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दीपों की रोशनी से जगमग होंगे महापुरूषों के स्मारक
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ललितपुर। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव पर महापुरुषों के स्मारक दीपों की रोशनी से जगमग होंगे। इस आयोजन में शामिल होने के लिए विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी सहमति दी है। मुख्य कार्यक्रम तुवन चौराहा स्थित महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के समक्ष आज 19 नवंबर को शाम 6 बजे होगा।
महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मोत्सव मनाने के लिए लोग आतुर हैं। जय बुंदेलखंड विधि महाविद्यालय पनारी, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा और मिशन फार क्वालिटी एजूकेशन ने पहले ही तीन दिवसीय कार्यक्रम तय कर रखा है। इस क्रम में भाजपा के लघु प्रकोष्ठ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उद्योग व्यापार मंडल, जय बुंदेलखंड व्यापार मंडल, ललितपुर सेवा ग्रुप, बुंदेलखंड विकास सेना, जागृति फाउंडेशन, युवा भारत, सैडो पावर ग्रुप और पतंजलि समिति ने दीपोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता जताने पर हामी भरी हैं।
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महारानी लक्ष्मीबाई का जीवन प्रेरणा से भरा हुआ है। उन्होंने अपने जीवन में अनेक दु:ख झेले, पर अपनी आजादी से समझौता नहीं किया।
- राहुल राजपूत, विभाग संयोजक
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जहां तक वीरता और शौर्य का संबंध है, महारानी जीतीं और अंग्रेज हारे, उक्त कथन की पुष्टि 20 मई 1857 ब्रिटिश संसद में सांसद ब्राइट द्वारा कहे गए इन शब्दों से होती है।
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- भगवत नारायण शर्मा, पूर्व प्राचार्य नेहरू महाविद्यालय
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झांसी की रानी का योगदान इस देश के लिए हमेशा ही याद रखा जाएगा उन्होंने वीरता से अंग्रेजों से लड़कर उनके छक्के छुड़ा दिए थे और खुद वीरगति हो प्राप्त हो गई।
- स्वप्निल सराफ
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वीरांगना के मन में हमेशा यह बात कचोटती रही कि देश के दुश्मन अंग्रेजों को सबक सिखाया जाए। इसी कारण उन्होंने यह घोषणा की थी कि मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी।
- दीपक सोनी
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महारानी की जयंती को जन्मोत्सव की तरह मनाया जाएगा। तुवन चौराहा स्थित प्रतिमा स्थल पर दीप जलाकर रानी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे।
- दीपक जैन
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महारानी लक्ष्मीबाई वर्तमान में महिला सशक्तीकरण की जीवंत मिसाल हैं। सच्चे वीर को कोई भी प्रलोभन अपने कर्तव्य से विमुख नहीं कर सकता। ऐसा ही महारानी लक्ष्मीबाई का जीवन था।
- अभय चौबे
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बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी। आज भी यह शब्द कानों में गूंजते हैं, इन पंक्तियों को बचपन से पढ़ते आ रहे हैं।
- सुमित अग्रवाल
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महारानी लक्ष्मीबाई की जीवन गाथा को हर कोई सुनना व पढ़ना चाहता है। उन्होंने पूरा जीवन अंग्रेजों से लड़ते हुए गुजारा। उन्होंने कहा था कि मैं झांसी नहीं दूंगी।
- अजय जैन
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महारानी लक्ष्मीबाई का नाम भारत की महान वीरांगनाओं में अग्रणी है। जब भी नारी वीरता की चर्चा होती है, झांसी की रानी का नाम सहसा ही मस्तिष्क में आ जाता है।
- अंकित सराफ
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वीरांगना नाम सुनते ही हमारे मन- मस्तिष्क में महारानी लक्ष्मीबाई की छवि उभरने लगती है। वे अपने जीवन काल में ऐसा आदर्श स्थापित करके विदा हुईं, जिससे हर कोई प्रेरणा ले सकता है।
- पीयूष प्रताप बुंदेला
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महारानी लक्ष्मीबाई ने पूरी दुनिया में नारी शक्ति का अहसास कराया था। आज भी महिलाएं महारानी लक्ष्मीबाई जैसा बनना चाहती हैं।
