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ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सेवकों का रोका वेतन
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- फोटो : manrega photo.jpeg
ललितपुर। पंचायत सचिवों एवं ग्राम रोजगार सेवकों को मनरेगा में रुचि नहीं लेना महंगा पड़ गया है। उपायुक्त श्रम व रोजगार ने एक से चार श्रमिक काम पर पाए जाने पर चिह्नित 15 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों एवं ग्राम रोजगार सेवकों का वेतन रोक दिया।
जिले की कई ग्राम पंचायतों में रोजगार देने के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जा रही है। ऐसा इसलिए स्पष्ट हो रहा है कि कुछ ग्राम पंचायतों में एक से चार श्रमिक ही काम करते पाए गए हैं। 25 फरवरी को एमआईएस की समीक्षा में यह बात उजागर हुई। समीक्षा में पाया गया कि पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवकों के साथ बैठकें नहीं कर रहे हैं। विकासखंड स्तरीय मनरेगा कार्मिक एपीओ, कंप्यूटर आपरेटर, लेखा सहायक द्वारा सही स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है। इस वजह से ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की मांग के सापेक्ष रोजगार नहीं मिल रहा है। जिन ग्राम पंचायतों में 1 से 4 श्रमिक काम कर रहे हैं, उनमें ग्राम पिपरियावंशा, महोली, टीकरातिवारी, सिमरा, बिल्ला, दिदौरा, चदांवली, ऊमरी, जामुनधाना खुर्द, मनगुवां, नौहर कलां, ककरुआ, पनारी, बैरवारा व गौना शामिल है।
उपायुक्त श्रम व रोजगार रवींद्र वीर यादव ने खंड विकास अधिकारी बिरधा, जखौरा, मड़ावरा व बार को निर्देशित किया कि चिह्नित ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवक एवं पंचायत सचिवों का वेतन समीक्षा दिवस का रोक दिया जाए, साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायतों में शासन की मंशा के अनुसार कम से कम 60 श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया जाए। उन्होंने कार्यों का शत-प्रतिशत निरीक्षण कर उच्च गुणवत्ता से कार्य कराने के निर्देश दिए हैं।
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जिले की कई ग्राम पंचायतों में रोजगार देने के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जा रही है। ऐसा इसलिए स्पष्ट हो रहा है कि कुछ ग्राम पंचायतों में एक से चार श्रमिक ही काम करते पाए गए हैं। 25 फरवरी को एमआईएस की समीक्षा में यह बात उजागर हुई। समीक्षा में पाया गया कि पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवकों के साथ बैठकें नहीं कर रहे हैं। विकासखंड स्तरीय मनरेगा कार्मिक एपीओ, कंप्यूटर आपरेटर, लेखा सहायक द्वारा सही स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है। इस वजह से ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की मांग के सापेक्ष रोजगार नहीं मिल रहा है। जिन ग्राम पंचायतों में 1 से 4 श्रमिक काम कर रहे हैं, उनमें ग्राम पिपरियावंशा, महोली, टीकरातिवारी, सिमरा, बिल्ला, दिदौरा, चदांवली, ऊमरी, जामुनधाना खुर्द, मनगुवां, नौहर कलां, ककरुआ, पनारी, बैरवारा व गौना शामिल है।
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उपायुक्त श्रम व रोजगार रवींद्र वीर यादव ने खंड विकास अधिकारी बिरधा, जखौरा, मड़ावरा व बार को निर्देशित किया कि चिह्नित ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवक एवं पंचायत सचिवों का वेतन समीक्षा दिवस का रोक दिया जाए, साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायतों में शासन की मंशा के अनुसार कम से कम 60 श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया जाए। उन्होंने कार्यों का शत-प्रतिशत निरीक्षण कर उच्च गुणवत्ता से कार्य कराने के निर्देश दिए हैं।
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