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जीआईएस सर्वे की रफ्तार सुस्त

Thu, 26 May 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 26 May 2016 01:14 AM IST
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gis, lalitpur news - फोटो : demo
ललितपुर। शहर का जीआईएस सर्वे सुस्त रफ्तार से चल रहा है। हालातों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कंपनी को दिसंबर माह में कार्य पूरा करके देना था, लेकिन अभी तक सिर्फ एक चौथाई कार्य ही हो सका है। ऐसे में जमीन के कारोबारी मनमर्जी से अपना कारोबार फैलाते जा रहे हैं।   
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गांवों के लोग तेजी से शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। इससे शहर में जमीनों के दाम आसमान छूते जा रहे हैं। जिसे जहां पर भी जमीन मिल रही है, वह मकान बनाता जा रहा है। इससे शहर में न केवल तेजी से मकानों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि अनियमित विकास भी हो रहा है। बहुत से मकान ग्रीन बेल्ट (हरित पट्टी) और शहर की महायोजना के अंतर्गत प्रतिबंधित जमीन पर बन रहे हैं।
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इसे ध्यान में रखते हुए नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र और गोरखपुर की कंपनी के बीच जीआईएस सर्वे करने के लिए करार हुआ था। कंपनी को जीआईएस (ज्योग्राफिकल इनफारमेशन सिस्टम) के माध्यम से पूरे शहर की मैपिंग करनी थी। इसमें कहां पर जलाशय है, कहां सरकारी अथवा गैर सरकारी कार्यालय है, कहां नाली, स्ट्रीट लाइट, पुरातात्विक महत्व की इमारतें हैं, अथवा कहां पर स्कूल या कालेज हैं, आदि सभी का सर्वे किया जाना था।
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कौन सा क्षेत्र हरित पट्टी क्षेत्र में आता है, इसका भी पूरा ब्योरा तैयार किया जाना था। साथ ही इससे अनियमित विकास पर लगाम लग सकेगी, क्योंकि तब पूरा शहर ऑनलाइन नक्शे पर रहेगा। इसमें सबसे खास बात यह रहेगी कि शहर के मानचित्र के ऊपर सजरा (खसरा व खतौनी)  को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जाएगा। इसके आधार पर ग्रीन बेल्ट की सीमा निर्धारित की जा सकेगी।

कंपनी को करीब 13 लाख रुपये में सर्वे करने की जिम्मेदारी मिली थी और कंपनी ने दिसबंर- 2015 में कार्य पूरा करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कार्य अटका पड़ा है। इसकी वजह पहले पंचायत चुनाव के कारण कंपनी का भुगतान लटका रहा, जब भुगतान किया गया तो कंपनी के कर्मचारी बीमार हो गए। इस कारण से काम अटका पड़ा है। विभागीय जानकारों की मानें तो तेज गर्मी के कारण कंपनी के कर्मचारी काम करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।

नक्शा तैयार होगा  
जीआईएस सर्वे का काम नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद से अधिकृत किया गया है। इसमें अक्षांतर और देशांतर पर शहर का नक्शा तैयार किया जाएगा।

यह गांव किए गए शामिल
महा योजना के अंतर्गत शहर के आसपास के बीस ग्राम जुगपुरा, मसौरा खुर्द, मसौरा कलां, मिर्चवारा, जिजियावन, महेशपुरा, ककरुआ, खिरिया मिश्र, पठा गौरी, रौंड़ा, हसनवारा, सिवनी खुर्द, सिलावन, दुर्जनपुरा, बहरावट, खिरिया खुर्द, पनारी, चंदेरा, अमरपुरा और रामनगर गांव सर्वे में शामिल किए गए हैं।


एजेंसी को चार लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है। अभी तक एक चौथाई कार्य हुआ है। कार्य में तेजी की जरूरत है। यदि कंपनी तेजी से कार्य नहीं कर पा रही है तो कांट्रेट किसी और कंपनी को दिया जाएगा, लेकिन अब कार्य में तेजी लाने की जरूरत है। क्योंकि सर्वे में काफी समय खराब हो गया है।  
- नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र/ एसडीएम रमेश चंद्र
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