- अनुराग चतुर्वेदी
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्म को उत्सव की तरह मनाने के लिए हम सभी उत्साहित हैं। दीपोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में कई लोग आगे आ रहे हैं।
- मुकेश साहू
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महापुरुषों के बारे में लोग ज्यादा से ज्यादा जानें, इसके लिए इस तरह के आयोजन जरूरी हैं। युवा पीढ़ी को महापुरुषों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
- महेंद्र मयूर व्यापारी नेता
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महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने पराक्रम से नारी की शक्ति का अहसास कराया। नारी को कमजोर नहीं समझना चाहिए। महारानी के जीवन से यही संदेश मिलता है।
सुरेश बड़ेरा, व्यापारी नेता
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महारानी लक्ष्मीबाई का शौर्य व पराक्रम अद्वितीय रहा। अंग्रेेजों ने आधुनिक हथियारों होने के बाद भी उनसे लोहा लेने से पहले कई बार सोचा। महारानी ने कई बार अंग्रेजों के छक्के छुड़ाएं।
- अमित तिवारी
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महारानी लक्ष्मीबाई ने चौबीस घंटे बिना खाए घोड़े पर पुत्र को बांधे हुए गुजार दिए थे। कालपी पहुंचने पर तात्या टोपे ने तंबू लगाकर राजसी कपड़े सिलवाकर प्रबंध किया था। उनका संघर्ष सदैव याद किया जाएगा।
- अंकुर जैन
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ये भी होंगे कार्यक्रम
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा सुबह सात बजे महापुुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं मिष्ठान वितरण किया जाएगा। नेहरू महाविद्यालय में मध्याह्न 12 बजे से वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का भारत की आजादी में योगदान विषय पर गोष्ठी होगी। डा. सोनेलाल पटेल महाविद्यालय बिरधा में चित्रकला प्रतियोगिता होगी। प्राचार्य खुशबू सिद्दकी ने बताया कि अमर उजाला व कॉलेज प्रबंधक सुधा इंदर सिंह पटेल के निर्देशन में इसका आयोजन किया जाएगा। आयोजन में कॉलेज स्टाफ हरिराम गौतम, रामनिवास पाटोदिया, ज्ञान सिंह, भगत सिंह, सुनील प्रजापति, केके साहू, दीपक विश्वकर्मा, पवन कुशवाहा आदि सहयोग कर रहे हैं। बुंदेलखंड विकास सेना द्वारा महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए जाएंगे।
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महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मोत्सव मनाने के लिए लोग आतुर हैं। जय बुंदेलखंड विधि महाविद्यालय पनारी, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा और मिशन फार क्वालिटी एजूकेशन ने पहले ही तीन दिवसीय कार्यक्रम तय कर रखा है। इस क्रम में भाजपा के लघु प्रकोष्ठ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उद्योग व्यापार मंडल, जय बुंदेलखंड व्यापार मंडल, ललितपुर सेवा ग्रुप, बुंदेलखंड विकास सेना, जागृति फाउंडेशन, युवा भारत, सैडो पावर ग्रुप और पतंजलि समिति ने दीपोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता जताने पर हामी भरी हैं।
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महारानी लक्ष्मीबाई का जीवन प्रेरणा से भरा हुआ है। उन्होंने अपने जीवन में अनेक दु:ख झेले, पर अपनी आजादी से समझौता नहीं किया।
- राहुल राजपूत, विभाग संयोजक
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जहां तक वीरता और शौर्य का संबंध है, महारानी जीतीं और अंग्रेज हारे, उक्त कथन की पुष्टि 20 मई 1857 ब्रिटिश संसद में सांसद ब्राइट द्वारा कहे गए इन शब्दों से होती है।
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- भगवत नारायण शर्मा, पूर्व प्राचार्य नेहरू महाविद्यालय
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झांसी की रानी का योगदान इस देश के लिए हमेशा ही याद रखा जाएगा उन्होंने वीरता से अंग्रेजों से लड़कर उनके छक्के छुड़ा दिए थे और खुद वीरगति हो प्राप्त हो गई।
- स्वप्निल सराफ
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वीरांगना के मन में हमेशा यह बात कचोटती रही कि देश के दुश्मन अंग्रेजों को सबक सिखाया जाए। इसी कारण उन्होंने यह घोषणा की थी कि मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी।
- दीपक सोनी
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महारानी की जयंती को जन्मोत्सव की तरह मनाया जाएगा। तुवन चौराहा स्थित प्रतिमा स्थल पर दीप जलाकर रानी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे।
- दीपक जैन
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महारानी लक्ष्मीबाई वर्तमान में महिला सशक्तीकरण की जीवंत मिसाल हैं। सच्चे वीर को कोई भी प्रलोभन अपने कर्तव्य से विमुख नहीं कर सकता। ऐसा ही महारानी लक्ष्मीबाई का जीवन था।
- अभय चौबे
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बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी। आज भी यह शब्द कानों में गूंजते हैं, इन पंक्तियों को बचपन से पढ़ते आ रहे हैं।
- सुमित अग्रवाल
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महारानी लक्ष्मीबाई की जीवन गाथा को हर कोई सुनना व पढ़ना चाहता है। उन्होंने पूरा जीवन अंग्रेजों से लड़ते हुए गुजारा। उन्होंने कहा था कि मैं झांसी नहीं दूंगी।
- अजय जैन
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महारानी लक्ष्मीबाई का नाम भारत की महान वीरांगनाओं में अग्रणी है। जब भी नारी वीरता की चर्चा होती है, झांसी की रानी का नाम सहसा ही मस्तिष्क में आ जाता है।
- अंकित सराफ
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वीरांगना नाम सुनते ही हमारे मन- मस्तिष्क में महारानी लक्ष्मीबाई की छवि उभरने लगती है। वे अपने जीवन काल में ऐसा आदर्श स्थापित करके विदा हुईं, जिससे हर कोई प्रेरणा ले सकता है।
- पीयूष प्रताप बुंदेला
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महारानी लक्ष्मीबाई ने पूरी दुनिया में नारी शक्ति का अहसास कराया था। आज भी महिलाएं महारानी लक्ष्मीबाई जैसा बनना चाहती हैं।
- अनुराग चतुर्वेदी
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्म को उत्सव की तरह मनाने के लिए हम सभी उत्साहित हैं। दीपोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में कई लोग आगे आ रहे हैं।
- मुकेश साहू
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महापुरुषों के बारे में लोग ज्यादा से ज्यादा जानें, इसके लिए इस तरह के आयोजन जरूरी हैं। युवा पीढ़ी को महापुरुषों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
- महेंद्र मयूर व्यापारी नेता
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महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने पराक्रम से नारी की शक्ति का अहसास कराया। नारी को कमजोर नहीं समझना चाहिए। महारानी के जीवन से यही संदेश मिलता है।
सुरेश बड़ेरा, व्यापारी नेता
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महारानी लक्ष्मीबाई का शौर्य व पराक्रम अद्वितीय रहा। अंग्रेेजों ने आधुनिक हथियारों होने के बाद भी उनसे लोहा लेने से पहले कई बार सोचा। महारानी ने कई बार अंग्रेजों के छक्के छुड़ाएं।
- अमित तिवारी
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महारानी लक्ष्मीबाई ने चौबीस घंटे बिना खाए घोड़े पर पुत्र को बांधे हुए गुजार दिए थे। कालपी पहुंचने पर तात्या टोपे ने तंबू लगाकर राजसी कपड़े सिलवाकर प्रबंध किया था। उनका संघर्ष सदैव याद किया जाएगा।
- अंकुर जैन
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ये भी होंगे कार्यक्रम
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा सुबह सात बजे महापुुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं मिष्ठान वितरण किया जाएगा। नेहरू महाविद्यालय में मध्याह्न 12 बजे से वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का भारत की आजादी में योगदान विषय पर गोष्ठी होगी। डा. सोनेलाल पटेल महाविद्यालय बिरधा में चित्रकला प्रतियोगिता होगी। प्राचार्य खुशबू सिद्दकी ने बताया कि अमर उजाला व कॉलेज प्रबंधक सुधा इंदर सिंह पटेल के निर्देशन में इसका आयोजन किया जाएगा। आयोजन में कॉलेज स्टाफ हरिराम गौतम, रामनिवास पाटोदिया, ज्ञान सिंह, भगत सिंह, सुनील प्रजापति, केके साहू, दीपक विश्वकर्मा, पवन कुशवाहा आदि सहयोग कर रहे हैं। बुंदेलखंड विकास सेना द्वारा महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए जाएंगे।