{"_id":"5fd910088ebc3e3f760f00c6","slug":"gogs-violant-by-winter-lalitpur-news-jhs183570513","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन में 150 से अधिक लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन में 150 से अधिक लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा
विज्ञापन
नेहरू नगर में बैठे कुत्ता
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। सर्दी बढ़ने के साथ ही कुत्ते हमलावर हो गए हैं। इस कारण लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ गईं हैं। तीन दिन में 150 लोगों को कुत्तों ने काट लिया है।
शहरवासी जानवरों से पहले ही परेशान थे कि अब लावारिस कुत्तों का खौफ भी बढ़ गया है। अधिकांश गलियों में और सड़क पर लावारिस कुत्ते नजर आ रहे हैं। संख्या अधिक होने से लोगों में भय का माहौल है। इस कारण लोग सजगता से गलियों में गुजरने को मजबूर हैं। कई बार तो कुत्तों के झुंड गलियों में घूमते नजर आते हैं, इस कारण लोग रास्ता बदल लेते हैं। बच्चे रास्ते से अकेले निकलने से डरते हैं। अधिकांश लोग कुत्तों को देखकर उनसे बचाव करके ही रास्ते से गुजरते हैं। कई कुत्ते भौंकते हुए बाइक का पीछा करते हैं। इससे अक्सर बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना हो जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिला अस्पताल में नवंबर में 313 मरीज सामने आए थे, जिन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया है। दिसंबर में अब तक 163 मरीज इंजेक्शन लगवा चुके हैं। बीते तीन दिन में सर्वाधिक 150 लोगों को कुत्तों ने काटा है।
विज्ञापन
-------
सीएचसी व पीएचसी पर लग रहे इंजेक्शन
जिला अस्पताल के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर कुत्तों से काटने वाले मरीजों को इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। सीएचसी व पीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने की सुविधा है।
------
स्टोर में 1800 सौ एंटी रैबीज इंजेक्शन थे। इनमें अप्रैल से अब तक आठ सौ इंजेक्शन लग चुके हैं। वर्तमान में 1000 इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
- उमाशंकर गुप्ता
चीफ फार्मासिस्ट
स्टोर इंचार्ज
------
जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में हैं। प्रतिदिन 50 इंजेक्शन स्टोर से निकलवाए जाते हैं। वर्तमान में मरीजों की संख्या अधिक हो गई है।
- सीपी सिंह, फार्मासिस्ट, जिला अस्पताल
विज्ञापन
शहरवासी जानवरों से पहले ही परेशान थे कि अब लावारिस कुत्तों का खौफ भी बढ़ गया है। अधिकांश गलियों में और सड़क पर लावारिस कुत्ते नजर आ रहे हैं। संख्या अधिक होने से लोगों में भय का माहौल है। इस कारण लोग सजगता से गलियों में गुजरने को मजबूर हैं। कई बार तो कुत्तों के झुंड गलियों में घूमते नजर आते हैं, इस कारण लोग रास्ता बदल लेते हैं। बच्चे रास्ते से अकेले निकलने से डरते हैं। अधिकांश लोग कुत्तों को देखकर उनसे बचाव करके ही रास्ते से गुजरते हैं। कई कुत्ते भौंकते हुए बाइक का पीछा करते हैं। इससे अक्सर बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना हो जाती है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिला अस्पताल में नवंबर में 313 मरीज सामने आए थे, जिन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया है। दिसंबर में अब तक 163 मरीज इंजेक्शन लगवा चुके हैं। बीते तीन दिन में सर्वाधिक 150 लोगों को कुत्तों ने काटा है।
विज्ञापन
-------
सीएचसी व पीएचसी पर लग रहे इंजेक्शन
जिला अस्पताल के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर कुत्तों से काटने वाले मरीजों को इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। सीएचसी व पीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने की सुविधा है।
------
स्टोर में 1800 सौ एंटी रैबीज इंजेक्शन थे। इनमें अप्रैल से अब तक आठ सौ इंजेक्शन लग चुके हैं। वर्तमान में 1000 इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
- उमाशंकर गुप्ता
चीफ फार्मासिस्ट
स्टोर इंचार्ज
------
जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में हैं। प्रतिदिन 50 इंजेक्शन स्टोर से निकलवाए जाते हैं। वर्तमान में मरीजों की संख्या अधिक हो गई है।
- सीपी सिंह, फार्मासिस्ट, जिला अस्पताल