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घूंघट की ओट में कई महिला प्रतिनिधियों ने ली शपथ
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घूंघट में सरकार, कैसे होगा विकास
ललितपुर। देश में जहां महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं, वहीं ललितपुर जिले की स्थिति कुछ हटकर है। यहां की महिलाएं घूंघट प्रथा से उबर नहीं पाई हैं। ऐसा ही कुछ नजारा ग्राम प्रधानों की शपथ ग्रहण कार्यक्रम में देखने को मिला।
ग्राम पंचायत के लिए निर्वाचित कई महिला प्रधान एवं सदस्यों ने घूंघट में चेहरा छिपाकर शपथ ली, जो चर्चा का विषय रहा। लोगों का कहना है कि जब तक महिलाएं घूंघट जैसी पुरानी प्रथा से बाहर नहीं निकलेंगी, तब तक वह अपने अधिकारों को न तो पहचान पाएगी और न ही उनका इस्तेमाल कर पाएगी। पिछले दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए गए। इसमें जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व प्रधान का निर्वाचन हुआ। इस दौरान क्षेत्रीय मतदाताओं ने कई निरक्षर प्रत्याशियों पर भरोसा जताते हुए उन्हें जीत दिलाई। गत दिवस नवनिर्वाचित प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्यों ने शपथ ली। जिले की कुछ ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं, जहां महिला जनप्रतिनिधियों ने घूंघट की ओट में शपथ ली। इस तरह के हालात पर लोगों के अपने-अपने तर्क हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सगे, संबंधियों का लिहाज करते हुए कई महिलाओं ने चेहरे से घूंघट नहीं हटाया। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि जब तक महिलाएं घूंघट से बाहर नहीं आएगी, तब तक वह खुलकर अपनी बात दूसरों के समक्ष नहीं रख पाएंगी। इसका विपरीत असर गांव के विकास पर पड़ सकता है, जो महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं, उन्होंने झिझक को तोड़ा है, जिससे वह बेहतर काम कर पा रही हैं।
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ललितपुर। देश में जहां महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं, वहीं ललितपुर जिले की स्थिति कुछ हटकर है। यहां की महिलाएं घूंघट प्रथा से उबर नहीं पाई हैं। ऐसा ही कुछ नजारा ग्राम प्रधानों की शपथ ग्रहण कार्यक्रम में देखने को मिला।
ग्राम पंचायत के लिए निर्वाचित कई महिला प्रधान एवं सदस्यों ने घूंघट में चेहरा छिपाकर शपथ ली, जो चर्चा का विषय रहा। लोगों का कहना है कि जब तक महिलाएं घूंघट जैसी पुरानी प्रथा से बाहर नहीं निकलेंगी, तब तक वह अपने अधिकारों को न तो पहचान पाएगी और न ही उनका इस्तेमाल कर पाएगी। पिछले दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए गए। इसमें जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व प्रधान का निर्वाचन हुआ। इस दौरान क्षेत्रीय मतदाताओं ने कई निरक्षर प्रत्याशियों पर भरोसा जताते हुए उन्हें जीत दिलाई। गत दिवस नवनिर्वाचित प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्यों ने शपथ ली। जिले की कुछ ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं, जहां महिला जनप्रतिनिधियों ने घूंघट की ओट में शपथ ली। इस तरह के हालात पर लोगों के अपने-अपने तर्क हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सगे, संबंधियों का लिहाज करते हुए कई महिलाओं ने चेहरे से घूंघट नहीं हटाया। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि जब तक महिलाएं घूंघट से बाहर नहीं आएगी, तब तक वह खुलकर अपनी बात दूसरों के समक्ष नहीं रख पाएंगी। इसका विपरीत असर गांव के विकास पर पड़ सकता है, जो महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं, उन्होंने झिझक को तोड़ा है, जिससे वह बेहतर काम कर पा रही हैं।
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