फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Getting the name of the municipality extortion

नगर पालिका के नाम पर हो रही अवैध वसूली

Wed, 27 Apr 2016 12:59 AM IST
Lalitpur
Lalitpur Updated Wed, 27 Apr 2016 12:59 AM IST
विज्ञापन
Getting the name of the municipality extortion
नगर पालिका के नाम पर हो रही अवैध वसूली - फोटो : Amar Ujala
ललितपुर। नगर पालिका द्वारा दिए गए पार्किंग ठेकों में अवैध वसूली थमने का नाम नहीं ले रही है। पीड़ित टैक्सी संचालकों ने कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र देकर अपनी समस्या बताई। वहीं, नगर पालिका ने पार्किंग दरों की सूची जारी कर निर्धारित दरों से अधिक पैसा नहीं देने को कहा है।
विज्ञापन

मंगलवार को टैैक्सी यूनियन के महामंत्री दीनदयाल ने कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा। इसमें बताया कि नगर पालिका परिषद के नाम पर नगर में चलने वाली टैक्सियों के नाम पर पांच से दस रुपये की पर्ची काटी जा रही है। इस पर्ची पर न तो ठेकेदार का नाम लिखा होता है और न ही कोई राशि का उल्लेख होता है। अगर कोई टैक्सी चालक विरोध करता है, तो उसके साथ मारपीट कर अभद्रता करते हैं। इस मामले की कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में बब्लू राठौर, विजय, बलराम, अवधेश कुमार, राजीव जैन, हरीशंकर सोनी, आशाराम, रवि, जाहिद खां आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन

उधर, अवैध वसूली के आरोपों की लगातार आ रही शिकायतों को लेकर मंगलवार को नगर पालिका की ओर से पार्किंग शुल्क की निर्धारित दरों की सूची जारी की गई है। इसमें अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि शासन द्वारा तय राशि के अनुसार निर्धारित पार्किंग शुल्क ही दिया जाए। इसमें साइकिल स्टैंड पर शुल्क तीन रुपये प्रतिदिन, पार्किंग शुल्क ट्रक से 15 रुपये, ट्रैक्टर (कृषि कार्य को छोड़कर) दस रुपये व मिनी लोडिंग चार पहिया दस रुपए शुल्क तय किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दस गुना से ज्यादा तक होती है वसूली
नगर पालिका की ओर से पहली बार पार्किंग व तहबाजारी के शुल्क सार्वजनिक किए गए हैं। अभी तक ठेकेदारों द्वारा तय शुल्क से कई गुना ज्यादा रुपया वसूला जा रहा था। ट्रक से पार्किंग के 15 रुपये की बजाय डेढ़ सौ रुपये तक का शुल्क वसूला जा रहा है। वहीं, लोडिंग चार पाहिया व ट्रैक्टर से साठ से अस्सी रुपये तक वसूला जाता है। हैरानी वाली बात यह है कि नगर पालिका की ओर से पार्किंग का ठेका तो कर दिया गया, लेकिन कहीं पार्किंग स्थल तय नहीं हैं। इस कारण से ठेकेदार के गुर्गे पूरे शहर में घूमकर अवैध वसूली करते हैं। हर साल ठेकेदार तो बदलते रहते हैं, लेकिन वसूली करने वाले गुर्गे वही रहते हैं। वसूली करने वाले गुर्गे वाहन चालकों के साथ अभद्रता कर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। नगर पालिका की ओर से केवल ट्रक, ट्रैक्टर व लोडिंग वाहन का पार्किंग शुल्क वसूल करने का ठेका दिया गया है। लेकिन वसूली करने के दायरे में कार को ले लिया जाता है।


यह हैं ठेकेदार/कर्मचारियों के नाम
बस स्टैंड का ठेका नहीं होने के कारण यहां पर 15 रुपये प्रति बस के हिसाब से पालिका कर्मचारी अमित रैकवार वसूली करता है। शहर में चलने वाली टैक्सी का ठेका तीन रुपये प्रतिदिन मिनी टैक्सी और आपे व लोडिंग का ठेका आठ रुपये प्रतिदिन पालिका कर्मचारी महेंद्र सिंह यादव द्वारा वसूल किया जाता है। इसके अलावा साइकिल स्टैंड का ठेका तीन रुपये प्रतिदिन के हिसाब से, ट्रैक्टर दस रुपये और ट्रक पंद्रह रुपये प्रतिदिन के हिसाब से ठेकेदार द्वारा वसूलने के लिए निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed