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जीआईसी के 854 छात्रों का भविष्य अधर में लटका

Fri, 06 Aug 2021 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 12:54 AM IST
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gic, 854 students, intermediat marksheet fault
जी आई सी स्कूल - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड की लापरवाही के चलते राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट के 854 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। परीक्षा परिणाम आने के बाद इनकी अंकतालिकाओं में नंबर नहीं दर्शाए गए जिस कारण स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाओं में प्रवेश के लिए उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। छात्रों ने इस संबंध में जिले से लेकर बोर्ड के अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र भेज कर गुहार लगाई है।
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जानकारी के मुताबिक राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की अलग-अलग विषयों की कक्षाओं में 854 छात्रों को इस साल परीक्षा में बैठना था लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते छात्रों की परीक्षाएं नहीं कराई गईं। बोर्ड ने हाईस्कूल, 11वीं व इंटर प्री बोर्ड की परीक्षाओं में मिले अंक के आधार पर इंटरमीडिएट का परीक्षाफल तैयार कराया था। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों को उम्मीद थी कि अंकतालिका मिलते ही वह स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाओं में प्रवेश लेंगे लेकिन ऑनलाइन रिजल्ट में अंक प्रदर्शित न होने पर छात्रों को चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि वह बीए या बीएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने के लिए जब डिग्री कॉलेज जाते हैं तो अंकतालिका में नंबर न होने पर प्रवेश नहीं हो पाने की बात कहकर टरका दिया गया। छात्र सौरभ सिंह, सुंदरम सिंह राठौर, राघव चौबे, सक्षम नामदेव, आनंद झा, अनुज राजपूत, अभय साहू सहित तमाम छात्र कॉलेज के प्रधानाचार्य से लेकर डीआईओएस और अब माध्यमिक शिक्षा परिषद को प्रार्थना पत्र देकर अंकतालिकाएं सुधरवाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकतालिकाओं में नंबर न चढ़ पाने से वह लोग मानसिक तनाव में हैं।
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बोले जिम्मेदार
जीआईसी के छात्रों की अंकतालिकाओं में नंबर न चढ़े होने के संबंध में बोर्ड को पत्र लिखा गया है। जिला स्तर से पहले ही सभी डाटा भेज दिया गया था। किन कारणों से ऐसा हुआ इस संबंध में सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद से बात कर समस्या का निदान कराएंगे।- रामशंकर, डीआईओएस
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