साढ़े चार हजार रुपया प्रति क्विंटल है। ग्रीन मटर का रेट दोगुना से अधिक होने पर मटर बोने वाले किसानों को इसका लाभ मिला है। किसान बताते हैं कि पीली मटर की अपेक्षा ग्रीन मटर की पैदावार भी अच्छी है। ग्रीन मटर बोने बाले किसानों ने 20 से 30 गुना तक पैदावार ली है, खर्च भी कम है।
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मैंने दंतेवाड़ा ग्रीन मटर पांच क्विंटल बोयी थी, जिसकी उपज 125 क्विंटल हुई। भाव 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल होने से मटर 12.50 लाख रुपये की हुई। इतना मुनाफा गेहूं की फसल बोने से नहीं हुआ। अगले वर्ष मै ग्रीन मटर की रखेती बड़े पैमाने पर करूंगा। किसान अधिक मुनाफा कमाने के लिए ग्रीन मटर की खेती करना शुरू करें।
- प्रमोद बड़ौनियां, किसान
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मैंने ग्रीन मटर एक एकड़ में ढाई कुंतल बोई थी। इसकी पैदावार 20 गुना तक 55 क्विंटल हुई। पीली मटर भी बोई थी, जिसकी पैदावार 15 गुना हुई। ग्रीन मटर की पैदावार उत्तम है। अगले वर्ष जितनी खेती है, सभी खेतो में ग्रीन मटर ही बोई जाएगी।
- विक्रांत सिंह, किसान
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ग्रीन मटर के परिणाम बहुत अच्छे आए हैं। अगले फसल सीजन में ग्रीन मटर की अन्य तहसीलों में भी बुवाई कराई जाएगी।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी
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तहसील क्षेत्र के कई किसानों ने ‘आईपीएफड़ी 10-12 ग्रीन मटर’ नाम की प्रजाति की मटर को रबी फसल के सीजन में बोया था। इस मटर की पैदावार बहुत अच्छी रही। ग्रीन मटर की प्रजाति कृषि बीज अनुसंधान ने तैयार की है। किसानों को बोने के लिए दंतेवाड़ा ग्रीन मटर सहकारी बीज गोदाम पर लगातार तीन वर्षों से आ रही है। परंतु, पिछले वर्ष तक इस मटर की डिमांड नहीं होने पर पीली मटर से भी कम भाव पर यह मटर व्यापारियों द्वारा खरीदी जाती थी। भाव कम होने से किसान इस मटर को बोने से कतराते रहे हैं।
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इस वर्ष दंतेवाड़ा ग्रीन मटर की मांग बढ़ी और रेट भी अच्छा मिला। मार्च की शुरूआत में ग्रीन मटर का दाम 7000 रुपये क्विंटल था, जो बढ़ता गया और अब दंतेवाड़ा ग्रीन मटर का दाम 10 हजार रुपया प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जबकि पीली मटर का दाम साढ़े चार हजार रुपया प्रति क्विंटल है। ग्रीन मटर का रेट दोगुना से अधिक होने पर मटर बोने वाले किसानों को इसका लाभ मिला है। किसान बताते हैं कि पीली मटर की अपेक्षा ग्रीन मटर की पैदावार भी अच्छी है। ग्रीन मटर बोने बाले किसानों ने 20 से 30 गुना तक पैदावार ली है, खर्च भी कम है।
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मैंने दंतेवाड़ा ग्रीन मटर पांच क्विंटल बोयी थी, जिसकी उपज 125 क्विंटल हुई। भाव 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल होने से मटर 12.50 लाख रुपये की हुई। इतना मुनाफा गेहूं की फसल बोने से नहीं हुआ। अगले वर्ष मै ग्रीन मटर की रखेती बड़े पैमाने पर करूंगा। किसान अधिक मुनाफा कमाने के लिए ग्रीन मटर की खेती करना शुरू करें।
- प्रमोद बड़ौनियां, किसान
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मैंने ग्रीन मटर एक एकड़ में ढाई कुंतल बोई थी। इसकी पैदावार 20 गुना तक 55 क्विंटल हुई। पीली मटर भी बोई थी, जिसकी पैदावार 15 गुना हुई। ग्रीन मटर की पैदावार उत्तम है। अगले वर्ष जितनी खेती है, सभी खेतो में ग्रीन मटर ही बोई जाएगी।
- विक्रांत सिंह, किसान
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ग्रीन मटर के परिणाम बहुत अच्छे आए हैं। अगले फसल सीजन में ग्रीन मटर की अन्य तहसीलों में भी बुवाई कराई जाएगी।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी