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Lalitpur News: बेटे की शहादत पर फख्र, पोते को भी देश सेवा के लिए भेजेंगे
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ललितपुर। सिक्किम में हुए हादसे में शहीद चरन सिंह के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए पिता हुकुम सिंह बोले उन्हें भी बेटे की शहादत पर फख्र हो रहा है। क्योंकि उसने देश सेवा में बलिदान दिया है। वह अपने पोते को भी देशसेवा में भेजेंगे।
सौजना निवासी हुकुम सिंह के तीन पुत्रों में सबसे छोटा चरन सिंह के भारतीय सेना में भर्ती होने पर पूरे परिवार को उस पर गर्व था। वह जब भी अवकाश लेकर गांव आता तो परिजनों के साथ गांव में अपने मित्रों को भी काफी समय देता था। उसके शहीद होने पर पूरे गांव के लोग गमगीन थे। पिता ने कहा कि अक्तूबर माह में एक महीने की छुट्टी पर आए चरन सिंह का जाने का समय हुआ तो परिवार के लोगों ने उसे छुट्टियां बढ़ाने को कहा। पहले तो उसने मना कर दिया लेकिन जब कुछ काम शेष रहा तो उसने अपनी यूनिट से एक माह का अवकाश और स्वीकृत करा लिया था।
छुट्टियां जब खत्म हुई तो वह एक दिसंबर को जाने के लिए घर से निकला तो विदाई देते समय परिवार के लोगों को अच्छा नहीं लग रहा था। इस पर चरन सिंह ने कहा कि वह जल्द ही वापस आएगा लेकिन यह नहीं मालूम था कि वह इस तरह से जल्दी आएगा। बेटे की शहीद होने पर गमगीन माहौल में पिता यह भी कहते रहे कि बेटे की तमन्ना के अनुरूप वह पोते को भी देश सेवा के लिए भेजना चाहेंगे।
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बच्चों से वीडियो कॉलिंग करने को बोला था
शहीद के बड़े भाई अमर सिंह ने बताया कि चरन सिंह के जुड़वां बच्चों का शनिवार को जन्मदिन था। उसने घर में फोन कर कहा था कि केक काटते समय उसे वीडियो कॉलिंग कर देना। शाम पांच बजे केक काटने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच यूनिट से आए फोन पर हादसे की सूचना मिली। जिससे पूरे घर में जन्मदिन की खुशियां मातम में बदल गई।
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सौजना निवासी हुकुम सिंह के तीन पुत्रों में सबसे छोटा चरन सिंह के भारतीय सेना में भर्ती होने पर पूरे परिवार को उस पर गर्व था। वह जब भी अवकाश लेकर गांव आता तो परिजनों के साथ गांव में अपने मित्रों को भी काफी समय देता था। उसके शहीद होने पर पूरे गांव के लोग गमगीन थे। पिता ने कहा कि अक्तूबर माह में एक महीने की छुट्टी पर आए चरन सिंह का जाने का समय हुआ तो परिवार के लोगों ने उसे छुट्टियां बढ़ाने को कहा। पहले तो उसने मना कर दिया लेकिन जब कुछ काम शेष रहा तो उसने अपनी यूनिट से एक माह का अवकाश और स्वीकृत करा लिया था।
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छुट्टियां जब खत्म हुई तो वह एक दिसंबर को जाने के लिए घर से निकला तो विदाई देते समय परिवार के लोगों को अच्छा नहीं लग रहा था। इस पर चरन सिंह ने कहा कि वह जल्द ही वापस आएगा लेकिन यह नहीं मालूम था कि वह इस तरह से जल्दी आएगा। बेटे की शहीद होने पर गमगीन माहौल में पिता यह भी कहते रहे कि बेटे की तमन्ना के अनुरूप वह पोते को भी देश सेवा के लिए भेजना चाहेंगे।
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बच्चों से वीडियो कॉलिंग करने को बोला था
शहीद के बड़े भाई अमर सिंह ने बताया कि चरन सिंह के जुड़वां बच्चों का शनिवार को जन्मदिन था। उसने घर में फोन कर कहा था कि केक काटते समय उसे वीडियो कॉलिंग कर देना। शाम पांच बजे केक काटने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच यूनिट से आए फोन पर हादसे की सूचना मिली। जिससे पूरे घर में जन्मदिन की खुशियां मातम में बदल गई।